

शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026
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पटना। बिहार में एक दलित बच्ची के साथ रेप की घटना और इलाज में देरी से हुई मौत को लेकर राजनीति गर्म है। पटना PMCH में रेप पीड़ित बच्ची की मौत के विरोध में बिहार कांग्रेस ने आज 'हल्ला बोल' मार्च निकाला। इस मार्च में पार्टी के कई नेता शामिल हुए। इस घटना के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता पटना की सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्होंने न्यायिक जांच व दोषियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए कहा, "न्यायिक जांच हो...फास्ट ट्रैक के माध्यम से उस बच्ची के बलात्कारी को फांसी की सजा मिले।कृष्णा अल्लावरु ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना पटना PMCH में दलित बच्ची की मौत पर कांग्रेस ने बिहार सरकार पर तीखा हमला बोला है। बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरु ने बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को फेल बताया है। उन्होंने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार की बेटी चार घंटे तक तड़पती रही। ना मुख्यमंत्री कुछ कर पाए, ना कोई मंत्री। हम लोगों को खुद सड़क पर उतरकर उसे भर्ती करवाने की कोशिश करनी पड़ी। इससे समझिए बिहार के सिस्टम की हालत क्या है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं को बच्ची को भर्ती कराने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा।कृष्णा अल्लावरु ने नीतीश सरकार पर उठाया सवालकृष्णा अल्लावरु ने डबल इंजन सरकार पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "बिहार में डबल इंजन की सरकार का फायदा सिर्फ मंत्रियों और नेताओं को हो रहा है, न वंचितों को, न बच्चों को। जनता अगर अब भी नहीं बोलेगी तो कब बोलेगी?" उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार के मंत्री इस पूरे मामले पर खामोश हैं और किसी ने भी अब तक कोई संवेदना तक नहीं जताई।
पटना। कांग्रेस मुख्यालय के सदाकत आश्रम में मिलन समारोह आयोजित हुआ। इसमें राष्ट्रीय समता पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष धीरू शर्मा अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ कांग्रेस में शामिल हो गए, पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने धीरू शर्मा को पार्टी की सदस्यता दिलाई। जहां मीडिया से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष राजेश ने PM मोदी के रोड शो को फ्लॉप बताया। धीरू शर्मा ने कांग्रेस का थामा दामन राजेश राम ने सदस्यता दिलाने के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि धीरू शर्मा के साथ महिलाओं,दलितों,अकलियतों ने भी पार्टी की सदस्यता ली है। इनके पार्टी में शामिल होने से कांग्रेस मजबूत होगी, हालांकि राजेश राम मे साफ किया है कि वो बिना किसी शर्त के साथ पार्टी में शामिल हुए यानि टिकट या चुनाव लड़ने की उन्होंने कोई शर्त नहीं रखी है। धीरू शर्मा का संबंध गया से है, उनके साथ अगड़ी जाति के सैकड़ों लोगों ने कांग्रेस की सदस्यता ली है।PM मोदी के रोड शो को कांग्रेस ने फ्लॉप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कल पटना में आयोजित पीएम मोदी के रोड शो को फ्लॉप करार दिया है। मीडिया के सवाल के जवाब में राजेश राम ने कहा कि, बिहार के लोगों की पीएम मोदी के प्रति आस्था घटी है। यही वजह है पीएम मोदी थोड़ा ही वक्त बिताकर रोड शो से निकल गए। हालांकि जदयू ने पीएम मोदी के रोड शो को सफल करार दिया है, पार्टी के प्रवक्ता हिमराज राम ने कहा कि, कल पटना में गर्मी थी,इसके बावजूद पीएम मोदी को लोग देखने के लिए पहुंचे थे।
पटना। बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले है। ऐसे में कांग्रेस पार्टी ने सभी 243 सीटों पर टिकट दावेदारों से आवेदन मांगे हैं। कांग्रेस के इस कदम से सियासी गलियारे में चर्चाओं का दौर जारी है। इस बीच, पार्टी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि कांग्रेस आगामी चुनाव में राज्य की सभी सीटों पर उम्मीदवार नहीं उतारेगी। प्रदेश कांग्रेस नेताओं ने कहा कि उनकी पार्टी आरजेडी समेत अन्य घटक दलों के साथ मिलकर महागठबंधन में ही चुनाव लड़ेगी। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने बताया कि पार्टी ने सभी सीटों पर दावेदारों से आवेदन क्यों मांगे।कांग्रेस ने सभी 243 सीटों के लिए मांगे आवेदनराजेश राम ने कहा कि कांग्रेस बिहार की सभी 243 सीटों पर आवेदन ले रही है। हालांकि, महागठबंधन के तहत जो सीटें पार्टी के हिस्से में आएंगे, अंतिम रूप से उन्हीं सीटों पर उम्मीदवार की घोषणा की जाएगी। उन्होंने टिकट मांगने वालों को क्यूआर कोड स्कैन कर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा। कांग्रेस पार्टी की ओर से क्यूआर कोड पिछले दिनों जारी किया गया था। सोमवार को प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम समेत अन्य नेताओं ने पटना स्थित सदाकत आश्रम स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।उम्मीदवारों को क्या करना होगा?प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम कहा कि डिजिटल फॉर्म में दिए गए सभी प्रमुख बिंदुओं को भरना जरूरी है, जिसमें सबसे पहले उम्मीदवारों द्वारा किए गए कार्यों की साप्ताहिक अपडेटेड रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यालय व वार-रूम को नियमित रूप से भेजना होगा। साथ ही 3000 घरों पर कांग्रेस का झंडा लगाने के साथ सभी फोटो biharbachao.com पर अपलोड करना होगा। साथ ही बूथ कमेटी की अपडेटेड लिस्ट वेरिफिकेशन के लिए प्रदेश अध्यक्ष कार्यालय व वॉर रूम में जमा करना है और प्रत्येक पंचायत या वार्ड में 10 महिलाओं की शक्ति समिति की लिस्ट बनाकर भेजनी है।टिकट की चाह रखने वालो को सोशल मीडिया पर रहना होगा एक्टिव प्रदेश कांग्रेस की ओर से जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, टिकट की चाह रखने वाले उम्मीदवारों को सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहना होगा। उम्मीदवारों के अंतिम अर्हता के रूप में प्रदेश कांग्रेस कमिटी द्वारा जो भी प्रोग्राम दिया जाएगा, उसे समय पर पूरा कर रिपोर्ट भेजने के साथ-साथ फेसबुक पर 25 हजार, इंस्टाग्राम पर 15 हजार फॉलोअर की संख्या सुनिश्चित करते हुए पंचायत-वार व्हॉट्सएप ग्रुप बनाना भी अनिवार्य है।
पटना। बिहार में 2025 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़े-बड़े नेताओं का दौरा शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, PM मोदी के साथ कांग्रेस सांसद राहुल गांधी 7 अप्रैल को बिहार दौरे पर आने वाले है। माना जा रहा है पटना में होने वाले 'संविधान सुरक्षा सम्मेलन' में शिरकत करेंगे। सूत्रों के से मिली जानकारी के मुताबिक, इस सम्मेलन के बाद राहुल गांधी कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार की 'नौकरी दो पदयात्रा' में भी शामिल हो सकते हैं। अमित शाह 29 मार्च को आने वाले हैं तो PM मोदी 24 अप्रैल को बिहार दौरे पर आ सकते हैं।कांग्रेस प्रदेश राजेश राम ने दी जानकारी सदाकत आश्रम में शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी कृष्ण मेमोरियल हॉल में नमक सत्याग्रह आंदोलन को याद करेंगे। उन्होंने कहा कि हर घर कांग्रेस का झंडा लगाया जाएगा। इसके लिए लोगों से आग्रह करेंगे कि अपनी गाड़ी और घरों में कांग्रेस का झंडा लगाएं। वही कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कहा कि वक्फ आंदोलन को कांग्रेस का भरपूर समर्थन है।पटना में करेंगे प्रेसवार्ता सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सम्मेलन में भाग लेने के बाद राहुल गांधी पटना में प्रेस को भी संबोधित करेंगे। इससे पहले दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में उन्होंने बिहार के पार्टी नेताओं के साथ बैठक की थी। बिहार कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर बताया गया था कि राज्य में जिला स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की मौजूदगी में सार्थक मीटिंग हुई। राहुल गांधी का नये साल में यह तीसरा बिहार दौरा होगा। इससे पहले वे 18 जनवरी और 5 फरवरी को बिहार आए थे।
PATNA : बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने वित्त मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा सोमवार को पेश बिहार के बजट को बेजान, बेअसरदार और उम्मीद के प्रतिकूल करार दिया। उन्होंने कहा कि चुनावी साल के बजट में उम्मीद थी कि इसमें रोजगार की बात होगी, महंगाई को कम करने की कम से कम तात्कालिक कोशिश होगी, युवाओं के लिए रोजगार युक्त प्रशिक्षण की बात होगी, महिलाओं को 500 रुपये में गैस सिलेन्डर मुहैया कराने की बात होगी।डीजल-पेट्रोल पर वैट घटाकर महंगाई पर नकेल कसने की बात होगी, किसान के लिए एमएसपी की बात होगी लेकिन सब के सब ढाक के तीन पात। चूंकि डबल इंजन की सरकार का यह आखिरी बजट है इसलिए बड़ी उम्मीद थी कि बिहार वासियों को कम से कम महंगाई और बेरोजगारी की मार से कुछ राहत मिलेगी लेकिन महंगाई को कम करने की बजाय सरकार तरकारी आउटलेट के जरिए मुनाफा कमाने की कोशिश में लग गई है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके अलावा नीतीश के सात निश्चय का कतरा भी बजट से गायब है। मेरी समझ में एक बात नहीं आती कि करीब 3 लाख 17 हजार करोड़ का बजट पेश किया गया है और 3 लाख 32 हजार करोड़ का ऋण है तो ये पैसे कहां से आएंगे और कैसे चुकाए जाएंगे। हकीकत यह है कि बजट को बढ़ा-चढ़ा कर पेश किया गया है। यह सब हवाबाजी है और कुछ नहीं है।
PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दिवंगत पत्नी मंजू सिंह के जन्मदिन पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ उनके बेटे निशांत भी मौजूद थे। इस दौरान निशांत भावुक हो गए और मां की याद में भावनाओं को रोक नहीं पाए।निशांत ने की बिहारवासियों से अपीलकशिश न्यूज़ से खास बातचीत में CM नीतीश के बेटे निशांत कुमार ने कहा कि उन्हें अपनी मां की बहुत याद आती है। बातचीत के दौरान वे भावुक हो गए और उनकी आंखों में नमी नजर आई। कशिश न्यूज़ से बात करते हुए निशांत ने बिहार की जनता से अपील की कि वे 2025 के विधानसभा चुनाव में उनके पिता नीतीश कुमार को फिर से मुख्यमंत्री बनाएं। उन्होंने कहा कि "इस बार जीत 2010 विधानसभा चुनाव से भी बड़ी होगी। बिहार को आगे बढ़ाने के लिए मेरे पिता को फिर से मुख्यमंत्री बनाना जरूरी है।"विधानसभा चुनाव लड़ने के सवाल पर किया किनाराजब निशांत कुमार से पूछा गया कि क्या वे खुद भी विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने इस सवाल को टाल दिया। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि वे अपने पिता के समर्थन में पूरी तरह खड़े हैं और चाहते हैं कि बिहार की जनता उन्हें एक और मौका दे।बिहार की राजनीति में हलचल तेजफिलहाल निशांत कुमार के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। क्या निशांत राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे? क्या वे अपने पिता के उत्तराधिकारी बन सकते हैं? इन सवालों के जवाब तो समय ही देगा लेकिन उनकी यह अपील राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पत्नी मंजू सिन्हा का राजनीतिक जीवन से सीधा संबंध नहीं था लेकिन वे हमेशा नीतीश कुमार के लिए एक मजबूत आधार रहीं। उनकी सादगी और सहजता के कारण वे लोगों के बीच सम्मानित रही हैं। उनके निधन के बाद से हर साल उनके जन्मदिन पर नीतीश कुमार उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।'राजनीति में आना स्वेच्छा पर करता है निर्भर'इधर, नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के बयान पर जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि निशांत कुमार का राजनीति में आना स्वेच्छा पर निर्भर करता है। वैसे मौसी और मामा ने भी निशांत के राजनीति में आने की इच्छा जताई है। उन्होंने केंद्रीय विद्यालय और BIT मेसरा से पढ़ाई की है, दिल्ली के RK पुरम से नहीं। अपने पिता के काम को याद करते हुए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव जाकर लोगों को बताने का आह्वान किया है तो इसमें बुराई क्या है?
PATNA : बिहार प्रदेश कांग्रेस की चुनावी तैयारी को धारदार बनाने के उदेश्य से बिहार के नवनियुक्त प्रभारी कृष्णा अल्लावारू 24 फरवरी को बिहार के दौरे पर पटना पहुंच रहे हैं। 24 फरवरी को यह सिलसिला पटना जिला से शुरू होगा, जिसके तहत पटना महानगर, पटना ग्रामीण-1 एवं पटना ग्रामीण-2 के अधीन आने वाले सांसद ,पूर्व सांसद, विधायक, विधानपार्षद ,पूर्व विधायक. पूर्व विधान पार्षद , मोर्चा संगठन, विभाग, प्रकोष्ठ अध्यक्ष के अलावा जिलाध्यक्ष, एआईसीसी सदस्य, प्रदेश डेलिगेट, प्रत्याशीगण, प्रखंड अध्यक्ष आदि लोगों के साथ मैराथन मीटिंग का दौर शुरू होगा। जमीनी हकीकत जानने के बाद प्रभारी प्रदेश के सभी वरिष्ठ नेताओं के साथ उसका विश्लेषण और उसपर मंथन करेंगे। अगले दिन यानी 25 फरवरी को प्रभारी एवं प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में वरिष्ठ नेताओं का दल बेगूसराय पहुंचेंगे। इस बैठक में बेगूसराय, खगड़िया और समस्तीपुर के सभी जमीनी स्तर नेता एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे। इसी तरह 26 फरवरी को यह कारवां भोजपुर पहुंचेगी जहां भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिलों के प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा होगी। फिर यही सिलसिला 27 फरवरी को मुजफ्फरपुर में दोहराया जाएगा, जहां मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा एवं सीतामढ़ी के प्रतिनिधियों के साथ विचार मंथन किया जाएगा।
PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा (मेंस) की तारीखों की घोषणा कर दी है। मुख्य परीक्षा 21 से 25 अप्रैल 2025 के बीच आयोजित की जाएगी। परीक्षा का आयोजन राजधानी पटना में ही किया जाएगा।परीक्षा से जुड़ी मुख्य बातें:⇨ परीक्षा तिथि : 21 अप्रैल से 25 अप्रैल 2025⇨ परीक्षा केंद्र : केवल पटना⇨ अभ्यर्थियों की संख्या : करीब 23,000 उम्मीदवार मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे⇨ भर्ती पदों की संख्या : 2000 से अधिकएकीकृत 70वीं संयुक्त मुख्य (लिखित) प्रतियोगिता परीक्षा की तिथि घोषित। आवेदन प्रक्रिया 21.02.2025 से शुरू, परीक्षा 25 अप्रैल 2025 से 30 अप्रैल 2025 तक पटना मुख्यालय स्थित परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जायेगी।अभ्यर्थीगण परीक्षा से जुड़ी अन्य जानकारी आयोग के आधिकारिक वेबसाइट… pic.twitter.com/oXh4xdIvI7— Bihar Public Service Commission (@BPSCOffice) February 19, 202570वीं BPSC परीक्षा के माध्यम से विभिन्न प्रशासनिक और राजपत्रित पदों पर नियुक्ति की जाएगी। प्रारंभिक परीक्षा के बाद सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बैठने का अवसर मिला है। आयोग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे परीक्षा से जुड़ी सभी अपडेट के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर नजर बनाए रखें।
PATNA : बिहार शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस. सिद्धार्थ ने एक छात्रा की कला प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए व्यक्तिगत रूप से पत्र लिखकर उसकी सराहना की है। ACS की इस अनूठी पहल से बिहार के सरकारी स्कूलों में एक सकारात्मक संदेश गया है कि प्रशासनिक अधिकारी छात्रों की मेहनत और रचनात्मकता को पहचानने और सराहने के लिए प्रतिबद्ध हैं।ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ की अनोखी पहलदरअसल, लखीसराय जिले के केडी सिंहपुर +2 उच्च विद्यालय की कक्षा 10 की छात्रा राखी कुमारी ने पेंसिल आर्ट ड्रॉइंग (चित्रकला) के माध्यम से एक जीवन चित्र तैयार किया, जिसने शिक्षा विभाग के शीर्ष अधिकारी का ध्यान आकर्षित किया। उनकी इस उत्कृष्ट कृति की सराहना करते हुए डॉ. एस. सिद्धार्थ ने अपने पत्र में लिखा है कि "मैं आपके इस हुनर की प्रशंसा करता हूं। आप अपनी अच्छी पढ़ाई के साथ-साथ अपने इस हुनर को भी आगे बढ़ाएं।" इसके साथ ही उन्होंने छात्रा के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कला के क्षेत्र में और अधिक सफलता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।हुनर को किया सलामडॉ. एस. सिद्धार्थ द्वारा उठाया गया यह कदम शिक्षा प्रशासन में एक नई सोच को दर्शाता है, जहां छात्रों को न केवल परीक्षा के अंकों से आंका जाता है बल्कि उनकी बहुमुखी प्रतिभाओं को भी प्रोत्साहित किया जाता है। इस प्रेरणादायक पहल से यह उम्मीद की जा सकती है कि राज्य के अन्य प्रतिभाशाली छात्र भी अपनी रचनात्मकता और कला के प्रति और अधिक समर्पित होंगे।
PATNA : समस्तीपुर जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय, लगुनियां सूर्यकंठ के छात्रों ने बिहार के शिक्षा विभाग का ध्यान एक महत्वपूर्ण समस्या की ओर आकर्षित किया है। विद्यालय की बाल संसद, मीना मंच और शिक्षकगण ने संयुक्त रूप से शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ को पत्र लिखकर यह अनुरोध किया है कि सरकारी विद्यालयों में भी जाड़े के दिनों के लिए एक समान स्वेटर का प्रावधान किया जाए, जिससे बच्चों की पोशाक में एकरूपता बनी रहे।विद्यालय की बाल संसद की उपप्रधानमंत्री सलोनी कुमारी, उपशिक्षा मंत्री सह मीना मंत्री संध्या कुमारी और कक्षा 8 की मॉनिटर लक्ष्मी कुमारी ने पत्र में लिखा है कि उनके विद्यालय में 95% से अधिक बच्चे निर्धारित पोशाक में आते हैं लेकिन जाड़े के दिनों में यह समरूपता प्रभावित होती है। हमारे हेड सर जी की ओर से केवल ऐसे बच्चों को रंगीन पोशाक में आने की छूट है, जिनका उस दिन जन्मदिन होता है।गरीब परिवारों के बच्चों को होती है कठिनाईपत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते हैं, जिनमें पासी, कुंभकार, लोहार और चर्मकार समुदायों के बच्चे शामिल हैं। इनके पास ऊनी कपड़े सीमित संख्या में होते हैं, जिससे ठंड के दौरान बच्चे अपने-अपने हिसाब से अलग-अलग रंगों के स्वेटर, जैकेट, शॉल और चादर ओढ़कर विद्यालय आते हैं। कई बच्चे बिना स्वेटर के केवल इनर या साधारण कपड़ों में ही स्कूल पहुंचते हैं।विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकगण हर वर्ष अपने स्तर से जरूरतमंद बच्चों को पुराने स्वेटर उपलब्ध कराते हैं लेकिन यह समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।नेवी ब्लू रंग के स्वेटर की अनुशंसाबच्चों ने अनुरोध किया है कि अगर सरकार द्वारा स्कूल यूनिफॉर्म में स्वेटर को भी शामिल किया जाए तो यह सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए बड़ी राहत होगी। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर यह प्रावधान लागू होता है तो नेवी ब्लू रंग का फुल स्वेटर सबसे उपयुक्त रहेगा।हर शनिवार की कक्षा से मिली प्रेरणापत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि हर शनिवार को डॉ. एस. सिद्धार्थ सर को सुनना उन्हें बहुत अच्छा लगता है और बिहार की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों के लिए वे आभार प्रकट करते हैं। इसी प्रेरणा से उन्होंने अपनी समस्या को शासन तक पहुंचाने का निर्णय लिया है।छात्रों की अपील – "हम बच्चों की यह मांग पूरी हो"विद्यालय के बच्चों और शिक्षकों का मानना है कि यह समस्या सिर्फ उनके विद्यालय की नहीं बल्कि पूरे राज्य के सरकारी स्कूलों की है। अगर बिहार सरकार इस पर ध्यान दे और सभी सरकारी स्कूलों के लिए एक समान स्वेटर की व्यवस्था करे तो इससे न सिर्फ ठंड में बच्चों की परेशानी कम होगी बल्कि विद्यालय की अनुशासन और ड्रेस कोड की व्यवस्था भी मजबूत होगी।विद्यालय के बाल संसद, मीना मंच और शिक्षकगण ने आशा जताई है कि बिहार सरकार और शिक्षा विभाग उनकी इस मांग पर गंभीरता से विचार करेगा और सरकारी विद्यालयों के बच्चों को भी निजी विद्यालयों की तरह एक समान ड्रेस कोड का लाभ मिलेगा।
PATNA : बिहार के शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) डॉ. एस. सिद्धार्थ का एक अलग ही अंदाज देखने को मिला, जब वे नौबतपुर के एक स्थानीय दुकान पर मिट्टी के कुल्हड़ में चाय की चुस्की लेते नजर आए। ठेठ ग्रामीण परिवेश में बैठकर आम लोगों की तरह चाय पीते और तिलकुट का स्वाद लेते हुए उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रही हैं। ACS सिद्धार्थ का आमजन से जुड़ावएस सिद्धार्थ ने चाय की दुकान पर बैठे-बैठे दुकानदार और अन्य लोगों से बातचीत भी की। उन्होंने स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनीं और शिक्षा व्यवस्था और उसे सुधारने पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बिहार की शिक्षा नीति और इसके सुधारों को लेकर भी कुछ बातें साझा कीं।सादगी की मिसाल : चाय की चुस्की, तिलकुट का स्वाद और आमजन से संवाद, नौबतपुर में ACS डॉ. एस. सिद्धार्थ का फिर दिखा अलग अंदाज#Bihar #Biharnews #DRssidharth #IASSSidharth #Bihareducationdepartment pic.twitter.com/2pt8PZttku— PRASOON PANDEY (@prsnpandey007) February 9, 2025पारंपरिक स्वाद का भी लिया आनंदचाय के साथ उन्होंने बिहार की पारंपरिक मिठाई तिलकुट का भी स्वाद चखा। तिल और गुड़ से बनी यह मिठाई सर्दियों में खासतौर पर खायी जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह क्षेत्र का प्रसिद्ध व्यंजन है, जिसे देखकर डॉ. एस. सिद्धार्थ ने इसे खाने की इच्छा जताई।सहजता ने जीता दिलडॉ. एस. सिद्धार्थ का यह अंदाज लोगों को काफी पसंद आया। आमजन से जुड़े रहने और स्थानीय जीवनशैली में घुल-मिल जाने की उनकी सहज प्रवृत्ति ने उन्हें लोगों के बीच लोकप्रिय बना दिया। स्थानीय दुकानदारों और वहां मौजूद अन्य लोगों ने भी उनकी इस सादगी की सराहना की।शिक्षा व्यवस्था पर बोले ACSबातचीत के दौरान डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बिहार में शिक्षा सुधार पर जोर देते हुए कहा कि बिहार सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों के छात्रों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इसके लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं।सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरलडॉ. एस. सिद्धार्थ की ये तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। लोग उनकी सादगी और सरलता की खूब तारीफ कर रहे हैं। स्थानीय लोगों की माने तो अधिकारी जब जमीनी हकीकत से जुड़े रहते हैं, तभी नीतियों का सही तरीके से क्रियान्वयन होता है।हमेशा सुर्खियों में रहते हैं IAS एस. सिद्धार्थगौरतलब है कि IAS अधिकारी डॉ. एस. सिद्धार्थ अपनी सादगी को लेकर काफी सुर्खियों में रहते हैं। हाल में ही सड़क किनारे एक नाई से उन्हें बाल कटिंग करवाते देखा गया था। इस दौरान बाल काटने वाले नाई को भी इसकी भनक नहीं लगी कि उनकी कुर्सी पर बैठा शख्स कौन है? उसे ये नहीं पता था कि सड़क किनारे बाल और दाढ़ी बनवा रहा शख्स बिहार सरकार की बेहद पावरफुल कुर्सी पर बैठने वाले IAS डॉ. एस. सिद्धार्थ हैं।सोशल मीडिया पर तस्वीरें खूब होती हैं वायरलवे अक्सर पटना की सड़कों पर रिक्शों की सवारी करते भी दिख जाते हैं। उनकी कई तस्वीरें हमेशा सोशल मीडिया पर वायरल होती रहती हैं। कभी सड़क किनारे जमीन पर बैठकर आम लोगों की तरह चाय पीते उन्हें देखा जा सकता है तो कभी सड़क किनारे ठेले पर नाश्ता करते। वहीं, ठेले वाले के बर्तन से पानी लेकर पीते उनकी तस्वीर भी सामने आयी थी। वे कई मर्तबा सब्जी मंडी में भी दिख जाते हैं। हाथों में हरी सब्जी से भरा थैला लेकर खुद खरीदारी करते नजर आते हैं।सड़क किनारे कचौड़ी-जलेबी खाते दिख जाते हैं एस. सिद्धार्थIIT से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी में डॉक्टरेट की डिग्री पाने वाले डॉ. एस. सिद्धार्थ इससे पहले गया में आमलोगों की तरह कचौड़ी-जलेबी और गोलगप्पे खाते नजर आए थे। वह रिक्शा वाले संग घूमते और बात करते भी दिखते हैं।प्लेन उड़ाने के हैं शौकीनबिहार के IAS अधिकारी एस. सिद्धार्थ प्लेन उड़ाने के भी शौकीन हैं। उन्होंने बकायदा इसकी ट्रेनिंग ली है। पिछले साल ही उन्होंने एक पिक्चर भी शेयर की थी और प्लेन उड़ाने का अनुभव साझा किया था।
PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज प्रगति यात्रा के चौथे चरण में मुंगेर जिले के सदर प्रखंड के चड़ौन गांव में 438.51 करोड़ रुपये की कुल 160 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उ‌द्घाटन एवं शिलान्यास किया। इसमें 148.40 करोड़ रुपये की 73 योजनाओं का उद्घाटन और 290.12 करोड़ रुपये की 87 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है।मुंगेर को दी 438 करोड़ रुपये से अधिक की सौगातमुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुंगेर जिला के तारापुर प्रखंड में विभिन्न विकासात्मक कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने रणगांव में मध्य विद्यालय, आदर्श आंगनबाड़ी केंद्र तथा जीविका पुस्तकालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली और बच्चों से बात कर उनका उत्साहवर्द्धन किया। रिंग रोड का किया स्थलीय निरीक्षणमुख्यमंत्री ने वहां जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत बनाए गए तालाब का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने वहां विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभुकों को सांकेतिक चेक भी प्रदान किया। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने तारापुर प्रखंड के वंशीपुर गांव में प्रस्तावित रिंग रोड (तारापुर बाइपास पथ) का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान इसके निर्माण कार्य के बारे में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। इस पथ की कुल लंबाई 7 किमी होगी। यह प्रस्तावित पथ सुल्तानगंज-तारापुर-बेलहर (स्टेट हाइवे-22) के 18 किमी पूरब एवं नहर के समानांतर नहर पथ एवं निजी भूमि होते हुए मोहनगंज तक तथा पुनः मोहनगंज से ग्रामीण कार्य विभाग के पथ होते हुए तारापुर चौक से आगे सुल्तानगंज-तारापुर पथ के 22 किमी में बिहमा बाजार के पास मिलेगी। इस बाइपास के निर्माण से तारापुर चौक के पास लगनेवाली जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।ऋषिकुंड पर्यटक स्थल पहुंचे मुख्यमंत्री इसके पश्वात मुख्यमंत्री हवेली खड़गपुर प्रखंड के ऋषिकुंड पर्यटक स्थल पहुंचे और वहां भ्रमण कर वहां के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से ऋषिकुंड पर्यटक स्थल के विकास की रूपरेखा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि मुंगेर जिला में पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य गर्म जलधारा के मनोरम स्थल ऋषिकुंड में सैलानियों का आगमन हमेशा रहता है। यहां प्रत्येक तीन साल में जुलाई-अगस्त माह में मलमास मेले का आयोजन होता है, जहां भिन्न-भिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालु गर्म जलधारा का आनंद लेने तथा तपोभूमि का दर्शन करने आते हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि यह स्थल पर्यटकीय रूप से काफी महत्वपूर्ण है। ऋषिकुंड के सर्वांगीण विकास के लिए योजना बनाकर कार्य करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऋषिकुंड को और अधिक गहरा करें ताकि इसमें अधिक-से-अधिक पानी जमा रह सके ताकि लोगों को स्नान करने में सुविधा हो। ऋषिकुंड को खूब बेहतर बनाएं ताकि पर्यटक यहां आकर इसका आनंद उठा सकें। जीविका दीदियों ने लगाया जयकाराइस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित जीविका दीदियों ने जयकारा लगाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार किया। इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने उच्च विद्यालय परिसर, नौवागढ़ी का भ्रमण किया और उच्च विद्यालय परिसर स्थित 47.14 लाख रुपये की लागत से निर्मित खेल मैदान का उ‌द्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने वहां उपस्थित खिलाड़ियों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्द्धन किया। मुख्यमंत्री ने वहां गुब्बारा भी उड़ाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उच्च माध्यमिक विद्यालय, नौवागढ़ी का भी निरीक्षण किया। खगौल विज्ञान प्रयोगशाला का किया उद्घाटनइस दौरान मुख्यमंत्री ने खगौल विज्ञान प्रयोगशाला का फीता काटकर और शिलापट्ट अनावरण कर उद्घाटन किया तथा प्रयोगशाला का निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के क्रम में एक छात्रा ने खगौल विज्ञान की बारीकियों तथा टेलीस्कोप के संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी बातें रखी।विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण इसके बाद सदर प्रखंड के चड़ौन गांव में मुख्यमंत्री ने जिले के विकास से संबंधित विभिन्न विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया तथा रिमोट के माध्यम से विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने उद्योग विभाग, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास विभाग, कृषि विभाग, पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, श्रम संसाधन विभाग, समाज कल्याण विभाग और शिक्षा विभाग आदि के स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, स्टार्टअप योजना, स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना और जिला गव्य विकास योजना के लाभार्थियों को सांकेतिक चेक प्रदान किया। उन्होंने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 90 उद्यमियों को 1 करोड़ रुपये तथा बिहार लघु उद्यमी योजना के 80 उद्यमियों को 80 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने विमुक्त बाल श्रमिक योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, अंतर्जातीय विवाह प्रोत्साहन योजना, समग्र गव्य विकास योजना, पठारी क्षेत्र तालाब विकास योजना के लाभुकों को सांकेतिक चेक प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने बासगीत पर्चा भी वितरित किया।इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूह द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वयं सहायता समूह की जीविका दीदियों द्वारा जीविकोपार्जन हेतु की जा रही विभिन्न गतिविधियों एवं उत्पादों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने 2268 स्वयं सहायता समूह को 11 करोड़ 16 लाख रुपये का सांकेतिक चेक और 4310 जीविका दीदी परिवार को 70 करोड़ 24 लाख रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। दिव्यांगजनों को मिली ट्राई साइकिल दिव्यांग जनों को ट्राई साइकिल की चाबी वितरित की। साथ ही जीविका दीदियों के स्टॉल पर लगाए गए विभिन्न उत्पादों को देखा और जीविका दीदियों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 में जब हमलोगों को बिहार में काम करने का मौका मिला तो हमने देखा कि यहां स्वयं सहायता समूहों की संख्या नाम मात्र की है। हमलोगों ने विश्व बैंक से कर्ज लेकर स्वयं सहायता समूहों की संख्या बढ़ानी शुरू की। हमने ही स्वयं सहायता समूह का नाम 'जीविका' एवं इससे जुड़ी महिलाओं का नाम 'जीविका दीदी' दिया, जिससे प्रेरित होकर तत्कालीन केंद्र सरकार ने इसका नाम 'आजीविका' किया। इससे बिहार की महिलाओं की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार आया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही है। उनका पहनावा और बोलचाल भी काफी अच्छा हो गया है। वे लोगों से बेहिचक होकर बातें करने लगी हैं। मैं आप सभी जीविका दीदियों को बेहतर कार्य करने के लिए बधाई देता हूं, आपलोग बहुत आगे बढ़ें, खूब तरक्की करें।इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने नौवागढ़ी पंचायत सरकार भवन का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत सरकार भवन बढ़िया बना है। इसके बन जाने से एक ही जगह पर लोगों की सभी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें सहूलियत होगी।100 शैया वाले नवनिर्मित मॉडल अस्पताल का किया उद्घाटनइसके बाद मुख्यमंत्री ने मुंगेर सदर अस्पताल परिसर में 32.17 करोड़ रुपये की लागत के 100 शैया वाले नवनिर्मित मॉडल अस्पताल का शिलापट्ट अनावरण तथा फीता काटकर उद्घाटन किया। उद्घाटन के पश्चात् मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित मॉडल अस्पताल के विभिन्न भागों का जायजा लिया और वहां की व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अस्पताल बहुत अच्छा बना है, यहां के लोगों को इलाज में और सहूलियत होगी।इसके बाद मुख्यमंत्री जिला मुख्यालय स्थित 6 करोड़ 52 लाख 17 हजार 200 रुपये की लागत के सौंदर्याकृत राजारानी तालाब का शिलापष्ट अनावरण कर लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने तालाब के निरीक्षण के दौरान कहा कि यह बहुत बढ़िया बना है। तालाब की सीढ़ी का नीचे तक विस्तार करें। साथ ही इसे साफ-सुथरा और मेनटेन रखें।कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय पंचायती राज सह मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह, उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, पंचायती राज मंत्री सह मुंगेर जिला के प्रभारी मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता, विधायक प्रणव कुमार, विधायक राजीव कुमार, विधान पार्षद लाल मोहन गुप्ता, पूर्व मंत्री शैलेश कुमार, अन्य जनप्रतिनिधिगण, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, ग्रामीण विकास विभाग सह पर्यटन विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुंगेर प्रक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक राकेश कुमार, मुंगेर के जिलाधिकारी अवनीश कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक सैय्यद इमरान मसूद सहित अन्य वरीय अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
PATNA : बिहार शिक्षा विभाग ने मध्याह्न भोजन योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और फर्जी उपस्थिति को रोकने के उद्देश्य से एक नया निर्देश जारी किया है। शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ द्वारा सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेजे गए पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि कक्षा 1 से 8 तक संचालित मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय प्रमुख और उपस्थित शिक्षकों को प्रतिदिन प्रमाण-पत्र देना अनिवार्य होगा।इस प्रमाण-पत्र में भोजन की गुणवत्ता, छात्रों की उपस्थिति और अन्य संबंधित बिंदुओं की जानकारी होगी। इसे विद्यालयों में सुरक्षित रखा जाएगा और प्रत्येक माह की रिपोर्ट संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (मध्याह्न भोजन योजना) को भेजनी होगी।निर्देश के प्रमुख बिंदु:1. प्रतिदिन प्रमाण-पत्र भरना अनिवार्य : प्रत्येक विद्यालय में प्रधानाध्यापक/प्रधान शिक्षक और सभी उपस्थित शिक्षकों को अपने हस्ताक्षर के साथ मध्याह्न भोजन योजना से संबंधित प्रमाण-पत्र भरना होगा।2. फर्जी उपस्थिति रोकने का प्रयास : यह कदम छात्रों की वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करेगा ताकि भोजन योजना का सही लाभ जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिले।3. भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान : शिक्षकों को यह प्रमाणित करना होगा कि वितरित भोजन की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है।4. जिलास्तरीय निगरानी : प्रत्येक माह जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को प्रमाण-पत्र की रिपोर्ट सौंपनी होगी, जिससे योजना के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बनी रहे।5. अनुपस्थिति की स्थिति में स्पष्टीकरण अनिवार्य : अगर कोई शिक्षक किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो पाता है तो उसे अपने हस्ताक्षर न करने के लिए उचित स्पष्टीकरण देना होगा।शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिना प्रमाण-पत्र के मध्याह्न भोजन योजना का संचालन मान्य नहीं होगा। अगर किसी विद्यालय में इस निर्देश का पालन नहीं किया जाता है तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।इस नए नियम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि मध्याह्न भोजन योजना में अनियमितताओं को रोका जा सके और छात्रों को पौष्टिक एवं गुणवत्ता युक्त भोजन प्राप्त हो।
PATNA : पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी आगामी 5 फरवरी को पटना के एसके मेमोरियल हॉल में स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी के 130वीं जन्म जयंती में शामिल होने आ रहे हैं।बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. अखिलेश प्रसाद सिंह ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि सारण के गड़खा निवासी स्वतंत्रता सेनानी बिहार की अंतरिम सरकार में चार कैबिनेट मंत्रियों में से एक रहे थे। महात्मा गांधी के आंदोलनों से प्रभावित होकर स्व. जगलाल चौधरी ने कलकता मेडिकल कॉलेज में अंतिम वर्ष के छात्र होने के बावजूद अपनी पढ़ाई छोड़ दी और स्वतंत्रता आंदोलन में खुद पड़े। इनके दो पुत्रों ने भी देश की आजादी की लड़ाई में महती भूमिका निभाई। 11 अगस्त 1942 को इनके बड़े पुत्र इंद्रदेव चौधरी सचिवालय पर झंडा फहराने के दौरान अंग्रेजों के गोली से घायल हो गए थे, जो 22 अगस्त 1942 को अपने जख्मों से लड़ते हुए देश के लिए शहीद हो गए। जब इनका शव 40 वर्षों की सजा काट रहे स्व. जगलाल चौधरी के पास लाया गया तो इन्होंने कहा कि मेरा बेटा धन्य हो गया, जो देश के काम आया। प्रदेश कांग्रेस मीडिया विभाग के चेयरमैन राजेश राठौड़ ने बताया कि श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में 5 फरवरी को पूर्वाह्न 11:30 बजे देश के नेता विपक्ष और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पटना में जयंती समारोह को संबोधित करेंगे और स्वतंत्रता सेनानी जगलाल चौधरी के स्मृति में सम्मान समारोह में अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। कार्यक्रम के संयोजक विनोद कुमार चौधरी होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कांग्रेसजन शामिल होंगे।
PATNA : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रगति यात्रा के चौथे चरण में आज बांका जिले को 362 करोड़ 75 लाख 77 हजार रुपये की लागत से कुल 178 विकासात्मक योजनाओं का रिमोट के माध्यम से उ‌द्घाटन एवं शिलान्यास किया। इनमें 128 करोड़ 50 लाख 94 हजार रुपये की लागत से 181 योजनाओं का उद्घाटन तथा 234 करोड़ 25 लाख 83 हजार रुपये की लागत से 17 योजनाओं का शिलान्यास शामिल है। प्रगति यात्रा के क्रम में रजौन प्रखंड के नवादा खरौनी पंचायत स्थित स्मार्ट विलेज (उन्नति ग्राम), बाबरचक का फीता काटकर मुख्यमंत्री ने लोकार्पण किया। लोकार्पण के पश्चात् मुख्यमंत्री ने स्मार्ट विलेज, बाबरचक का भ्रमण कर उपलब्ध करायी गई बुनियादी सुविधाओं का जायजा लिया। स्थानीय महिलाओं ने पारंपरिक नृत्य कर मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। नवसृजित प्राथमिक विद्यालय, बाबरचक का निरीक्षण कर मुख्यमंत्री ने बच्चों एवं शिक्षकों से बातचीत की। बच्चों ने ताली बजाकर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बच्चों से कहा कि कि आप सभी खूब मन लगाकर पढ़िए और आगे बढ़िए। जल-जीवन-हरियाली अभियान अंतर्गत सृजित कराए गए तालाब का मुख्यमंत्री ने जायजा लिया। जायजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छे ढंग से यहां तालाब का निर्माण कराया गया है। इसके किनारे लोगों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए सीढ़ीनुमा घाट का निर्माण कराया गया है। मुख्यमंत्री ने तालाब के किनारे पौधारोपण भी किया। स्मार्ट विलेज, बाबरचक में जीविका समूह के ग्रामीण हाट का भी मुख्यमंत्री ने मुआयना किया। इस दौरान जीविका स्वयं सहायता समूह द्वारा विभिन्न निर्मित उत्पादों की प्रदर्शनी का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि आपके आशीर्वाद से हम महिलाओं का कल्याण हुआ है। हम सभी जीविका दीदियों की आर्थिक स्थिति में निरंतर बेहतरी आ रही है। हम सभी काफी खुश हैं। हमारे बच्चे पढ़ रहे हैं। जीविका समूह इसे जुड़कर हमलोगों के जीवन में काफी बदलाव आया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सभी जीविका दीदियां काफी अच्छा काम कर रही हैं। सरकार की तरफ से जीविका समूह एवं उनसे जुड़ी जीविका दीदियों को बढ़ाने के लिए सरकार हरसंभव प्रयास कर रही है ताकि सभी जरुरतें जो होंगी उसे पूरा किया जाएगा।प्रदर्शनी अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना की चाबी, सतत् जीविकोपार्जन योजना के अंतर्गत ग्रामीण / शहरी क्षेत्रों के विभिन्न जीविका समूहों से जुड़ी वीदियों को व्यवसाय हेतु 3 करोड़ 87 लाख 56 हजार रुपये का सांकेतिक चेक, जीविका संपोषित स्वयं सहायता समूह को विभिन्न बैंकों के माध्यम से 86 करोड़ 34 लाख रुपये का सांकेतिक चेक, सतत् जीविकापार्जन योजना अंर्तगत ई-रिक्शा की चाबी आदि लाभुकों को प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने स्मार्ट विलेज, बाबरचक स्थित समेकित बाल विकास परियोजना का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध करायी गई सुविधाओं के संबंध में अधिकारियों से जानकारी ली। इस दौरान मुख्यमंत्री ने वहां के बच्चों एवं शिक्षिकाओं से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने शिक्षिकाओं से कहा कि बच्चे ही हमारी भावी पीढ़ी हैं, जो देश का भविष्य हैं, इन्हें ठीक ढंग से पढ़ाइए। इन्हें इस ढंग से पढ़ाइये कि पढ़ाई के प्रति इनकी रुचि बढ़े और यह एक अच्छा नागरिक बन सकें। बिहार महादलित विकास मिशन अंतर्गत निर्मित कराए गए सामुदायिक भवन सह वर्क शेड आदर्श ग्राम बाबरचक का भी मुख्यमंत्री ने जायजा लिया। जायजा के क्रम में मुख्यमंत्री ने स्मार्ट विलेज बाबरचक में बसाये गये भूमिहीन परिवारों के बीच बासगीत पर्चा प्रदान किया। जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह उन्नति धाम स्मार्ट विलेज, बाबरचक गैरमजरूआ जमीन पर स्थापित गया है, जिनमें वैसे परिवारों को बसाया गया है, जो बेघर और भूमिहीन हैं। इस आदर्श ग्राम में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु विद्यालय चिकित्सा सेवाओं के लिए स्वास्थ्य केंद्र, प्रत्येक घर में शुद्ध पेयजल, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान, ग्रामीण हार्ट, सामुदायिक भवन जैसे हर प्रकार के बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है। स्मार्ट विलेज बाबरचक के भ्रमण के क्रम क्रम में मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित खेल मैदान का उद्धघाटन कर निरीक्षण किया। इस दौरान खिलाड़ियों से मुख्यमंत्री ने बातचीत भी की। विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉल का मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। अवलोकन के क्रम में मुख्यमंत्री ने बिहार शताब्दी असंगठित कार्य क्षेत्र कामगार एवं शिल्पकार, सामाजिक सुरक्षा (संशोधन) योजना के तहत 50 हजार रुपये का सांकेतिक चेक, बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम का प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र, मुख्यमंत्री निजी (अन्य प्रजाति) पौधशाला के तहत प्रोत्साहन 1 लाख 80 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि का सांकेतिक चेक, 5 चेक, मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना का अंतर्गत सामाजिक पुनर्वास कोस का सांकेतिक चेक, मुख्यमंत्री राहत कोष के माध्यम से 4 लाख रुपये का सांकेतिक चेक, मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना का सांकेतिक चेक, मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना की चाबी लाभुकों को प्रदान किया।मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित ओढ़नी जैम द्वीप रिजॉर्ट, बांका का उ‌द्घाटन कर निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने रिजॉर्ट के प्रशासनिक भवन, रेस्टोरेंट का जायजा लिया। इस दौरान निर्माणाधीन थीम थीम पार्क तथा कॉटेज का भी मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया। अवलोकन के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात् मुख्यमंत्री ने प्रस्तावित चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल बांका के लिए अमरपुर प्रखंड के राजपुर मौजा में चिह्नित की गई भूमि का स्थल निरीक्षण किया। स्थल निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बांका चिकित्सा महाविद्यालय सह अस्पताल का निर्माण का कार्य शीघ्र शुरू कराएं। इस अस्पताल के बन जाने से बांका एवं आसपास के लोगों को चिकित्सकीय परामर्श पाने त्सकीय परामर्श पाने एवं इलाज कराने में सुविधा में सुविधा मिलेगी।बांका जिले के अमरपुर प्रखंड अंतर्गत 534.53 करोड़ रुपये की लागत से सुल्तानगंज-तारापुर-बेलहर कटोरिया-चांदन-दर्वमारा पथ (एस०एच०-22) एवं पथ प्रमंडल-बांका अंतर्गत 255.18 करोड़ रुपये की लागत से भागलपुर-अमरपुर-बांका पथ (एसएच-25) का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य का मुख्यमंत्री ने स्थल निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने साइट मैप के माध्यम से विकसित किए जाने वाले इन पथों के बारे में मुख्यमंत्री को विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पथों का विकास ठीक ढंग से कराएं। इन सड़कों के चौड़ीकरण हो जाने से वाहनों का परिचालन सुचारू रूप से होगा। लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी, साथ ही समय की बचत भी होगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बांका पुलिस केंद्र के प्रांगण का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बांका पुलिस केंद्र के परेड ग्राउंड को ठीक ढंग से विकसित कराएं ताकि यहां लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस पुलिस केंद्र के परिसर में खेल-कूद, रनिंग ट्रैक एवं अधिक से अधिक वृक्षारोपण भी करायें।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री सह बांका जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र मेहता, भवन निर्माण मंत्री जयंत राज, विधायक मनोज यादव, विधायक भूदेव चौधरी, विधान पार्षद विजय कुमार सिंह, पूर्व विधायक मनीष कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के अध्यक्ष शीर्षत कपिल अशोक, भागलपुर प्रमंडल के आयुक्त दिनेश कुमार, भागलपुर प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक विवेक कुमार, बांका के जिलाधिकारी अंशुल कुमार, पुलिस अधीक्षक उपेन्द्र नाथ वर्मा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
CM Nitish Kumar in Banka : प्रगति यात्रा के क्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज बांका में हैं, जहां वे जिले को करोड़ों रुपये की सौगात देंगे। वे कई योजनाओं और परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे। स्मार्ट विलेज का किया उद्घाटनवे बांका के रजौन प्रखंड स्थित बाबारचक गांव पहुंचे, जहां वे स्मार्ट विलेज यानी उन्नति ग्राम का निरीक्षण किया और फिर उद्घाटन किया। इसके बाद सीएम उन्नति ग्राम से ओढनी जलाशय के लिए निकलेंगे। यहां सीएम ओढ़नी जलाशय में बने रिसॉर्ट का उद्घाटन करेंगे।थीम पार्क और कैफेटेरिया का भी करेंगे निरीक्षणइसके अलावा मुख्यमंत्री थीम पार्क और कैफेटेरिया का निरीक्षण भी करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री अमरपुर प्रखंड के राजपुर में प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज की भूमि का अवलोकन भी करेंगे। उन्नति ग्राम का निरीक्षण करने के बाद सीएम दोपहर 12:20 बजे ओढ़नी डैम के हैलीपेड के लिए प्रस्थान करेंगे।करोड़ों की योजनाओं का करेंगे उद्घाटन और शिलान्यासजानकारी के मुताबिक, बांका में मुख्यमंत्री 234 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास करेंगे और 128 करोड़ रुपयों की कई योजनाओं का उद्घाटन करेंगे। अपनी प्रगति यात्रा के दौरान सीएम नीतीश कुमार, अमरपुर विधानसभा के राजपुर गांव में मेडिकल कॉलेज की जमीन का मुआयना करके बांका परिसदन पहुंचेंगे। यहां लंच के बाद मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बांका समहरणालय में समीक्षा बैठक करेंगे।
BPSC Protest : इस वक्त एक बड़ी खबर आ रही है कि BPSC 70वीं पीटी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का एकबार फिर जुटान हुआ है। सभी अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर पटना में प्रदर्शन कर रहे हैं और BPSC दफ्तर का घेराव करने जा रहे हैं। अभ्यर्थियों के जुटने की खबर मिलते ही पटना पुलिस मुस्तैद हो गयी है और अभ्यर्थियों को रोक रही है। जगह-जगह ट्रैफिक जाम हो गया है। स्कूल बस के साथ कई गाड़ियां भी जाम में फंसी हुई हैं। इससे पहले आयकर गोलंबर पर भी पुलिस ने बैरिकेडिंग कर कैंडिडेट्स को रोकने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ गए।वहीं, अभ्यर्थियों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने वाटर कैनन भी मंगाया है। आपको बता दें कि री-एग्जाम की मांग को लेकर अभ्यर्थी पिछले 49 दिनों से पटना के गर्दनीबाद में धरने पर बैठे हैं। वहीं, BPSC 70वीं PT परीक्षा को लेकर कल यानी 31 जनवरी को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई होनी है। हाईकोर्ट ने 30 जनवरी से पहले BPSC को एफिडेविट देने को कहा है। प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज की ओर से BPSC 70वीं PT री-एग्जाम को लेकर पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है।
PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट आज शाम को जारी होने की संभावना है। सूत्रों के अनुसार परीक्षा का परिणाम आज रात 8 बजे तक घोषित किया जा सकता है। इस परीक्षा में 13 दिसंबर 2024 और 4 जनवरी 2025 को आयोजित परीक्षाओं के करीब 3.4 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे।पहले BPSC ने 25 से 30 जनवरी तक रिजल्ट जारी करने का लक्ष्य रखा था लेकिन अब सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यह प्रक्रिया आज ही पूरी हो सकती है।आयोग ने किया था उच्च स्तर पर तैयारीबीपीएससी ने इस बार परीक्षा में पारदर्शिता और समय पर रिजल्ट जारी करने पर विशेष ध्यान दिया। इस परीक्षा में अभ्यर्थियों का उत्साह देखने लायक था। रिजल्ट के इंतजार में लाखों अभ्यर्थी उत्सुक हैं। परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए सीमित समय मिलेगा, ऐसे में हर किसी की नजर BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर है।आधिकारिक जानकारीरिजल्ट देखने के लिए अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं। परिणाम के बाद चयनित अभ्यर्थियों की सूची और कटऑफ मार्क्स भी जारी किए जाएंगे। रिजल्ट से जुड़े किसी भी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।
PATNA : बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने 69वीं संयुक्त मुख्य लिखित परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को डाउनलोड करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग के अनुसार अभ्यर्थी अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाएं 22 जनवरी से 28 जनवरी 2025 तक डाउनलोड कर सकते हैं।BPSC द्वारा जारी सूचना के मुताबिक यह सुविधा केवल सीमित समय के लिए उपलब्ध रहेगी। 28 जनवरी के बाद अभ्यर्थियों को अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड करने का मौका नहीं मिलेगा। इससे पहले आयोग ने परीक्षा के परिणाम जारी करने और उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के संबंध में पारदर्शिता सुनिश्चित करने का वादा किया था।उत्तर पुस्तिकाओं को डाउनलोड करने के लिए अभ्यर्थियों को BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करना होगा।महत्वपूर्ण बिंदु :डाउनलोड शुरू होने की तिथि : 22 जनवरी 2025अंतिम तिथि : 28 जनवरी 2025डाउनलोड प्रक्रिया : BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर लॉगिन करें।गौरतलब है कि अंतिम तिथि के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को डाउनलोड करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे समय पर अपनी उत्तर पुस्तिकाएं डाउनलोड कर लें और किसी भी प्रकार की समस्या से बचने के लिए आधिकारिक वेबसाइट पर सभी निर्देशों का पालन करें।