पटनाः माननीय महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में शनिवार को पटना नगर निगम पर्षद की 13वीं साधारण बैठक संपन्न हुई। बैठक में माननीय उप महापौर रेशमी कुमारी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा सहित पर्षद के माननीय सदस्यगण उपस्थित रहे।

बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के अंतर्गत एजेंसी चयन की रूपरेखा, म्यूनिसिपल बॉन्ड से प्राप्त राशि के माध्यम से वेंडिंग जोन एवं वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण तथा निगम की लीज होल्ड संपत्तियों से संबंधित निर्माण शर्तों में बदलाव जैसे महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय लिए गए। इसके अतिरिक्त बोरिंग अधिष्ठापन, म्यूनिसिपल बॉन्ड की कूपन दर एवं छठ महापर्व से संबंधित परियोजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की गई।

ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए एजेंसियों के चयन की स्वीकृति

पटना नगर निगम क्षेत्र में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित, जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एजेंसी चयन की रूपरेखा को निगम पर्षद ने स्वीकृति प्रदान की। इसके तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, कचरे का पृथक्करण, प्रोसेसिंग प्लांट तक कचरे का परिवहन, सड़कों एवं गलियों की सफाई, गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट (GVP) की सफाई तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से प्राप्त सफाई संबंधी शिकायतों का निष्पादन शामिल होगा।

नई व्यवस्था के तहत दो एजेंसियों का चयन किया जाएगा। प्रत्येक एजेंसी को तीन-तीन अंचलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। साथ ही, वर्तमान में सफाई कार्यों में नियोजित लगभग 9,600 मानवबल को चयनित एजेंसियों के पे-रोल पर रखना अनिवार्य होगा। निगम के स्थायी सफाईकर्मियों को अन्य निर्धारित जिम्मेदारियों में लगाया जाएगा।

इस व्यवस्था से सफाई कार्यों के संचालन एवं निगरानी में अधिक स्पष्टता आएगी। साथ ही, सफाईकर्मियों को श्रम कानूनों के अनुरूप वेतन एवं सेवा संबंधी लाभ सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। नई व्यवस्था के क्रियान्वयन से निगम को कचरा प्रबंधन पर प्रतिवर्ष 30 करोड़ रुपये से अधिक की बचत होने का भी अनुमान है।

म्यूनिसिपल बॉन्ड की राशि से 15 स्थलों पर वेंडिंग जोन एवं वाणिज्यिक परिसर निर्माण हेतु NBCC से करार की स्वीकृति

पटना नगर निगम द्वारा म्यूनिसिपल बॉन्ड के माध्यम से जुटाई गई लगभग 200 करोड़ रुपये की राशि से शहर के 15 स्थलों पर वेंडिंग जोन एवं वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण कराया जाएगा। निगम पर्षद ने इन परियोजनाओं के निर्माण के लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ एकरारनामा करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से फुटपाथी विक्रेताओं को व्यवस्थित एवं सुविधाजनक स्थान उपलब्ध हो सकेगा। इससे उनके रोजगार एवं आजीविका के अवसरों को प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, वाणिज्यिक परिसरों के विकास से निगम की संपत्तियों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होने के साथ राजस्व वृद्धि के नए अवसर भी सृजित होंगे।

लीज होल्ड संपत्तियों पर निर्माण संबंधी अधिकतम G+3 की शर्त हटाने की स्वीकृति

श्रीकृष्णापुरी एवं राजेंद्र नगर में पटना नगर निगम द्वारा लीज पर आवंटित संपत्तियों पर लागू अधिकतम G+3 निर्माण की शर्त को हटाने के प्रस्ताव को निगम पर्षद ने स्वीकृति प्रदान की। बिहार ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 तथा वर्तमान शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इससे संबंधित संपत्तियों के विकास एवं निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक व्यावहारिक बनाने में मदद मिलेगी। निर्माण कार्य अन्य लागू भवन उपविधियों एवं वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप होंगे।

बैठक में शहर की आधारभूत सुविधाओं एवं विकास कार्यों को गति देने के उद्देश्य से बोरिंग अधिष्ठापन से संबंधित प्रस्तावों को भी स्वीकृति दी गई। इसके अतिरिक्त म्यूनिसिपल बॉन्ड की कूपन दर तथा छठ महापर्व के सफल आयोजन एवं संबंधित परियोजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े प्रस्तावों को भी निगम पर्षद की मंजूरी मिली।

इन निर्णयों के माध्यम से पटना नगर निगम ने शहर की स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करने, शहरी आधारभूत संरचना के विकास, फुटपाथी विक्रेताओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा निगम के संसाधनों एवं राजस्व को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

पटना से अंकिता की रिपोर्ट