खगड़िया : बिहार के खगड़िया में करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए एक जीवित महिला को सरकारी न्यायिक प्रक्रिया में मृत घोषित किए जाने का मामला सामने आया है. बछौता गांव की रहने वाली 70 वर्षीय विधवा रीना रानी प्रभाकर को 19 नवंबर 2025 को एडीएम न्यायालय में दायर एक मामले में मृत बताया गया. मामले के उजागर होने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है.


रीना रानी प्रभाकर वरीय अधिवक्ता स्वर्गीय परमानंद प्रसाद प्रभाकर की पत्नी हैं. उनके अनुसार,पति और बेटे-बेटी की मृत्यु के बाद वह अपनी संपत्ति की सुरक्षा को लेकर पहले से परेशान हैं. अब उन्हें कागजों में मृत घोषित किए जाने से वह हैरान हैं. उन्होंने इस मामले में संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ने की बात कही है.


जिंदा महिला ने जमीन बेची, 20 लाख रुपये दान किए


मामले की सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस महिला को न्यायालय में मृत बताया गया,उन्होंने8अगस्त2026को जिला अवर निबंधक कार्यालय में उपस्थित होकर अपनी जमीन की रजिस्ट्री कराई. इसी दिन उन्होंने अपने दिवंगत पति की स्मृति में खगड़िया अधिवक्ता संघ को पुस्तकालय निर्माण के लिए20लाख रुपये दान भी दिए थे. इस अवसर पर व्यवहार न्यायालय परिसर में समारोह आयोजित किया गया था.


शपथपत्र के आधार पर दायर हुआ मामला


जानकारी के अनुसार,बछौता गांव के राजेंद्र प्रसाद जायसवाल और उनके पुत्र अमित कुमार ने एडीएम न्यायालय में दाखिल-खारिज पुनरीक्षण वाद संख्या67/25-26दायर किया था. इसमें रीना रानी प्रभाकर को मृत बताया गया. संबंधित शपथपत्र भी मामले के साथ संलग्न किया गया था. बाद में जमीन की दाखिल-खारिज प्रक्रिया के दौरान इस मामले को लेकर आपत्ति दर्ज कराई गई.


वरीय अधिवक्ता अजिताभ सिन्हा ने इसे गंभीर मामला बताया. वहीं,अंचलाधिकारी पुनीत कुमार कौशल ने कहा कि दोबारा सुनवाई होगी और फर्जीवाड़े के पुख्ता प्रमाण मिलने पर जांच के साथ कार्रवाई की जाएगी.

संजय कुमार की रिपोर्ट-