कोलकाता:बिहार के कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार की अध्यक्षता में गुरुवार को कोलकाता स्थित पूर्वी क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र (EZCC)में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में बिहार की समृद्ध कला,सांस्कृतिक परंपराओं एवं ऐतिहासिक विरासत को व्यापक पहचान दिलाने तथा राज्य की सांस्कृतिक गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा हुई.
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान बिहार में आगामी 10 सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए. इन प्रस्तावों में नाटक एवं रंगमंच से संबंधित कार्यक्रमों के साथ-साथ संगीत,सांस्कृतिक उत्सवों और महोत्सवों के आयोजन को विशेष महत्व दिया गया. कार्यक्रमों के माध्यम से बिहार की लोककलाओं,पारंपरिक संगीत,नाट्य परंपराओं और स्थानीय कलाकारों को व्यापक मंच उपलब्ध कराने तथा सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर भी विचार-विमर्श हुआ.
इस अवसर पर मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि बिहार की कला और संस्कृति हमारी गौरवशाली सभ्यता,ऐतिहासिक परंपराओं और सामाजिक चेतना की पहचान है. राज्य की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना,कलाकारों को प्रोत्साहित करना और बिहार की कला को देशभर में नई पहचान दिलाना सरकार की प्राथमिकता है. आगामी कार्यक्रमों के माध्यम से कलाकारों को अवसर प्रदान करने के साथ बिहार की सांस्कृतिक समृद्धि को व्यापक जनसमुदाय तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा. बैठक मेंEZCCके निदेशक सुदेश शर्मा,उप निदेशक (कार्यक्रम) डॉ. तपस कुमार सामंतराय समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे.
बैठक के उपरांत मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने इंडियन म्यूजियम एवं एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स का भ्रमण किया. इस दौरान उन्होंने कला,संस्कृति,कलात्मक अभिव्यक्ति एवं सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अवलोकन किया.
पटना से अंकिता की रिपोर्ट-
