बोकारो पहुंचे चंपाई सोरेन : पीड़ितों से जाना हालचाल,बोले-विस्थापितों के आंदोलन को बनाएंगे जन आंदोलन
चतरा:झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन विस्थापितों की लड़ाई में साथ देने के लिए शुक्रवार को बोकारो पहुंचे.चंपई सोरेन ने विस्थापित गांव पहुंचकर पीड़ितों से हालचाल जाना. स्टील प्लांट बनने से विस्थापित हुए लोगों के आंदोलन को जन आंदोलन बनाने की मुहिम शुरू की है. पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने नया मोड़ पर बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर फूल चढ़ाकर आंदोलन की शुरुआत की. इस दौरान उन्होंने खाली पड़े जमीन पर हल जोतने का भी काम किया.ग्रामीणों ने जमीन के कई कागजात भी पूर्व मुख्यमंत्री के समक्ष रखा.
लोगों ने बताया कि हम लोगों को बच्चों की पढ़ाई से लेकर कोई भी कागजात बनाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. जिस कारण हम लोग अपने मौलिक अधिकार से वंचित रह जा रहे हैं.
चंपाई सोरेन ने कहा किभूमि अधिग्रहण में नियम है कि अगर 5 साल तक जमीन का इस्तेमाल नहीं किया जाता है तो उसे विस्थापित लोगों को वापस कर दिया जाएगा, लेकिन 60 साल बाद भी विस्थापित लोगों को आज तक न्याय नहीं मिला है.चंपाई सोरेन ने ये भी कहा कि स्टील प्लांट निर्माण में जितनी जमीन ली गई है उसमें से कुछ में प्लांट बनाकर कुछ सड़क में गया तो कुछ पार्क निर्माण में गया,लेकिन आज भी जमीन पहले की तरह खाली पड़े हुए हैं जहां खेत खलियान भी है.
चंपाई सोरेन ने कहा कि यह जमीन राज्य सरकार की है. राज्य सरकार चाहे तो इस जमीन को वापस ले सकती है, लेकिन सरकार यह कर नहीं सकती क्योंकि इच्छा शक्ति की कमी है. इसीलिए विस्थापितों को मैं न्याय देने के का काम करूंगा.





