पटना सिटी: नवरात्र के पावन अवसर पर चैलीटाल स्थित श्री मनोरंजन दुर्गा समिति की ओर से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित की गई है। यहां वर्ष1933से मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा चली आ रही है। नौ दशक से अधिक पुरानी यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी हुई है। नवरात्र के दौरान पूजा स्थल पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। भक्त मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं।

मधुबनी पेंटिंग से सजा तोरण द्वार बना आकर्षण

इस वर्ष दुर्गापूजा के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ कला और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। आर्ट कॉलेज के छात्रों ने मधुबनी पेंटिंग से आकर्षक तोरण द्वार तैयार किया है। पारंपरिक मिथिला चित्रकला से सजे इस द्वार पर बिहार की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाई दे रही है। इसकी कलात्मक सजावट श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

राज्यपाल नंदकिशोर यादव ने की पूजा-अर्चना

शनिवार को नागालैंड के राज्यपाल नंदकिशोर यादव चैलीटाल स्थित पूजा स्थल पहुंचे। उन्होंने मां दुर्गा के दरबार में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और देशवासियों की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। इस दौरान पटना साहिब के विधायक रत्नेश कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे।

पूजा समिति और प्रबंधक मंडल के सदस्यों ने राज्यपाल को मां दुर्गा की चुनरी भेंट कर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पटना की मेयर सीता साहू,डिप्टी मेयर रश्मि चंद्रवंशी,पूर्व पार्षद प्रमोद गुप्ता,भारत अकादमी के अध्यक्ष नागेंद्र पांडे तथा समिति के सदस्य दीपू रंजन उर्फ राजू पप्पू मेहता समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आस्था के साथ लोककला को भी मिल रहा बढ़ावा

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। वर्ष 1933 से चली आ रही दुर्गापूजा की परंपरा इस आयोजन को ऐतिहासिक पहचान देती है, वहीं मधुबनी पेंटिंग से सजा तोरण द्वार इसकी सांस्कृतिक खूबसूरती में चार चांद लगा रहा है। श्री मनोरंजन दुर्गा समिति का यह आयोजन धार्मिक परंपराओं को सहेजने के साथ स्थानीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने का भी प्रयास है।

पटना सिटी से उमेश चौबे की रिपोर्ट