पटना : सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने बुधवार को पटना प्रमंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों यथा- पटना, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास एवं कैमूर जिलों में विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की. समीक्षा के दौरान मंत्री ने आगामी धान अधिप्राप्ति प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी एवं व्यवस्थित बनाने का निर्देश देते हुए कहा कि धान अधिप्राप्ति में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी. मुख्यालय स्तर के पदाधिकारियों को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने तथा गड़बड़ी में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में पैक्सों में धान अधिप्राप्ति,बिहार राज्य फसल सहायता योजना,गोदाम निर्माण,विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना,कॉमन सर्विस सेंटर,बैंक मित्र योजना तथा‘सहकारिता में सहकार’सहित विभाग की विभिन्न प्राथमिकताओं की समीक्षा की गई. मंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया.
धान अधिप्राप्ति में छह जिलों का प्रदर्शन
खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के अंतर्गत पटना प्रमंडल के छह जिलों में कुल 11.16 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य के विरुद्ध 11.14 लाख मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति,अर्थात 99.88 प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया है. जिलावार आंकड़ों के अनुसार भोजपुर एवं रोहतास में 100 प्रतिशत,बक्सर में 99.99 प्रतिशत,कैमूर में 99.95 प्रतिशत,पटना में 99.95 प्रतिशत तथा नालंदा में 99.17 प्रतिशत अधिप्राप्ति दर्ज की गई. अधिप्राप्त धान से प्राप्त चावल में से 98.68 प्रतिशत राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की जा चुकी है. निदेश दिया गया कि बचे हुए चावल की शत प्रतिशत प्राप्ति करायी जाय एवं गड़बड़ियों पर कार्रवाई की जाय.
मंत्री ने निर्देश दिया कि आगामी 1 नवंबर से प्रारंभ होने वाली धान अधिप्राप्ति के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं. किसानों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो तथा पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे,इसके लिए अधिकारियों को विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया. मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि पैक्सों द्वारा खरीद में गड़बड़ी पाए जाने पर क्षेत्रीय पदाधिकारियों के विरुद्ध भी दायित्व का निर्धारण कर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी एवं पदाधिकारियों की संलिप्तता की भी हर स्तर से जांच होगी.
बिहार राज्य फसल सहायता योजना की समीक्षा
बिहार राज्य फसल सहायता योजना के अंतर्गत जिलावार क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन कार्य की स्थिति की भी समीक्षा की गई. भोजपुर में बड़ी संख्या में क्षेत्र निरीक्षण लंबित पाए जाने पर मंत्री ने प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए.
गोदाम निर्माण की समीक्षा
वित्तीय वर्ष 2025-26 तक स्वीकृत गोदाम निर्माण की स्थिति की समीक्षा में रोहतास एवं कैमूर में तीन-तीन गोदाम स्वीकृत पाए गए,जिनका निर्माण विभिन्न चरणों में है. मंत्री ने निर्माण कार्यों में अपेक्षित गति सुनिश्चित करने तथा योजनाओं को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया.
कॉमन सर्विस सेंटर की प्रगति की समीक्षा
कॉमन सर्विस सेंटर की प्रगति की समीक्षा के दौरान पटना प्रमंडल के छह जिलों में कुल 1,348PACSमें से 1,116PACSकेIDबनाए जा चुके हैं,जिनमें 1,024Active IDहैं. कुल सक्रियता का प्रतिशत 92 प्रतिशत है. 20 सितंबर 2026 तक इनPACSके माध्यम से कुल 17,003 लेन-देन दर्ज किए गए,जिनकी कुल राशि लगभग ₹33.62 करोड़ है.
बैंक मित्र योजना को और प्रभावी बनाने का निर्देश
बैंक मित्र योजना की प्रगति की समीक्षा में पाया गया कि पटना प्रमंडल के चार जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों के लिए कुल 230mATMस्वीकृत हैं,जिनमें से 144mATMबैंक मित्रों को वितरित किए जा चुके हैं.
सहकारी बैंकों को NPA कम करने एवं ऋण वसूली में तेजी का निर्देश
मंत्री ने सहकारी बैंकों में ऋण वितरण से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों का नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा. उन्होंनेNPAको नियंत्रित करने,ऋण वसूली में तेजी लाने तथा बैंकों की वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ बनाने के लिए प्रभावी कार्रवाई का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि ऋण वितरण के साथ-साथ ऋण की वसूली और वित्तीय अनुशासन पर भी समान रूप से ध्यान दिया जाना आवश्यक है.
बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह,निबंधक,सहयोग समितियाँ राजनीश कुमार सिंह,पटना प्रमंडल एवं मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
