बिहार की राजधानी पटना के मनेर थाना क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में तीन अपराधियों की मौत हो गई। घटना के बाद दानापुर अनुमंडलीय अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। मृतकों के परिजन अस्पताल पहुंचकर पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताने लगे। इस दौरान मुखबिरी के शक में एक व्यक्ति की पिटाई भी कर दी गई। पुलिस ने किसी तरह उसे भीड़ से बचाया।जानकारी के अनुसार, मनेर के शेरपुर गंगा घाट के पास शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे पुलिस और अपराधियों के बीच मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों तरफ से करीब 20 मिनट तक गोलीबारी हुई। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा के मुताबिक, अपराधियों ने पुलिस पर 24 राउंड फायरिंग की, जबकि पुलिस की ओर से 18 राउंड गोलियां चलाई गईं।

मुठभेड़ में मनेर थानाध्यक्ष रजनीश कुमार भी जख्मी हो गए। गोली उनकी बांह को छूते हुए निकल गई। पुलिस ने तीनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।मृतकों की पहचान दानापुर के न्यू ताराचक निवासी जेपी यादव, शाहपुर के गंगहारा निवासी राजेश शर्मा और मनेर के सुअरमरवा निवासी बबलू कुमार के रूप में हुई है।पुलिस के अनुसार, तीनों अपराधी दुर्गाष्टमी के दिन मनेर में हुए एक हत्याकांड में वांछित थे। वहीं, मृतकों के परिजनों ने पुलिस के दावे पर सवाल उठाए हैं। अस्पताल में शव देखने की मांग को लेकर परिजनों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।

इसी दौरान एक व्यक्ति को मुखबिरी कर एनकाउंटर कराने के आरोप में परिजनों ने पीट दिया। सूचना मिलने पर एसडीपीओ अजीत कुमार भी अस्पताल पहुंचे। काफी देर तक हंगामे के कारण शव एंबुलेंस में ही रहे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट