पटना: BPSCपरीक्षा में अनियमितताओं,मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी और अभ्यर्थियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ छात्र एवं अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं. आज ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने अभ्यर्थियों के इस संघर्ष के समर्थन में धरना स्थल पर पहुंचकर आंदोलन के साथ एकजुटता जाहिर की है. आइसा ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही कोई विशेष मांग नहीं,बल्कि हर अभ्यर्थी का लोकतांत्रिक अधिकार है.

आइसा बिहार के राज्य अध्यक्ष कॉमरेड धनंजय,राज्य सचिव कॉमरेड दीपांकर,राज्य उपाध्यक्ष कॉमरेड सबा आफ़रीन,तथा आइसा पटना विश्वविद्यालय के नेता कॉमरेड विवेक आनंद सुंदर और कॉमरेड आदर्श ने आंदोलन में शामिल होकर अभ्यर्थियों की मांगों का समर्थन किया. आइसा नेताओं ने कहा कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बाद अभ्यर्थी जब परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और अस्पष्टता का सामना करते हैं,तो इसका सीधा असर उनके भविष्य पर पड़ता है. इसलिएBPSCको अभ्यर्थियों के सवालों का स्पष्ट और सार्वजनिक जवाब देना चाहिए.
आइसा ने मांग की कि परीक्षा से संबंधित सभी आवश्यक डेटा और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं,अभ्यर्थियों की उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए,मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए तथा परीक्षा से जुड़े सभी नियमों औरSOPका सख्ती से पालन किया जाए. साथ ही अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई की जाए और अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए.
आइसा बिहार ने कहा किBPSCअभ्यर्थियों का संघर्ष केवल एक परीक्षा का सवाल नहीं,बल्कि बिहार की पूरी प्रतियोगी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता,जवाबदेही और विश्वसनीयता का सवाल है. आइसा अभ्यर्थियों के अनिश्चितकालीन आंदोलन के साथ मजबूती से खड़ा है और जब तक उनकी जायज़ मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती,तब तक इस संघर्ष को व्यापक बनाने के लिए छात्र-युवा समुदाय को लामबंद किया जाएगा.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट--

