राजधानी रांची में कानून व्यवस्था को दुरुस्त रखने ने वर्दीधारी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाने में पुलिसकर्मी घायल हो रहे हैं। इस बीच रांची एसएसपी राकेश रंजन ने अपने सहयोगियों के साथ कंधे से कंधे मिलाकर काम किया और घायल वर्दीधारी को हर संभव मदद की। ताजा मामला घायल दारोगा मुकेश उपाध्याय का है, जिसमें एसएसपी राकेश रंजन ने अस्पताल जाकर हाल चाल जाना और जल्द स्वस्थ होने की कामना की।कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के दौरान कई पुलिसकर्मी हादसों का शिकार हुए हैं। अपनी जान जोखिम में डालकर चोर-उचक्कों को दबोचने की कोशिश में पुलिस के जांबाज अधिकारियों से लेकर कांस्टेबल तक घायल हुए हैं। हाल ही में घटित कुछ ऐसी ही प्रमुख घटनाएं शहर में पुलिसिंग की चुनौतियों को बयां करती हैं। अरगोड़ा इलाके में लूट का पीछा कर रहे दारोगा मुकेश उपाध्याय का कंधा टूटा, फिर भी अपराधियों को दबोच लिया।

पहला मामला ..20 सितंबर 2026 को अरगोड़ा थाने के सब-इंस्पेक्टर मुकेश कुमार उपाध्याय लूटपाट कर भाग रहे दो बाइक सवार अपराधियों का पीछा कर रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने खुद को घिरता देख उन पर हमला कर दिया। इस हमले में दारोगा मुकेश उपाध्याय का बायां कंधा फ्रैक्चर हो गया। हालांकि, गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दोनों आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया।

दूसरा मामला ..इससे पहले 9 जुलाई 2026 को राजधानी के पॉश इलाके अशोक नगर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। यहां एक बिल्डर के घर में घुसे चोरों को रोकने की कोशिश के दौरान अचानक अफरा-तफरी मच गई। इस गहमा-गहमी में सुरक्षा में तैनात बॉडीगार्ड की अपनी ही एके-47 राइफल से अचानक मिसफायर हो गया, जिससे गोली लगने से वह घायल हो गए थे।

तीसरा मामला ..पिछले साल 22 सितंबर 2025 को खलारी थाना क्षेत्र में रात के वक्त गश्त पर निकली पुलिस टीम को देखते ही पहले से छिपे बदमाशों ने अचानक ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी थी। इस अचानक हुए हमले में खलारी थाने के कांस्टेबल राम शिख शर्मा के पैर में गोली लग गई थी, जिसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।