पटनाः बिहार के ग्रामीण इलाकों में रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित 'संकल्प' सभागार में विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G को लेकर महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक हुई। बैठक में ग्रामीण विकास और रोजगार से जुड़ी करीब 22 हजार करोड़ रुपये की योजनाओं को शामिल करने का निर्देश दिया गया। मुख्यमंत्री ने ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी देने के साथ आंगनबाड़ी, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगा125दिनों का रोजगार
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी सुनिश्चित की जाए। साथ ही मजदूरों को काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान किया जाए। बैठक में बताया गया कि योजना के तहत केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्तपोषण की व्यवस्था होगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ गांवों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर खर्च होंगे14लाख रुपये
ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा और पोषण सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च करने का निर्देश दिया। इसके अलावा साज-सज्जा, पढ़ाई की सामग्री और फर्नीचर के लिए दो लाख रुपये अतिरिक्त खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने VB-G RAM G के तहत अब तक स्वीकृत 1.5 लाख योजनाओं की संख्या बढ़ाकर तीन लाख करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया।
स्कूल,स्वास्थ्य केंद्र और ग्रामीण हाट को मिलेगी प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने गांवों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। इनमें स्कूलों में अतिरिक्त क्लासरूम का निर्माण, स्वास्थ्य केंद्रों का विकास, ग्रामीण हाट की व्यवस्था, खेल मैदान और वृक्षारोपण जैसे कार्य शामिल हैं। सरकार का जोर ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी परिसंपत्तियों के निर्माण पर है, जिनका लाभ लंबे समय तक स्थानीय लोगों को मिल सके।
तालाब,नहर और जलाशयों का होगा जीर्णोद्धार
ग्रामीण विकास के साथ जल संरक्षण को भी मिशन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने नहरों, तालाबों और जलाशयों के जीर्णोद्धार पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। इसके अलावा भू-जल स्तर बनाए रखने और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा गया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता और कृषि संबंधी गतिविधियों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
योजनाओं की निगरानी में तकनीक और सामाजिक अंकेक्षण पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ग्राम पंचायतों में स्थानीय जरूरतों के अनुसार योजनाएं तैयार की जाएं और उन्हें निर्धारित समय सीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने योजनाओं की निगरानी में तकनीक के अधिकतम उपयोग, सामाजिक अंकेक्षण और आम जनता की शिकायतों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
बैठक में दोनों उपमुख्यमंत्री समेत वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। सरकार की इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को गति देने की तैयारी है। अब इन योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन और निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति पर नजर रहेगी।
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट

