झारखंड में प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (ED) ने एक बहुत बड़ा शिकंजा कसा है! जमशेदपुर में स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल के ठिकानों पर बुधवार सुबह ईडी की टीमों ने एक साथ छापेमारी की है। यह पूरा मामला 750 करोड़ रुपए के भारी-भरकम जीएसटी घोटाले और टैक्स चोरी से जुड़ा हुआ है।बुधवार अहले सुबह करीब 8 बजे, केंद्रीय जांच एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने बिष्टुपुर के कांट्रैक्टर्स एरिया स्थित ज्ञानचंद जायसवाल के आवासीय परिसर के साथ-साथ आदित्यपुर और गम्हरिया औद्योगिक क्षेत्र स्थित उनके प्लांट पर एक साथ धावा बोला।

कार्रवाई इतनी गोपनीय और सख्त थी कि जांच के दायरे में आए सभी परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई, और अंदर मौजूद किसी भी व्यक्ति को बाहर जाने की अनुमति नहीं दी गई। सुरक्षा के मद्देनजर भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया है।ईडी की टीमें बिष्टुपुर के अलावा बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर हथियाडीह स्थित ‘शारदा एंडेवर्स’ फैक्ट्री में भी सघन तलाशी अभियान चला रही हैं। जांच दल वित्तीय लेन-देन, खरीद-बिक्री के दस्तावेजों और कंप्यूटर हार्ड डिस्क जैसे इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेस की बारीकी से जांच कर रहा है। इस दौरान कई अहम कागजात जब्त किए जाने की भी खबर है।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई लगभग 750 करोड़ रुपए के फर्जीवाड़े से जुड़ी है। कारोबारी बबलू जायसवाल पर बोगस कंपनियों के जरिए फर्जी बिलिंग करने, अवैध रूप से इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) लेने और सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप है।आपको बता दें कि ज्ञानचंद जायसवाल पहले भी 55.66 करोड़ रुपए के जीएसटी घोटाले के आरोप में जेल जा चुके हैं। उस मामले में उनकी कई कंपनियों—जैसे जय भोलानाथ कंपनी, मां शारदा एंडेवर और केदारनाथ ट्रैक्सीन—द्वारा गलत तरीके से आईटीसी लेने का मामला सामने आया था। पिछले साल अगस्त में भी उनके ठिकानों पर दबिश दी गई थी, जिसके बाद अब जांच का दायरा और बढ़ा दिया गया है। हालांकि, ईडी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।बबलू जायसवाल के ठिकानों पर चल रही इस मैराथन छापेमारी से जमशेदपुर के कारोबारी गलियारों में हड़कंप मच गया है