पटना : बिहार पुलिस की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और पटना साइबर थाना की टीम ने संगठित साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं. कार्रवाई के दौरान 2 लाख 86 हजार 400 रुपये नकद भी जब्त किए गए. बिहार पुलिस की 15 अक्टूबर 2026 की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुलिस को 6 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि अगमकुआं थाना क्षेत्र के शीतलानगर नहर रोड स्थित एक मकान में किराये पर रह रहे कुछ लोग साइबर अपराध में शामिल है. सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने स्थानीय अगमकुआं थाना के सहयोग से मकान के तीसरे तल पर स्थित दो फ्लैटों में छापेमारी की.

पटना में साइबर ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश, 10 आरोपी गिरफ्तार, 2.86 लाख रुपये नकद बरामद

दो फ्लैटों में छापेमारी, नौ लोग पकड़े गए पुलिस ने दोनों फ्लैटों की तलाशी के दौरान पहले फ्लैट से पांच और दूसरे फ्लैट से चार लोगों को पकड़ा. तलाशी में मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, सिम कार्ड और अलग-अलग व्यक्तियों की पहचान से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए. इसके बाद पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया.

बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी की रकम निकालने का आरोप

पुलिस के अनुसार, पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य कथित तौर पर अलग-अलग लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाते थे. इन खातों से संबंधित पासबुक, चेकबुक और एटीएम या डेबिट कार्ड जुटाए जाते थे. इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से प्राप्त रकम लेने और उसे आगे ट्रांसफर करने के लिए किए जाने का आरोप है. रकम निकालने के लिए एटीएम, यूपीआई और चेक का इस्तेमाल किया जाता था. कमीशन के आधार पर रकम बांटने और खाताधारकों को भुगतान किए जाने की बात भी सामने आई है.

47मोबाइल और89एटीएम कार्ड समेत बड़ी बरामदगी

पुलिस की ओर से जारी बरामदगी के समेकित आंकड़ों के मुताबिक, कार्रवाई में निम्नलिखित सामान जब्त किया गया-

मोबाइल फोन:47

लैपटॉप:1

सीपीयू:

एटीएम कार्ड:89

चेकबुक:82

पासबुक:76

सिम कार्ड:9

पैन कार्ड:9

आधार कार्ड:17

नकद राशि:2,86,400रुपये

इसके अतिरिक्त ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेज भी बरामद किए गए.

सीएसपी संचालक पर भी कार्रवाई

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उनकी निशानदेही के आधार पर पुलिस7अक्टूबर को पटना सिटी के बनवारी टोला स्थित सदर गली पहुंची. यहां मोहम्मद इरफान नामक व्यक्ति से पूछताछ की गई. पुलिस के मुताबिक, वह पहले साइबर कैफे चलाता था और वर्तमान में सीएसपी संचालित कर रहा था.

आरोप है कि वह कुछ लोगों के आधार कार्ड पर पटना का पता दर्ज कराने के लिए ऑनलाइन आवासीय प्रमाणपत्र और अन्य दस्तावेज कथित तौर पर फर्जी तरीके से तैयार करता था. इसके बदले पता बदलने के लिए500रुपये और मोबाइल नंबर जोड़ने के लिए300रुपये लेने की बात सामने आई है.

कई राज्यों से जुड़े मामलों की जांच

पुलिस ने बरामद बैंकिंग दस्तावेजों और चेकबुक से संबंधित खातों की एनसीआरपी/समन्वय पोर्टल पर जांच की. इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एक खाते से संबंधित341शिकायतें, केनरा बैंक के एक खाते से संबंधित पांच शिकायतें और भारतीय स्टेट बैंक के एक खाते से संबंधित चार शिकायतें दर्ज पाई गईं. पुलिस के अनुसार, अन्य बैंक खातों को लेकर भी अलग-अलग राज्यों से शिकायतें मिली है. गिरोह के कथित सहयोगियों, बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों की जांच जारी है. बरामद मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल सामग्री के तकनीकी विश्लेषण के जरिए ठगी की रकम, पीड़ितों और दूसरे संभावित मामलों के बीच संबंध स्थापित करने की कोशिश की जा रही है.

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

प्रेस विज्ञप्ति में गिरफ्तार

आरोपियों के नाम इस प्रकार दिए गए हैं

राहुल कुमार'कुलदीप सिंह' राजू कुमार'कन्हैया कुमार'शिशुपा सिंह,विष्णु कुमार,राहुल धनराज कुमार, शादिक आलम मोहम्मद इरफान

बिहार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी अनजान व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम या डेबिट कार्ड, पासबुक, चेकबुक, ओटीपी अथवा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी उपलब्ध न कराएं. किसी संदिग्ध साइबर वित्तीय गतिविधि की सूचना तत्काल संबंधित पुलिस थाने या साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर1930 पर दें.

पटना से विवेक कुमार रॉय की रिपोर्ट-