कटिहार:बिहार के कटिहार जिले के फलका प्रखंड अंतर्गत भंगहा गांव में अगलगी की घटना ने दस परिवारों को बेघर कर दिया है। आग में घरों के साथ कपड़े,अनाज,नकदी और गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। हादसे के बाद पीड़ित परिवारों के सामने खाने-पीने का संकट खड़ा हो गया है। आरोप है कि घटना के बाद अंचल प्रशासन की ओर से मंगलवार को दी गई राहत किट में एक्सपायरी सामग्री मिली। वहीं,पीड़ित परिवारों का कहना है कि घटना के24घंटे बाद भी उन्हें पर्याप्त राशन और भोजन नहीं मिल पाया है।

राहत किट में एक्सपायरी सामान मिलने का आरोप

अग्निपीड़ितों के मुताबिक,प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराई गई राहत किट में लाइफबॉय साबुन की वैधता5फरवरी2026और टाइड सर्फ की वैधता अगस्त2025में समाप्त हो चुकी थी। वहीं,डिटॉल लिक्विड की वैधता भी इसी महीने समाप्त होने वाली बताई गई है। इस मामले को लेकर पीड़ित परिवारों ने राहत सामग्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए प्रशासन से किट में शामिल सामान की जांच कराने की मांग की है।

पीड़ितों का कहना है कि आग में सब कुछ गंवाने के बाद उन्हें तत्काल भोजन,राशन और रोजमर्रा की जरूरी वस्तुओं की आवश्यकता है। ऐसे में राहत सामग्री की गुणवत्ता और समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने को लेकर प्रशासन को गंभीरता दिखानी चाहिए।

भूख से बिलखते बच्चों को देखकर बेबस हैं माताएं

अगलगी के बाद गांव में पीड़ित परिवारों की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। सबसे दर्दनाक तस्वीर उन मासूम बच्चों की है,जो भूख लगने पर अपनी मां से खाना मांग रहे हैं। उपेंद्र महलदार की पत्नी तेतरी देवी की बेबसी इसी स्थिति को बयां करती है। बच्चों के भोजन मांगने पर वह उन्हें सीने से लगाकर कहती हैं, “बेटा,सब कुछ जल गया है,पानी पीकर पेट भर लो।”

यह मार्मिक स्थिति अगलगी से प्रभावित परिवारों के सामने खड़े भोजन संकट को उजागर करती है। जिन परिवारों ने आग में अपनी गृहस्थी और खाद्यान्न खो दिया,उनके लिए अब रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो गया है।

घर के साथ नकदी जली,अब कर्ज और खेती की चिंता

अग्निकांड ने सिकंदर महलदार की पत्नी अरबिना देवी की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। घर के साथ नकदी जल जाने से उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। उन्हें किसानों के बकाये और खेती की जमीन की लीज की रकम चुकाने की चिंता सता रही है। घर उजड़ने के बाद परिवार के सामने एक ओर भोजन की समस्या है,तो दूसरी ओर आर्थिक जिम्मेदारियों का बोझ भी बढ़ गया है।

उषा देवी,धर्मेंद्र कुमार,देवेंद्र कुमार,मंटू शर्मा,अरविंद कुमार शर्मा,मिथिलेश शर्मा,गौतम शर्मा और भोला शर्मा समेत अन्य प्रभावित परिवार भी इस त्रासदी के बाद बदहाली से जूझ रहे हैं।

प्रशासन से तत्काल राहत की गुहार

अग्निपीड़ित परिवारों ने प्रशासन,जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों से जल्द से जल्द भोजन,राशन और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। पीड़ितों का कहना है कि आग में उनकी जमा-पूंजी और जीवनभर की गृहस्थी नष्ट हो गई है। ऐसे में उन्हें तत्काल मदद की जरूरत है,ताकि परिवारों और बच्चों को भूखे पेट न रहना पड़े।

अब सवाल यह है कि अग्निपीड़ित परिवारों को पर्याप्त राहत कब मिलेगी और राहत किट में कथित तौर पर मिली एक्सपायरी सामग्री की जांच कर जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई होगी। फिलहाल,भंगहा गांव के प्रभावित परिवार मदद की आस लगाए बैठे हैं।

कटिहार से रितेश रंजन की रिपोर्ट