पटना केLNJPऑर्थोपेडिक अस्पताल में दो रोबोटिक मशीनें लगेंगी,टेंडर प्रक्रिया पूरी;छोटे चीरे से ऑपरेशन और तेजी से रिकवरी की मिलेगी सुविधा
पटना: बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी पटना स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण (LNJP) ऑर्थोपेडिक अस्पताल में जल्द ही रोबोटिक तकनीक से ऑपरेशन की सुविधा शुरू होने जा रही है। अस्पताल में दो रोबोटिक उपकरणों की खरीद के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। इससे हड्डी रोग से पीड़ित मरीजों को सटीक इलाज, कम दर्द और तेजी से रिकवरी की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
अस्पताल के निदेशक डॉ. राकेश चौधरी के अनुसार, रोबोटिक उपकरणों के साथ लेप्रोस्कोपिक सर्जरी के आधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इनकी मदद से ऑपरेशन अधिक सटीक तरीके से किए जा सकेंगे। छोटे चीरे के कारण मरीजों को कम परेशानी होगी और अस्पताल से जल्दी छुट्टी मिल सकेगी।
ऑपरेशन के लिए मरीजों को नहीं करना पड़ेगा लंबा इंतजार?
फिलहाल अस्पताल में मरीजों की संख्या अधिक होने और ऑपरेशन की सीमित व्यवस्था के कारण सर्जरी के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। सारण निवासी राजकुमार ने बताया कि उनकी मां सड़क हादसे में घायल हुई हैं।22अक्टूबर को भर्ती कराने के बावजूद ऑपरेशन के लिए इंतजार करना पड़ा। अस्पताल में फिलहाल प्रतिदिन दो से तीन सर्जरी हो पा रही हैं।
जिला अस्पतालों में भी बढ़ रहीं सर्जरी की सुविधाएं
इधर, राज्य के जिला अस्पतालों में भी सर्जिकल सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। करीब37करोड़ रुपये की लागत से50श्रेणियों के1,947सर्जिकल उपकरण लगाए जा रहे हैं। इनमें772ऑर्थोपेडिक, 529सामान्य सर्जरी, 502प्रसूति ऑपरेशन और144लेबर रूम से जुड़े उपकरण शामिल हैं।15अक्टूबर तक950से अधिक उपकरण स्थापित किए जा चुके थे।
चार महीने में ऑपरेशन की संख्या में बड़ा इजाफा
मुख्यमंत्री सचिवालय की समीक्षा रिपोर्ट के अनुसार, जिला और अनुमंडल अस्पतालों में जून में2,428ऑपरेशन हुए थे, जबकि सितंबर में यह संख्या बढ़कर8हजार से अधिक हो गई। सर्जरी की सुविधाएं भी36से बढ़कर45प्रकार तक पहुंची हैं।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने कहा कि सरकार का लक्ष्य मरीजों को उनके जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और अनावश्यक रेफरल पर रोक लगाना है। विभाग अब 76 प्रकार की सर्जरी सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहा है।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

