बिहार टेंडर घोटाला : 4000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल,IAS संजीव हंस समेत 7 आरोपी
पटना: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में विशेष निगरानी इकाई (एसवीयू) ने महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए अदालत में करीब 4,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल कर दी है। इस मामले में आईएएस अधिकारी संजीव हंस, ठेकेदार रिशु सिंह समेत कुल सात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत आरोप पत्र तैयार
SVU के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) Pankaj Kumar Darad ने बुधवार को आयोजित प्रेस वार्ता में इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि लंबे समय तक चली जांच, दस्तावेजों की पड़ताल और विभिन्न साक्ष्यों के आधार पर विस्तृत आरोप पत्र तैयार किया गया है। जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष चार हजार पन्नों का आरोप पत्र प्रस्तुत किया है,जिसे इस मामले में अब तक की सबसे बड़ी कानूनी कार्रवाई माना जा रहा है।
कई महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेज सामने आए
चार्जशीट में संजीव हंस और रिशु श्री के अलावा मुमुक्षु चौधरी, तारिणी दास, उमेश कुमार सिंह, संतोष कुमार और पवन कुमार को भी आरोपी बनाया गया है। एसवीयू का दावा है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य और दस्तावेज सामने आए हैं, जिनके आधार पर आरोप पत्र तैयार किया गया है।इस मामले की चर्चा लंबे समय से बिहार की प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में होती रही है। आरोप है कि सरकारी टेंडरों और ठेकों के आवंटन में अनियमितताएं बरती गईं, जिससे सरकारी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए। हालांकि,आरोपियों की ओर से पहले भी अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया जाता रहा है।
मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी
अब अदालत में चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि अदालत आरोप पत्र का संज्ञान लेती है, तो आरोप तय करने और सुनवाई की दिशा में अगला कदम उठाया जाएगा। इस कार्रवाई को बिहार में भ्रष्टाचार के मामलों पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है.





