बाबूलाल मरांडी से खास बातचीत : साल-2022 में हुए शराब घोटाले का किया जिक्र,बोले-आरोपियों को बचाने का चल रहा खेल
रांची:झारखंड विधानसभा में नेता प्रतिपक्षबाबूलाल मरांडीने झारखंड में कथित शराब घोटाला मामले को लेकर कई बड़े खुलासे किये हैं. बाबूलाल मरांडी के बयान के बाद से सियासी पारा तेज हो गया है.कशिश न्यूज से खास बातचीत के दौरानसाल-2022 में राज्य में हुए शराब घोटाले का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आरोपियों को एक साजिश के तहत सरकार बचाने में लगी हुई है. इसी कारण उन्होंने राज्यपाल संतोष गंगवार से मिलकर मामले की सीबीआई जांच की मांग की है.
आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई
बाबूलाल ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार की जांच एजेंसी एंटी करप्शन ब्यूरो ने सोची समझी साजिश के तहत तय सीमा के अंदर गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की है. इस कारण आरोपियों का बाई डिफ़ॉल्ट बेल हो गया. बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह सब पैसे के खेल के बदौलत किया गया है. उन्होंने कहा कि इस मामले के आरोपी पूर्व आईएएसविनय चौबेको भी बाई डिफ़ॉल्ट बेल मिला है.
महागठबंधन में झलक रही तकरार
कशिश न्यूज पर उन्होंने खुलासा करते हुए कहा कि इस मामले में उन्होंने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर आगाह भी किया था, लेकिन मुख्यमंत्री ने कोई ध्यान नहीं दिया. जिसके कारण बड़ा घोटाला हुआ और अब आरोपियों को बचाने का खेल चल रहा है. दूसरी तरफ उन्होंने असम चुनाव को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस पर अलग-अलग चुनाव लड़ने को लेकर भी सवाल खड़े किये हैं. कहा कि इन दोनों पार्टियों की गठबंधन की सरकार झारखंड में है, लेकिन इन दोनों पार्टी द्वारा असम में अलग-अलग चुनाव लड़ा जाना समझ से परे हैं. कहीं ना कहीं गठबंधन में तकरार साफ झलक रही है.
बीजेपी-जेएमएम की बीच कोईनजदीकी नहीं
वहीं, उन्होंनेकशिश न्यूज़पर इस बात का भी खुलासा किया है कि असम चुनाव में कांग्रेस और बीजेपी के बीच फ्रेंडली फाइट की चर्चा बेवजह है. वहीं, बीजेपी और जेएमएम की बीच किसी तरह की कोई नजदीकी होने की चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है. कहा कि बीजेपी का झारखंड मुक्ति मोर्चा से किसी तरह का कोई सॉफ्ट कॉर्नर नहीं है.





