CM नीतीश ने समस्तीपुरवासियों को दी बड़ी सौगात : 827 करोड़ की विकास योजनाओं का किया शिलान्यास और उद्घाटन

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समस्तीपुर : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में समस्तीपुर में गुरुवार को 827 करोड़ की लागत से विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसमें 471 करोड़ रुपये की 71 योजनाओं का शिलान्यास और 2,045 लाख रुपये की लागत से अधिकारियों के आवास निर्माण सहित अन्य परियोजनाएं शामिल हैं.

मुख्यमंत्री ने सरायरंजन के नरघोघी स्थित इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान में आयोजित कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ किया. इनमें 10 प्रखंडों के प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय,तीन प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर,40 पंचायत सरकार भवन ,पुलिस केंद्र में 200 महिला सिपाही बैरक, पूसा में 20 महिला सिपाही बैरक एवं बंगरा और चकमहेसी में महिला सिपाही बैरक निर्माण कार्य शामिल हैं.

इससे पहले CM ने सरायगंज में 827 करोड़ की लागत वाली जिले की अलग-अलग विकास योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसके बाद वे राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में करीब 25 स्टॉलों का जायजा लेने पहुंचे. स्टॉल देखते हुए लोगों का अभिवादन करते आगे बढ़ गए.मुख्यमंत्री ने कॉलेज कैंपस में एक करोड़ 22 लाख की लागत से नवनिर्मित इम्यूनिटी भवन का उद्घाटन किया. इसके साथ ही इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए बनी वर्कशॉप, क्लास रूम और छात्र-छात्राओं की ओर से बनाए गए प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया. CM ने यहां स्टूडेंट्स से भी बात की.

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में उन लोगों ने कोई काम नहीं किया. पहले बिहार की स्थिति बहुत खराब थी. हिन्दू-मुस्लिम झगड़े होते थे. पढ़ाई की हालत बहुत बुरी थी. सड़कें नहीं थीं. बिजली नहीं थी. स्वास्थ्य व्यवस्था भी खराब थी.

इसके बाद हमलोग आए तो हमने काम करवाना शुरू किया. अब कहीं डर का माहौल नहीं था. राज्य में कानून का राज है. पहले हिंदू-मुस्लिम झगड़े होते थे तो वो लोग कुछ नहीं करते थे. हम लोगों ने कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाकर इन झगड़ों को खत्म किया.'

वहीं उन्होंने कहा हमारी सरकार आई तो हमने कब्रिस्तानों की घेराबंदी करवाई. पहले इसको लेकर हिंदू-मुस्लिम-झगड़े होते थे. अब सब ठीक है. हिन्दू मंदिरों में भी तोड़फोड़ होती थी. हमने मंदिरों की भी घेराबंदी करवाई है. वो लोग सिर्फ लोगों को लड़वाते थे. किसी समस्या का हल नहीं निकालते थे.

पहले लोग घर से निकलने पर डरते थे. उन लोगों के राज में डर का माहौल था. महिलाएं घर से बाहर निकलने से डरती थीं. शाम के बाद तो हमलोग भी घरों में छिप जाते थे. अनहोनी की आशंका बनी रहती थी. लूट,अपहरण,हत्या यही सब होता था,लेकिन अब देखिए लोग आराम से रातभर घूमते हैं.

2018 में ही हर घर बिजली पहुंचाई. उन लोगों के राज में बिजली नहीं थी. हमने पैसे लगाए. 2018 में ही हर घर बिजली पहुंचा दी गई. हमने पहले सस्ती दर पर बिजली दी. इसके बाद हमें लगा कि इसे नहीं लेना चाहिए. अब घरेलु उपभोक्ताओं को बिजली मुफ्त दी जा रही है. सरकार छतों पर सोलर लगा रही है. इसे लगवाइए आपको बहुत फायदा होगा.

बिहार में 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदी हैं. महिलाओं को हमने 2013 में 35 फीसदी आरक्षण दिया. 2016 में फिर से हमने उन लोगों के लिए आरक्षण दिया. पहले बिहार में स्वयं सहायता समूह की संख्या बहुत कम थी. 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर हमने राज्य में स्वयं सहायता समूह का गठन किया. इसे जीविका दीदी नाम दिया गया. इनकी संख्या 1 करोड़ 40 लाख हो गई है. 2024 में हमने स्वयं सहायता समूह का गठन किया. अब 4 लाख 34 हजार जीविका दीदियां शहरी क्षेत्र में बन गई हैं.

अगले 5 सालों में 1 करोड़ नौकरी-रोजगार देंगे. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपए दिए गए. 2-2- लाख रुपए देकर उनके रोजगार को आगे बढ़ा रहे हैं. युवाओं के लिए भी सरकार लगातार काम कर रही है. अगले 5 साल में 1 करोड़ नौकरी और रोजगार का लक्ष्य रखा गया है.

समृद्धि यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों से जुड़ी 71 योजनाओं का शिलान्यास किया. जिसकी कुल लागत 470.24 करोड़ रुपए है. जबकि विभिन्न विभागों की 74 योजनाओं का उद्घाटन हुआ. जिसकी कुल लागत 273 .22 करोड़ रुपए हैं.