मुख्यधारा से भटककर हिंसा का रास्ता चुनने वाले युवाओं के लिए झारखंड में एक बार फिर सकारात्मक बदलाव की एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की गई है. हजारीबाग ओपन जेल में बंद दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने आत्मसमर्पण के बाद समाज में एक नई जिंदगी की शुरुआत की है. पुलिस और जिला प्रशासन की विशेष पहल पर दोनों का विवाह पूरे विधि-विधान और धूमधाम के साथ संपन्न कराया गया. इस अनूठी शादी में हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के तमाम अधिकारी बाराती की भूमिका में नजर आए, जिन्होंने इस जोड़े को आशीर्वाद देकर उनके नए जीवन की शुरुआत कराई. प्रशासन का यह कदम न केवल उनके पुनर्वास की दिशा में एक बड़ा और मानवीय कदम है, बल्कि समाज में उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देने का एक सशक्त प्रयास भी है.वैवाहिक बंधन में बंधने वाले रांची जिले के बुंडू थाना क्षेत्र के बारूहातू गांव निवासी सुरेश सिंह मुंडा (जो पूर्व नक्सली कमांडर के रूप में सक्रिय रहे हैं) और तमाड़ के अराहंगा गांव की रहने वाली सोमवारी हेम्ब्रम हैं. दोनों ने आत्मसमर्पण के बाद समाज के मुख्यधारा में लौटकर अपने जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत करने का संकल्प लिया है.

कानूनी औपचारिकताएं हुईं पूरी

शादी समारोह के दौरान सभी कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं का पूरा ध्यान रखा गया. हजारीबाग जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने विधिवत रूप से दोनों का विवाह पंजीकरण कराया, जिससे इस रिश्ते को वैधानिक मान्यता भी मिल गई. इस शादी की सबसे खास बात यह रही कि इसमें सुरक्षा बलों और प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों की कमी को पूरा किया. हजारीबाग पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस विवाह समारोह में बारात बनकर शामिल हुए और नवदंपती को सुखद व खुशहाल भविष्य का आशीर्वाद दिया.