

गुरुवार, 05 नवंबर 2026
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काशी की धरती से भरी हुंकार, उत्तर प्रदेश को विकसित राज्य बनाने का लिया संकल्प; युवाओं से मांगा साथ और बुजुर्गों से आशीर्वादवाराणसी:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने काशी की धरती से विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरक्षण और संविधान के मुद्दे पर विपक्ष की राजनीति को निशाने पर लेते हुए कहा कि जब तक वह जिंदा हैं, आरक्षण और संविधान पर कोई आंच नहीं आने देंगे।चिराग पासवान ने कहा कि चुनाव के दौरान विपक्ष एनडीए सरकार को लेकर जनता के बीच भ्रम फैलाता है। उन्होंने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा को अपनी राजनीति का मूल संकल्प बताया।अपने पिता रामविलास पासवान और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उनके विचारों और सामाजिक न्याय के सपनों को आगे बढ़ाना उनकी जिम्मेदारी है।उत्तर प्रदेश के विकास पर जोर देते हुए चिराग पासवान ने कहा कि प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के संकल्प के साथ वह सिर पर कफन बांधकर निकले हैं। युवाओं को बेहतर शिक्षा और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है।उन्होंने युवाओं से परिवर्तन की मुहिम में साथ देने और बुजुर्गों से आशीर्वाद देने की अपील की। साथ ही जाति और धर्म से ऊपर उठकर एकजुट होने का आह्वान किया। चिराग पासवान ने कहा कि उनका लक्ष्य उत्तर प्रदेश को विकास, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय के नए आयामों तक पहुंचाना है।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
हर विद्यार्थी का सम्मान,अधिकार और हित सर्वोपरि-नवादा सांसदनवादा/पटना: भाजपा नेता एवं नवादा सांसद विवेक ठाकुर ने यूजीसी नियमों की समीक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा समिति गठित करने के निर्णय का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार का यह कदम स्वागतयोग्य है।विवेक ठाकुर ने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि किसी भी नियम के कारण समाज के किसी वर्ग के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव या अन्याय न हो। शिक्षा का उद्देश्य समान अवसर देना, प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना और सभी विद्यार्थियों के सम्मान एवं अधिकारों की रक्षा करना है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के संकल्प के अनुरूप न्यायपूर्ण, समावेशी और भेदभावमुक्त शैक्षणिक वातावरण बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। हर विद्यार्थी का सम्मान, अधिकार और हित सर्वोपरि है।राजीव रंजन की रिपोर्ट
पटनाः दीपावली और छठ महापर्व को देखते हुए बिहार सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड में रखने का निर्देश दिया है। स्वास्थ्य विभाग ने राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में24घंटे आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और प्रमुख छठ घाटों पर मेडिकल कैंप लगाने की तैयारी की है।स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के अनुसार, 6नवंबर से17नवंबर2026तक डॉक्टरों,नर्सों,पैरामेडिकल और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के सामान्य अवकाश पर रोक रहेगी। विशेष परिस्थिति में सक्षम अधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी मिल सकेगी।छठ घाटों पर तैनात रहेंगी मेडिकल टीमें और एम्बुलेंसछठ महापर्व के दौरान प्रमुख और संवेदनशील घाटों पर मेडिकल कैंप बनाए जाएंगे। यहां डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की शिफ्टवार तैनाती होगी। इसके अलावा102एम्बुलेंस सहित अन्य एम्बुलेंस सेवाओं को अलर्ट मोड में रखा जाएगा, ताकि आपात स्थिति में श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सुविधा मिल सके।पटाखों से जलने और चोट लगने पर विशेष इंतजामअस्पतालों में जरूरी दवाएं, ऑक्सीजन, बर्न वार्ड, क्रिटिकल केयर बेड और वेंटिलेटर की उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। पटाखों से जलने, चोट लगने और सांस संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था रहेगी।मिलावटी मिठाइयों पर भी होगी कार्रवाईत्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए मिठाई, खोया, छेना, घी और खाद्य तेल की दुकानों पर विशेष जांच अभियान चलाया जाएगा। मिलावट मिलने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।104हेल्पलाइन पर मिलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारीसभी जिलों में24घंटे स्वास्थ्य नियंत्रण कक्ष संचालित किए जाएंगे। वहीं, राज्य स्तर पर बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति का हेल्पलाइन नंबर104 भी कार्यरत रहेगा। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है, ताकि दीपावली और छठ के दौरान आम लोगों एवं श्रद्धालुओं को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिल सके।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
पटना: लोक आस्था के महापर्व छठ-2026 को लेकर बिहार सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को स्टीमर से पटना के विभिन्न गंगा घाटों का निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को छठ व्रतियों और श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई और सुगम यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने नासरीगंज घाट से कलेक्ट्रियेट घाट, गांधी घाट, पहलवान घाट, गुलाबी घाट, चौधरी टोला घाट, पथरी घाट, गायघाट और भद्र घाट होते हुए महावीर घाट तक निरीक्षण किया।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गंगा के जलस्तर और तेज प्रवाह को देखते हुए घाटों पर मजबूत बैरिकेडिंग की जाए। छठ व्रतियों के आवागमन के लिए संपर्क मार्गों पर भी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए। घाटों पर माइकिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं को लगातार आवश्यक जानकारियां देने और साफ-सफाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने का निर्देश दिया।पटना में103गंगा घाटों पर चल रही तैयारीनिरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि पटना में गंगा नदी पर कुल 103 घाट हैं। इनमें 91 सुरक्षित, 5 खतरनाक और 7 घाटों पर अभी काम जारी है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 552 अस्थायी शौचालय, 450 यूरिनल, 400 चेंजिंग रूम, 13 यात्री शेड और 171 वॉच टावर बनाए गए हैं। व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए 21 सेक्टर गठित किए गए हैं।इसके अलावा पटना नगर निगम की ओर से 92 घाटों और 103 तालाबों को छठ महापर्व के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें 37 कृत्रिम और 66 स्थायी तालाब शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव, सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पटना के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
पटनाः बिहार में हर घर नल का जल योजना को लेकर लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की शिकायत निवारण व्यवस्था के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, 15 अगस्त 2025 से 2 नवंबर 2026 तक प्राप्त शिकायतों में 98.95 प्रतिशत का समाधान किया जा चुका है। शेष शिकायतों के निष्पादन के लिए विभाग की ओर से कार्रवाई जारी है।विभाग के अनुसार, 15 अगस्त 2025 से 31 मार्च 2026 तक प्राप्त शिकायतों में 99.99 प्रतिशत का निष्पादन हुआ, जबकि 1 अप्रैल 2026 से 2 नवंबर 2026 तक मिली शिकायतों में 98.4 प्रतिशत का समाधान किया गया।विभागीय मंत्री संजय कुमार सिंह ने अधिकारियों और अभियंताओं को शेष शिकायतों का जल्द निपटारा करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। विभाग का लक्ष्य ग्रामीण परिवारों को नियमित और निर्बाध शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है।टोल फ्री नंबर और व्हाट्सएप से दर्ज कराएं शिकायतनल-जल योजना से जुड़ी समस्याओं के लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर जारी किए हैं। नागरिक सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक इन नंबरों पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।टोल फ्री नंबर:18001231121शिकायत हेल्पलाइन:155367टोल फ्री नंबर:18003451121व्हाट्सएप:8544429024इसके अलावा ईमेल, नल-जल शिकायत ऐप और विभागीय वेबसाइट के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की सुविधा उपलब्ध है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि पेयजल आपूर्ति में किसी भी तरह की समस्या होने पर निर्धारित माध्यमों से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर उसका समाधान किया जा सके।राजीव रंजन की रिपोर्ट
दरभंगाः बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव गुरुवार को दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचे। हैदराबाद से हवाई मार्ग के जरिए दरभंगा पहुंचे तेजस्वी यादव का राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। एयरपोर्ट से उतरने के बाद वे सड़क मार्ग से मधुबनी जिले के बाबूबरही के लिए रवाना हो गए। बताया जा रहा है कि वे वहांASIकी गोलीबारी में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों से मुलाकात करेंगे और घटना के पीड़ित परिवार का हाल जानेंगे।एयरपोर्ट पर राजद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने किया स्वागततेजस्वी यादव के दरभंगा पहुंचने की सूचना मिलते ही एयरपोर्ट पर बड़ी संख्या में राजद नेता और कार्यकर्ता जुट गए। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इसके बाद तेजस्वी यादव बिना देर किए बाबूबरही के लिए रवाना हो गए।ASIकी गोलीबारी में हुई थी एक व्यक्ति की मौतजानकारी के अनुसार, मधुबनी जिले के बाबूबरही थाना क्षेत्र में पिछले दिनोंASI की गोलीबारी की घटना सामने आई थी। इस घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी,जबकि तीन अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद इलाके में चर्चा और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। इसी सिलसिले में तेजस्वी यादव पीड़ित परिवार से मुलाकात करने जा रहे हैं।पीड़ित परिवार से मिलकर जानेंगे हालाततेजस्वी यादव बाबूबरही पहुंचकर मृतक के परिजनों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे परिवार के सदस्यों से घटना की जानकारी लेंगे और घायलों का हाल भी जानेंगे।तेजस्वी के दौरे पर राजनीतिक हलचलASIगोलीबारी की घटना के बाद तेजस्वी यादव का बाबूबरही दौरा राजनीतिक और सामाजिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब सबकी नजरें पीड़ित परिवार से उनकी मुलाकात और इस मामले पर उनके बयान पर टिकी हैं।दरभंगा से गिरिश कुमार की रिपोर्ट
बिहार की राजनीति में ‘मिशन निशांत’ की शुरुआत,जेडीयू में बड़ी जिम्मेदारी और डिप्टी सीएम पद को लेकर चर्चाएं तेजपटना: बिहार की राजनीति में इन दिनों ‘मिशन निशांत’ को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। जेडीयू के भीतर निशांत कुमार की राजनीतिक भूमिका और भविष्य की जिम्मेदारी को लेकर नए सिरे से मंथन शुरू होने की चर्चा है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक के बीच निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं।निशांत कुमार को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी!सूत्रों की माने तो मिशन निशांत’ की शुरुआत के साथ पार्टी में उनके राजनीतिक भविष्य की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। इसके तहत निशांत कुमार को संगठन और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार होने की चर्चा है। हालांकि,उपमुख्यमंत्री पद को लेकर अभी किसी आधिकारिक फैसले की पुष्टि नहीं हुई है।विजय कुमार चौधरी को लेकर भी चर्चा तेजइस पूरे घटनाक्रम में जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी की भूमिका भी चर्चा में है। रिपोर्ट के अनुसार,उन्हें पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना पर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा है। यदि ऐसा कोई फैसला होता है तो पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है।सक्रिय राजनीति में निशांत कुमार की बढ़ती भूमिकागौरतलब है कि निशांत कुमार पहले ही सक्रिय राजनीति में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। पार्टी की गतिविधियों और चुनावी कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी लगातार चर्चा में रही है। हाल के विधान परिषद चुनाव में भी उनकी भूमिका को लेकर राजनीतिक विश्लेषण हो रहा है।JDUकी बैठक के फैसले पर टिकी बिहार की नजरेंअब सबकी निगाहें जेडीयू की महत्वपूर्ण बैठक और पार्टी नेतृत्व के अगले फैसले पर टिकी हैं। क्या निशांत कुमार को सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी या पहले संगठन में उनकी भूमिका मजबूत की जाएगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा। फिलहाल ‘मिशन निशांत’ बिहार की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
मोनू कुमार के महादान से तीन मरीजों को मिला नया जीवन, स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने की परिजनों की सराहना, एक परिवार के फैसले से तीन मरीजों को मिली जिंदगीपटना: बिहार में अंगदान के क्षेत्र में मानवता और संवेदनशीलता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। पटना के 16 वर्षीय मोनू कुमार की सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल होने के बाद IGIMS में इलाज के दौरान उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया। इस असहनीय दुख की घड़ी में भी उनके परिजनों ने साहस और मानवता का परिचय देते हुए उनके अंगदान का निर्णय लिया। परिवार की सहमति से मोनू का लिवर और दोनों किडनी दान की गईं, जिससे तीन जरूरतमंद मरीजों को नया जीवन मिला।स्वास्थ्य मंत्री ने दिए सभी जरूरी खर्चों की व्यवस्था के निर्देशइस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने IGIMS के निदेशक और लिवर ट्रांसप्लांट विभाग के विभागाध्यक्ष को अंगदान की प्रक्रिया में होने वाले सभी आवश्यक खर्चों की व्यवस्था करने का निर्देश दिया। साथ ही, पूर्व घोषित निर्णय के अनुरूप बिहार सरकार की ओर से लिवर ट्रांसप्लांट के लिए प्रति मरीज 15 लाख रुपये का अनुदान उपलब्ध कराने को कहा गया।IGIMS, AIIMS और अंगदान संस्थाओं की अहम भूमिकामंत्री के अनुसार, मोनू के अंगदान से IGIMS, पटना में एक 19 वर्षीय युवती का सफल लिवर प्रत्यारोपण किया गया। वहीं, एक अन्य मरीज का किडनी ट्रांसप्लांट IGIMS में और तीसरे मरीज का किडनी प्रत्यारोपण AIIMS, पटना में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।इस पूरी प्रक्रिया में IGIMS की ब्रेन डेथ कमेटी, SOTTO बिहार, NOTTO दिल्ली, ROTTO कोलकाता तथा IGIMS और AIIMS पटना की चिकित्सकीय टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।स्वास्थ्य मंत्री बोले- अंगदान महादान, परिजनों का साहस अनुकरणीयस्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने इस पुनीत कार्य को सफल बनाने वाली सभी चिकित्सकीय टीमों को बधाई दी। उन्होंने मोनू कुमार के परिजनों के निर्णय को मानवता की मिसाल बताते हुए उन्हें नमन किया। मंत्री ने कहा कि अंगदान महादान है और एक व्यक्ति का अंगदान कई लोगों को नया जीवन और उम्मीद दे सकता है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटनाः हाई कोर्ट ने बिहार राज्य में कथित तौर पर अवैध तरीके से एनालोगस पनीर (कृत्रिम पनीर) के बनाए जाने तथा बिक्री पर कार्रवाई को लेकर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की।चीफ जस्टिस वी कामेश्वर राव की खंडपीठ ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 11 जनवरी,2027 को की जायेगी।राज्य सरकार को छह सप्ताह में देना होगा जवाबचीफ जस्टिस वी. कामेश्वर राव की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने राजीव रंजन सिंह द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की।हाईकोर्ट ने इस जनहित याचिका पर राज्य सरकार को हुए जवाबी हलफनामा दायर करने के लिए छः सप्ताह का मोहलत दिया हैं। उसके बाद याचिकाकर्ता को जबाब देने के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया हैं।नकली पनीर से लोगों की सेहत को खतरे का आरोपइस जनहित याचिका में कहा गया है की इस प्रकार के पनीर की बिक्री की वजह से राज्य के लोगों के स्वास्थ पर विभिन्न रूप में बुरा प्रभाव पड़ रहा है। आगे, याचिकाकर्ता का कहना है कि राज्य में फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट(एफएसएसए) 2006 का कड़ाई से पालन किए जाने की जरूरत है, ताकि आम लोगों के स्वास्थ से खिलवाड़ नहीं किया जा सके। याचिका में एनालॉग पनीर के बारे में लोगों को जागरूक किए जाने का भी अनुरोध किया गया है।मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट में खाद्य विभाग की छापेमारीराज्य सरकार की खाद्य निगरानी एजेन्सी द्वारा भी विभिन्न मिठाई की दुकानों व रेस्टोरेंट में बड़ी मात्रा में नकली पनीर की छापेमारी धड़ पकड़ की जा रही हैं। याचिकाकर्ता ने उक्त मामले में राज्य के मुख्य सचिव तथा राज्य के स्वास्थ सचिव को अभ्यावेदन भी दिया है।लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस जनहित याचिका पर अगली सुनवाई 11 जनवरी,2027 को होगी।पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट
बिहार में 9 महीने में 477 करोड़ की साइबर ठगी, पटना देश में दूसरे नंबर परबिहार में साइबर अपराध की घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। साइबर ठगी के ताजा आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। गृह मंत्रालय के भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) की रिपोर्ट के अनुसार, जनवरी से सितंबर 2026 के बीच राज्य में साइबर अपराधियों ने 1 लाख 64 हजार 343 घटनाओं को अंजाम दिया। इस दौरान लोगों से कुल 477.22 करोड़ रुपये की ठगी की गयी। रिपोर्ट के मुताबिक, साइबर ठगी की रकम में से 142.08 करोड़ रुपये पर कार्रवाई करते हुए होल्ड लगाया गया है। इसके बावजूद बड़ी रकम अब भी साइबर अपराधियों के कब्जे में है।पटना देश में दूसरे स्थान परजिला स्तर की साइबर अपराध रैंकिंग में पटना देशभर में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। जून 2026 में पटना चौथे स्थान पर था, लेकिन सितंबर की रैंकिंग में दो पायदान ऊपर आ गया। वहीं, नालंदा देश में छठे स्थान पर है। जून में नालंदा नौवें स्थान पर था। नवादा नौवें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पहले यह सातवें नंबर पर था।बिहार देश का इकलौता राज्य, जिसके तीन जिले टॉप-15 मेंदेश के 15 सर्वाधिक साइबर अपराध प्रभावित जिलों की सूची में बिहार के तीन जिले पटना, नालंदा और नवादा शामिल हैं। खास बात यह है कि इस सूची में तीन जिले शामिल होने वाला बिहार एकमात्र राज्य है। राजस्थान और उत्तर प्रदेश के दो-दो जिले इस सूची में हैं।बिहार साइबर अपराध प्रभावित राज्यों में तीसरे नंबर परराज्यवार रैंकिंग में भी बिहार की स्थिति चिंताजनक है। जून में बिहार चौथे स्थान पर था, जो सितंबर में तीसरे स्थान पर पहुंच गया। वहीं, पश्चिम बंगाल पहले से दूसरे और झारखंड सातवें से आठवें स्थान पर आ गया। इन आंकड़ों ने पटना, नालंदा और नवादा पुलिस के सामने साइबर अपराध पर लगाम लगाने की बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
राइज एंड फॉल शो में गर्लफ्रेंड को लेकर किए खुलासे से फिर सुर्खियों में आए बिहार के चर्चित यूट्यूबरपटना: बिहार के चर्चित यूट्यूबर और पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मनीष कश्यप एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बार उनकी चर्चा की वजह सोशल मीडिया पर सामने आई एक तस्वीर है। अनुष्का शर्मा नाम की युवती ने मनीष कश्यप के साथ इंस्टाग्राम पर तस्वीर साझा की है। तस्वीर के साथ लिखे गए कैप्शन ने दोनों के रिश्ते को लेकर नई चर्चाएं शुरू कर दी हैं।अनुष्का ने गुरुवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर मनीष कश्यप के साथ एक तस्वीर पोस्ट की। खास बात यह है कि इस पोस्ट को मनीष कश्यप के आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट के साथ कोलैब किया गया है। तस्वीर में दोनों ब्लैक शर्ट और ब्लू जींस में नजर आ रहे हैं। दोनों के जूते भी एक जैसे दिखाई दे रहे हैं।तस्वीर से ज्यादा चर्चा अनुष्का के कैप्शन की हो रही है। उन्होंने लिखा कि ख्वाबों में जिस एहसास को देखा था, आज उसी हमसफर के साथ एक नई कहानी दुनिया के सामने है। इसके बाद सोशल मीडिया पर दोनों के रिश्ते को लेकर अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, मनीष कश्यप और अनुष्का शर्मा में से किसी ने भी अपने रिश्ते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।राइज एंड फॉल शो में गर्लफ्रेंड का किया था जिक्रदरअसल, मनीष कश्यप की निजी जिंदगी को लेकर चर्चा उस समय शुरू हुई थी, जब उन्होंने रियलिटी शो'राइज एंड फॉल' में अपनी लव लाइफ से जुड़ा खुलासा किया था। शो के दौरान उन्होंने बताया था कि उनकी 21 साल की एक गर्लफ्रेंड है। हालांकि, उस समय उन्होंने उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया था। अब अनुष्का के साथ तस्वीर सामने आने के बाद दोनों बातों को जोड़कर देखा जा रहा है।कौन हैं अनुष्का शर्मा?अनुष्का शर्मा को अनुष्का कुमारी के नाम से भी जाना जाता है। वह बिहार के औरंगाबाद जिले के दाउदनगर की रहने वाली हैं। उन्होंने पटना विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है। वह छात्र राजनीति में भी सक्रिय रही हैं और पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी की ओर से अध्यक्ष पद की उम्मीदवार रह चुकी हैं।इंजीनियरिंग छोड़ यूट्यूब से बनाई पहचानमनीष कश्यप का असली नाम त्रिपुरारी कुमार तिवारी है। वह पश्चिम चंपारण के निवासी हैं। उन्होंने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की, लेकिन बाद में यूट्यूब और सोशल मीडिया को अपना करियर बनाया। उनका'सच टॉक' चैनल काफी लोकप्रिय है।राजनीतिक रूप से भी मनीष कश्यप का सफर चर्चा में रहा है। उन्होंने पहले बीजेपी और बाद में जन सुराज का साथ दिया। 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में चनपटिया सीट से जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन जीत नहीं मिली।फिलहाल अनुष्का के साथ तस्वीर और हमसफर वाले कैप्शन ने उनकी निजी जिंदगी को फिर चर्चा में ला दिया है। दोनों की ओर से आधिकारिक बयान आने का इंतजार है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटनाः बिहार के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ी करीब 22 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को शामिल करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने के साथ आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।ग्रामीण परिवारों को मिलेगा125दिनों का रोजगारमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही मजदूरों को काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तपोषण की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गांवों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर खर्च होंगे14लाख रुपयेग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और पोषण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च करने का निर्देश दिया। इसके अलावा साज-सज्जा, पढ़ाई की सामग्री और फर्नीचर के लिए दो लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने VB-G RAM G के तहत अब तक स्वीकृत 1.5 लाख योजनाओं की संख्या बढ़ाकर तीन लाख करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।स्कूल,स्वास्थ्य केंद्र और ग्रामीण हाट को मिलेगी प्राथमिकतामुख्यमंत्री ने गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों का विकास, ग्रामीण हाट की व्यवस्था, खेल मैदान और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। सरकार का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिसंपत्तियों के निर्माण पर है, जिनका लाभ लंबे समय तक स्थानीय लोगों को मिल सके।तालाब,नहर और जलाशयों का होगा जीर्णोद्धारग्रामीण विकास के साथ जल संरक्षण को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने नहरों, तालाबों और जलाशयों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके अलावा भू-जल स्तर बनाए रखने और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता और कृषि संबंधी गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।योजनाओं की निगरानी में तकनीक और सामाजिक अंकेक्षण पर जोरमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार की जाएं और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की निगरानी में तकनीक के अधिकतम उपयोग, सामाजिक अंकेक्षण और आम जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूदइस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने की तैयारी है। अब इन योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति पर नजर रहेगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटनाः त्योहारों के मौसम में राजधानी पटना से खाद्य सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाला मामला सामने आया है। अनीसाबाद स्थित शालीमार कोल्ड स्टोरेज में फूलों के भंडारण की जगह मांस, मछली, अंडे और अन्य खाद्य पदार्थ रखे जाने का खुलासा हुआ है। इतना ही नहीं, यहां पुरानी मिठाइयों को दोबारा बाजार में बेचने की आशंका भी जताई जा रही है। मामले की जानकारी मिलते ही खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने छापेमारी कर बड़ी मात्रा में मिठाइयां और अन्य सामान जब्त किया है।फूलों के कोल्ड स्टोरेज में मांस-मछली और अंडे का भंडारणजानकारी के अनुसार, अनीसाबाद स्थित शालीमार कोल्ड स्टोरेज में फूलों के भंडारण के साथ नॉनवेज खाद्य पदार्थों को भी रखा जा रहा था। एक ही परिसर में मांस, मछली, अंडे और अन्य खाद्य सामग्री के भंडारण को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ने के बीच इस तरह की अनियमितता लोगों की सेहत के लिए खतरा पैदा कर सकती है।पुरानी मिठाइयों को रिसाइकिल कर बेचने की आशंकाछापेमारी के दौरान कोल्ड स्टोरेज में बड़ी मात्रा में मिठाइयां बरामद हुईं। आशंका जताई जा रही है कि दीपावली के बाजार में पुरानी मिठाइयों को दोबारा तैयार कर बेचने की तैयारी की जा रही थी। हालांकि, मिठाइयों को वास्तव में रिसाइकिल कर दोबारा बेचने की तैयारी थी या नहीं, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।गंदगी और चूहों के मल से खाद्य सुरक्षा पर सवालखाद्य सुरक्षा विभाग की जांच के दौरान भंडारण स्थल पर गंदगी और चूहों के मल की मौजूदगी भी सामने आई। खाद्य पदार्थों को रखने के तरीके में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद विभागीय टीम ने मिठाइयों को जब्त कर लिया और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।त्योहारों में लोगों की सेहत से खिलवाड़ का आरोपदीपावली जैसे बड़े त्योहार के समय बाजार में मिठाइयों की मांग काफी बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य पदार्थों के भंडारण में लापरवाही और पुरानी मिठाइयों को दोबारा बेचने की आशंका ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।पटना से विवेक कुमार की रिपोर्ट
एमएलसी चुनाव में हार के बाद जदयू में मंथन,अपनों पर ही भितरघात के गंभीर आरोपपटना: बिहार विधान परिषद की शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम आने के बाद जनता दल यूनाइटेड (जदयू) में सियासी हलचल तेज हो गई है। तीन सीटों पर हार के बाद पार्टी गुरुवार को चुनाव परिणामों की समीक्षा करेगी। प्रदेश कार्यालय में आयोजित होने वाली इस अहम बैठक में हार के कारणों के साथ-साथ पार्टी के भीतर सामने आए भितरघात के आरोपों पर भी चर्चा होगी।बैठक में जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा,संबंधित क्षेत्रों के प्रत्याशी,चुनाव प्रभारी और पार्टी के प्रमुख नेता शामिल होंगे। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने बैठक की जानकारी दी है।दरअसल,भाजपा के साथ सीटों के तालमेल में जदयू को दो शिक्षक और दो स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटें मिली थीं। इनमें पटना स्नातक क्षेत्र से नीरज कुमार ने जीत दर्ज की,जबकि अन्य तीन सीटों पर पार्टी के उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा।एनडीए नेताओं पर भी लगे आरोपचुनाव में हार के बाद तिरहुत स्नातक क्षेत्र के प्रत्याशी अभिषेक झा ने एनडीए के नेताओं पर ही उन्हें हराने की साजिश रचने का आरोप लगाया है। वहीं,सारण शिक्षक क्षेत्र के प्रत्याशी आनंद पुष्कर ने भाजपा सांसदों राधामोहन सिंह,राजीव प्रताप रूडी और जनार्दन सिंह सिग्रीवाल पर चुनाव में अपेक्षित सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है।आनंद मोहन की भूमिका पर भी चर्चातिरहुत और सारण के जदयू प्रत्याशियों ने पूर्व सांसद आनंद मोहन पर निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद करने का आरोप लगाया है। चुनाव में जीतने वाले निर्दलीय विधान पार्षद बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज को लेकर भी पार्टी में चर्चा होने की संभावना है।पटना स्नातक सीट पर जीत के बावजूद पार्टी नेताओं पर भितरघात के आरोप लगे हैं। ऐसे में आज की समीक्षा बैठक में जदयू के भीतर चुनावी हार और संगठनात्मक खामियों को लेकर अहम फैसले सामने आ सकते हैं।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार की सियासत में आज का दिन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में आज शाम 6 बजे NDA नेताओं की अहम बैठक आयोजित होगी। यह बैठक लोक सेवक आवास में होगी, जिसमें NDA के घटक दलों के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है।बैठक में हाल ही में संपन्न बिहार विधान परिषद चुनाव के परिणामों पर विस्तार से चर्चा हो सकती है। चुनाव में NDA के प्रदर्शन की समीक्षा के साथ-साथ विभिन्न सीटों पर पार्टी प्रत्याशियों के प्रदर्शन और चुनावी परिस्थितियों का आकलन किया जा सकता है।सूत्रों के मुताबिक, बैठक में चुनाव परिणाम से मिले राजनीतिक संकेतों पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा आगामी राजनीतिक रणनीति, सरकार और संगठन के बीच समन्वय तथा गठबंधन के भीतर बेहतर तालमेल जैसे मुद्दे भी एजेंडे में रह सकते हैं।मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक को NDA के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खासकर विधान परिषद चुनाव के नतीजों के बाद गठबंधन के घटक दलों के बीच आगे की रणनीति को लेकर चर्चा अहम होगी। बैठक में शामिल होने वाले नेताओं के सुझावों और चुनावी समीक्षा के आधार पर भविष्य की राजनीतिक गतिविधियों की दिशा तय करने पर भी विचार हो सकता है।अब सबकी नजरें शाम 6 बजे होने वाली इस बैठक पर टिकी हैं। बैठक में क्या फैसले होते हैं और विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर NDA का क्या आकलन सामने आता है, इस पर राजनीतिक गलियारों की नजर रहेगी।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पथ निर्माण विभाग में कार्यरत अधीक्षण अभियंता विजय कुमार के पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में4नवंबर को पटना, सहरसा और औरंगाबाद में की गई इस कार्रवाई के दौरान31लाख42हजार रुपये नकद, करीब23लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए हैं।SVU के अनुसार, प्रारंभिक जांच में विजय कुमार और उनकी पत्नी रानी कुमारी के नाम पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति का पता चला है। जांच एजेंसी ने उनकी संपत्ति का आकलन सरकारी वेतन और वैध आय के स्रोतों के आधार पर किया है। इस मामले में 3 नवंबर 2026 को विशेष निगरानी थाना कांड संख्या 27/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।जांच में पटना के महेश नगर स्थित प्रेम रेजिडेंसी अपार्टमेंट में एक फ्लैट, दानापुर और गोला रोड में तीन भूखंड तथा दो नवनिर्मित मकानों की जानकारी मिली है। इन अचल संपत्तियों का अनुमानित मूल्य 3 करोड़ 8 लाख 75 हजार रुपये बताया गया है। इसके अलावा बैंक खातों और सावधि जमा (FD) में करीब 1 करोड़ 29 लाख 46 हजार रुपये की राशि होने की जानकारी सामने आई है। विजय कुमार के नाम पर स्कॉर्पियो और आई-10 कार भी पंजीकृत मिली हैं।छापेमारी के दौरान दानापुर स्थित साईं शरणम आवास से 31.42 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ इंडिया में 10 लाख रुपये की FD से संबंधित जानकारी मिली है। LIC, टाटा एआईजी समेत विभिन्न कंपनियों में निवेश के दस्तावेज भी मिले हैं।SVU की टीम ने पटना के दानापुर और महेश नगर, सहरसा स्थित कार्यालय एवं आवास तथा औरंगाबाद के पैतृक आवास पर तलाशी ली। एजेंसी के मुताबिक, दानापुर स्थित आवास पर तलाशी अभियान जारी है। अन्य ठिकानों से मिले दस्तावेजों और बैंक खातों के लेनदेन की जांच की जा रही है। छापेमारी पूरी होने के बाद आय से अधिक संपत्ति का अंतिम आकलन किया जाएगा।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में, अब तक 1,700 फर्जी पाए गए; स्कूलों में CCTV, सुरक्षा गार्ड और साफ-सफाई को लेकर भी सख्त निर्देशपटना: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने छठ पर्व से पहले राज्य के शिक्षकों और शिक्षा विभाग के विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों का लंबित वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वेतन भुगतान में किसी तरह की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बुधवार को शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने शिक्षकों के प्रमाण पत्रों के सत्यापन, विद्यालयों की व्यवस्था, वित्तीय अनियमितताओं और वेतन विसंगतियों सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों की समीक्षा की।3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की हो रही जांचबैठक में शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के सत्यापन की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि राज्य में करीब 3.20 लाख शिक्षकों के प्रमाण पत्र जांच के दायरे में हैं। इनमें से 2.40 लाख शिक्षकों का सत्यापन पूरा हो चुका है। अब तक की जांच में 1,700 शिक्षक फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्त पाए गए हैं। शिक्षा मंत्री ने शेष प्रमाण पत्रों का सत्यापन जल्द पूरा करने और फर्जी पाए गए शिक्षकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया।छठ से पहले लंबित वेतन भुगतान का आदेशशिक्षा मंत्री ने लिपिक, परिचारी, शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज, शारीरिक शिक्षक, संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के लंबित वेतन का भुगतान छठ पर्व से पहले सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वेतन भुगतान की प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए।वित्तीय अनियमितता पर होगी सख्त कार्रवाईसमीक्षा बैठक में विभिन्न जिलों से सामने आ रही वित्तीय अनियमितताओं पर शिक्षा मंत्री ने गंभीर चिंता जताई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि अनियमितता में शामिल दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक में 65 वर्ष की आयु पार कर चुके अधिकारियों और कर्मचारियों को हटाने तथा सेवानिवृत्त कर्मियों को दोबारा सेवा में रखने की अधिकतम आयु सीमा 61 वर्ष से बढ़ाकर 64 वर्ष करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।शिक्षकों की उपस्थिति के लिए बनेगी फूलप्रूफ व्यवस्थाशिक्षा सेवकों और तालीमी मरकज के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने कहा कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए प्रेरित करें। इसके लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने और शिक्षा सेवकों एवं तालीमी मरकज की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं, करीब पांच प्रतिशत शिक्षकों द्वारा उपस्थिति दर्ज नहीं करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव को सभी जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग करने और उपस्थिति की फूलप्रूफ व्यवस्था विकसित करने को कहा गया।स्कूलों मेंCCTV और सुरक्षा गार्ड की होगी व्यवस्थाविद्यालयों में साफ-सफाई की खराब स्थिति पर असंतोष जताते हुए शिक्षा मंत्री ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशकों को इसके लिए अलग-अलग SOP तैयार करने का निर्देश दिया। विद्यालयों में चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सेवानिवृत्त सैन्यकर्मियों अथवा उच्चस्तरीय निजी सुरक्षा एजेंसियों के सुरक्षा गार्ड तैनात करने की व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों समेत सभी विद्यालयों को CCTV कैमरों से लैस करने का निर्देश दिया गया।प्रधान शिक्षकों की वेतन विसंगतियां दूर करने पर जोरबैठक में सभी सात श्रेणियों के शिक्षकों की वेतन विसंगतियों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि प्रधान शिक्षकों को पे-प्रोटेक्शन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस पर शिक्षा मंत्री ने आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया, ताकि प्रधान शिक्षकों को नियमानुसार पे-प्रोटेक्शन का लाभ मिल सके।प्रधानाचार्य कक्ष में लिखना होगा'विद्या ददाति विनयम्'विद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक वातावरण और गरिमामय व्यवस्था विकसित करने के उद्देश्य से शिक्षा मंत्री ने प्रधानाचार्य कक्ष में 'विद्या ददाति विनयम्' लिखना अनिवार्य करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के अलावा महात्मा गांधी, बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर तथा स्वामी विवेकानंद की तस्वीरें लगाने को कहा। इसके साथ ही विद्यालय निर्माण के लिए जमीन दान करने वाले लोगों के पूर्वजों के नाम भी सम्मानपूर्वक अंकित करने का निर्देश दिया गया।248 करोड़ रुपये से बनेगा प्रस्तावित विद्या भवनसमीक्षा बैठक में प्रस्तावित 'विद्या भवन' का प्रेजेंटेशन भी दिया गया। इसके निर्माण पर करीब 248 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। शिक्षा मंत्री ने संबंधित प्रस्ताव पर आवश्यक पहल करने और विभागीय कार्यों को पारदर्शिता एवं तेजी के साथ पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में लिए गए इन फैसलों के जरिए शिक्षा विभाग ने वेतन भुगतान, शिक्षकों की जवाबदेही, विद्यालयों की सुरक्षा और शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है।पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट
पटना: बिहार में सरकारी शिक्षकों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया पर रील्स बनाने और वीडियो अपलोड करने को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने सरकारी स्कूल परिसरों में बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के वीडियो और रील्स बनाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और कर्मचारी बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति के स्कूल परिसर में किसी भी तरह का सोशल मीडिया वीडियो या रील्स नहीं बना सकेंगे। इंस्टाग्राम, फेसबुक सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसे वीडियो बनाकर अपलोड करने पर भी विभाग ने रोक लगाई है। विभाग का कहना है कि सरकारी स्कूल परिसर को सोशल मीडिया कंटेंट तैयार करने का मंच नहीं बनाया जा सकता।आदेश में बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों का हवाला दिया गया है। इसके साथ ही बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली संशोधन, 2026 के नियम-9(3) का भी उल्लेख किया गया है। विभाग ने सरकारी सेवकों को राजनीतिक, धार्मिक और जातिगत मुद्दों पर सोशल मीडिया के माध्यम से किसी प्रकार का अभियान चलाने से दूर रहने की हिदायत दी है।विभाग ने आईटी एक्ट, 2000 की धारा 66ई और 72 के उल्लंघन की आशंका को लेकर भी चिंता जताई है। खासकर स्कूल परिसर में वीडियो बनाने और सोशल मीडिया पर साझा करने के दौरान गोपनीयता तथा व्यक्तिगत जानकारी से जुड़े नियमों का पालन करने पर जोर दिया गया है।शिक्षा विभाग के निदेशक प्रशासन विजय कुमार पाण्डेय ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भेजा है। साथ ही आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। विभाग की इस कार्रवाई से सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर निगरानी और अनुशासन को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने बड़ा निवेश करने की इच्छा जताई है। पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बिहार में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये तक निवेश करने का अपना विजन साझा किया है। उनकी योजना राज्य में एल्युमिनियम और कॉपर की बड़ी औद्योगिक फैक्ट्री स्थापित करने की है।एक टीवी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि बिहार के विभाजन के बाद खनिज संपदा का बड़ा हिस्सा झारखंड में चला गया। ऐसे में झारखंड से कच्चा माल लाकर बिहार में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने की संभावनाओं पर काम किया जा सकता है। इसके लिए दोनों राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और समझौते की जरूरत होगी।अनिल अग्रवाल ने कहा कि बिहार में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। यहां उद्योग स्थापित होने से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि अच्छे प्रस्ताव मिलने पर वे गंभीरता से विचार करेंगे और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करेंगे।उन्होंने औद्योगिक निवेश के साथ शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी योगदान देने की इच्छा जाहिर की। बिहार में स्कूल और अस्पताल खोलने की योजना पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।महिला सशक्तिकरण को लेकर उन्होंने बताया कि मिथिला क्षेत्र में करीब 500 नंद घर बनाने की योजना पर काम चल रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों की देखभाल और महिलाओं के कौशल विकास पर ध्यान दिया जाएगा। महिलाओं को प्रशिक्षण देकर हर महीने 12 से 13 हजार रुपये तक कमाई का अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।इसके अलावा उन्होंने बिहार में विश्वस्तरीय क्रिकेट स्टेडियम बनाने में सहयोग और राज्य की अपनी आईपीएल टीम होने की इच्छा भी जताई। उन्होंने कहा कि बिहार के लोगों से उनका भावनात्मक जुड़ाव है और वे प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहते हैं।पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट