बाढ़ सुरक्षा की तैयारियों को लेकर इस मुख्यमंत्री की क्यों हो रही तारीफ?
पटना : ग्लोबल वार्मिंग और जलवायु परिवर्तन के कारण बाढ़ आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर और व्यापक चुनौती बन चुकी है. शायद ही कोई ऐसा क्षेत्र हो, जो इस प्राकृतिक आपदा के प्रभाव से पूरी तरह अछूता रहा हो. बदलते मौसम के बीच भारी बारिश, नदियों के बढ़ते जलस्तर और लगातार बिगड़ते हालात ने बाढ़ के खतरे को और गंभीर बना दिया है.इसी क्रम में बिहार में भी भारी मानसूनी बारिश और नदियों के उफान के कारण बाढ़ की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है. राज्य के करीब 12 से 13 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि लाखों लोग प्रभावित हुए हैं. कई इलाकों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है और लोगों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.संकट की घड़ी में जनता का सबसे बड़ा संबल वही शासन होता है, जो हर परिस्थिति में मजबूती से उसके साथ खड़ा रहे. आपदा के कठिन समय में सरकार की भूमिका केवल एक प्रशासनिक व्यवस्था तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह एक अभिभावक और रक्षक की भूमिका निभाती है. जो सरकार आपदा के समय तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ कदम उठाती है, वही वास्तव में जनता की सच्ची हितैषी कहलाती है.इसी क्रम में आज चर्चा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की है, जिनकी बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच मौजूदगी की तस्वीरें और वीडियो काफी चर्चा में हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली और सारण जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया तथा हाजीपुर और सोनपुर में संचालित बाढ़ राहत शिविरों का निरीक्षण किया.इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों में रह रहे लोगों से सीधे संवाद किया और उनकी समस्याओं के साथ-साथ वहां उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली. उन्होंने राहत शिविर में लोगों को स्वयं भोजन परोसा और उनके साथ बैठकर भोजन भी किया. मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी एवं शैक्षणिक शिविरों का निरीक्षण कर बच्चों से पढ़ाई, शैक्षणिक गतिविधियों एवं खान-पान के बारे में जानकारी ली. साथ ही, स्वास्थ्य शिविरों में त्वरित उपचार तथा पशु चिकित्सा शिविरों में पर्याप्त दवाओं एवं पशु चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए. बाढ़ में डूबने से हुई मृत्यु के मामलों में मृतकों के आश्रितों को ₹4-₹4 लाख की सहायता राशि प्रदान की. इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल क्षति का आकलन कर प्रभावित किसानों को समुचित मुआवजा दिया जाएगा. साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो तथा राहत एवं बचाव कार्यों में पूरी तत्परता के साथ सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाए. मुख्यमंत्री का यह दौरा केवल राहत कार्यों की समीक्षा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाढ़ जैसी कठिन परिस्थिति में पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर उनका हालचाल जानने और उनका मनोबल बढ़ाने का एक मानवीय प्रयास भी रहा.आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत और सहायता पहुंचाने के लिए व्यापक स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य चलाए जा रहे हैं. राज्य में 12 राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है, जहां 7,368 बाढ़ प्रभावित लोगों के रहने, भोजन और चिकित्सा समेत अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा, प्रभावित इलाकों में 238 सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है. वहीं अब तक 5.12 लाख थाली भोजन बाढ़ प्रभावित लोगों को कराया जा चुका है. जरूरतमंद परिवारों के बीच 92,600 पॉलीथिन शीट और 19,100 ड्राई राशन पैकेट भी वितरित किए गए हैं. राहत एवं बचाव कार्य को तेज करने के लिए 1,740 नावों की व्यवस्था की गई है. वहीं, प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में सहायता के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें तैनात हैं.बाढ़ पीड़ितों की जुबानी, सरकार की तैयारियों की कहानीबाढ़ के इस मुश्किल समय में सरकार की ओर से हमारे लिए भोजन और दवाईयों की समुचित व्यवस्था की गई है, वहीं हमारे पशुओं के लिए भी पर्याप्त चारे की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी स्वयं आज हमारे बीच आए और हमें राहत सामग्री प्रदान की. बाढ़ की इस कठिन परिस्थिति में सरकार से मिले इस सहयोग और राहत के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से आभार. नरेश भगत, वैशालीबाढ़ राहत शिविर में भोजन, दवाइयों और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है. साथ ही, पशुओं के लिए पर्याप्त चारे की भी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. बाढ़ पीड़ितों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री का हृदय से धन्यवाद. त्रिभुवन राय, पटनाबाढ़ राहत शिविर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं. मेरे बच्चों को नियमित रूप से पौष्टिक भोजन और दूध मिल रहा है. बाढ़ पीड़ितों के लिए बेहतर और समुचित सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जी का हृदय से धन्यवाद. संध्या देवी, पटनामैंने अपने जीवन में कई बार बाढ़ देखी है, लेकिन इस बार जैसी बेहतर और व्यवस्थित तैयारियां बहुत कम देखने को मिली है. सबसे बड़ी बात यह है कि मुख्यमंत्री स्वयं पूरी व्यवस्था की लगातार निगरानी कर रहे हैं. दवाई से लेकर मवेशियों के खान-पीने की सब व्यवस्था है. सूर्यनारायण, पटना
