कटिहार : इस तस्वीर को देखिये आपको लग रहा होगा की ये किसी शादी और बरात की तस्वीर है लेकिन अगर आप ये सोच रहे है तो आप बिलकुल गलत है। दरअसल ये बधाई नृत्य और गान बेटी के जन्म को लेकर है। जी हाँ बेटी के जन्म पर घरवाले इतने आनंदित है की अस्पताल से घर तक ढोल बजे के साथ इसे लेकर आये है और जमकर खुशिया मना रहे है।


अस्पताल से घर तक बैंड-बाजे के साथ स्वागत, खूब बंटी मिठाइयां

ढोल बाजे की धुन पर दादा-दादी सहित अन्य परिजन जमकर थिरकते नजर आए। दादा दादी ने नवजात बच्ची के साथ अपनी पुत्रवधू को हॉस्पिटल से ढोल ताशे के साथ स्वागत करते हुए घर लाए। कटिहार के सिमरा बागान के रहने वाले ध्रुव चंद्र झा ने अपने पुत्र शरद एवं पुत्रवधू सोमिल की नवजात बेटी की आगमन पर बाजे गाजे के साथ मिठाइयां बांटकर भी खुशियों का इज़हार किया। मौके पर पर उपस्थित शिक्षाविद विकास चंद्र ठाकुर ,नूर मोहम्मद आजाद ने दादा-दादी सहित उनकी पोती को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनका यह कदम समाज के लिए अनुकरणीय बनेगा।


अस्पताल से घर तक बैंड-बाजे के साथ स्वागत, खूब बंटी मिठाइयां

वहीँ विकास चंद्र ठाकुर ने इस आयोजन को अभूतपूर्व करा देते हुए कहा कि बेटियां देव स्वरूपा होती है । इस तरह के आयोजन से बेटियों के जन्म को उत्सव धर्मिता के रूप में स्वीकार किए जाने पर समाज में बेटियों के प्रति सम्मान का भाव जागृत होगा वही नवजात के चाचा विधान एवं चाची मोना ने कहा कि बेटी के आगमन से हम गदगद हो गए।

एक और जहां हम बेटी के जन्म को लेकर कई तरह की खबरे सुनते है जिसमे बहुओं को प्रताड़ित करने का मामला भी सामने आता। वही दूसरी ओर कटिहार से आई ये तस्वीर इस बात का एहसास करता है कि सामाजिक बदलाव आ रहा है और बेटियों के प्रति सम्मान का भाव भी बढ़ रहा है। ऐसे में कहा जा सकता है कि बेटियां आई है खुशियां लाई है।