पटना: बिहार के खगड़िया जिले से जुड़े कफ सिरप जब्ती मामले में पटना हाईकोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई और एनडीपीएस एक्ट के इस्तेमाल को लेकर महत्वपूर्ण कानूनी सवाल उठाए हैं। न्यायमूर्ति अशोक कुमार पांडेय की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान कोडीन युक्त कफ सिरप की बरामदगी के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई किए जाने के कानूनी आधार पर विचार किया। अदालत ने आरोपी भारत कुमार को जमानत दे दी।
पिकअप वैन से484लीटर कफ सिरप बरामदगी का मामला
यह मामला खगड़िया जिले के चौथम थाना क्षेत्र का है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस ने एक पिकअप वैन से484 लीटरRJT-SCEN कफ सिरप बरामद किया था। इस मामले में भारत कुमार को आरोपी बनाते हुए एनडीपीएस एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया था।
आरोपी की ओर से दावा किया गया कि वह केवल वाहन के पास खड़ा था और बरामद कफ सिरप से उसका कोई संबंध नहीं था। बताया गया कि वह16 मई2026 से न्यायिक हिरासत में था।
कोडीन की मात्रा और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों पर चर्चा
मामले की सुनवाई के दौरान कफ सिरप में मौजूद कोडीन की मात्रा और उस पर लागू कानूनी प्रावधानों का मुद्दा प्रमुख रहा।
कानूनी नियमों के अनुसार, कुछ निर्धारित शर्तों के तहत चिकित्सीय उपयोग के लिए तैयार कोडीन युक्त दवाओं को एनडीपीएस एक्ट के दायरे से छूट मिल सकती है। हालांकि, इसके लिए दवा की संरचना, कोडीन की मात्रा, चिकित्सीय उपयोग और लागू अधिसूचनाओं की शर्तों की जांच जरूरी होती है।
ऐसे मामलों में केवल कफ सिरप की बरामदगी के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय संबंधित दवा और उसकी कानूनी श्रेणी का परीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
पुलिस की कार्रवाई पर अदालत की टिप्पणी
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस बात पर विचार किया कि कफ सिरप की बरामदगी के मामलों में एनडीपीएस एक्ट की धाराएं लगाने का कानूनी आधार क्या है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अदालत ने कानून के प्रावधानों का उचित अनुप्रयोग सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई और आरोपी की कथित भूमिका से जुड़े पहलुओं पर कानूनी परीक्षण किया गया। अदालत ने भारत कुमार को जमानत प्रदान की।
जमानत मिलने के बाद भी जांच और मुकदमे की प्रक्रिया जारी
हाईकोर्ट से जमानत मिलने का अर्थ यह नहीं है कि आरोपी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप समाप्त हो गए हैं। जमानत के बाद भी मामले की जांच और आगे की न्यायिक प्रक्रिया लागू प्रावधानों के अनुसार जारी रह सकती है।
यह मामला कफ सिरप की बरामदगी, दवा में मौजूद नियंत्रित पदार्थ की मात्रा और एनडीपीएस एक्ट के इस्तेमाल से जुड़े कानूनी पहलुओं को रेखांकित करता है।
पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट

