करवंदिया और गिजवाही-2पहाड़ी क्षेत्र का खनन विभाग के अधिकारियों ने लिया जायजा,डीएम दीपक कुमार मिश्रा की पहल से दूर हुई रास्ते की बाधा
रोहतास:जिले में वर्ष2012 से बंद पड़े पत्थर खनन को दोबारा शुरू करने की कवायद अब अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में किए गए प्रयासों के बाद राज्य सरकार ने जिले में फिलहाल चार खनन ब्लॉकों के लिए हरी झंडी दे दी है। इससे जिले में खनन गतिविधियां दोबारा शुरू होने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद बढ़ गई है।

इसी क्रम में पटना से पहुंचे खनन विभाग के अधिकारियों ने करवंदिया पहाड़ी क्षेत्र और गिजवाही-2 ब्लॉक का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने खनन क्षेत्र तक पहुंचने वाले रास्ते और अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही खनन ब्लॉकों की निविदा प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

करवंदिया में रास्ते की बाधा हुई दूर
पत्थर खनन दोबारा शुरू करने की प्रक्रिया में करवंदिया पहाड़ी क्षेत्र तक पहुंचने वाले रास्ते को लेकर अड़चन आ रही थी। जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा की पहल पर इस समस्या को दूर किया गया है। इसके बाद खनन विभाग की टीम ने क्षेत्र का अंतिम निरीक्षण किया। माना जा रहा है कि जल्द ही यहां भी निविदा प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।

गायघाट और गिजवाही-1के लिए पहले ही निकली निविदा
इससे पहले जिलाधिकारी के नेतृत्व में गायघाट और गिजवाही-1 खनन ब्लॉक को लेकर प्रक्रिया पूरी करते हुए खनन विभाग ने निविदा जारी की है। इन दोनों क्षेत्रों में पत्थर खनन के लिए 12 हेक्टेयर से अधिक जमीन का चयन किया गया है। निविदा में आवेदन करने की अंतिम तिथि 21 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं, गिजवाही-2 ब्लॉक के लिए भी निविदा से संबंधित आवश्यक कार्रवाई जारी है। करवंदिया क्षेत्र में सरकार की गाइडलाइन के अनुरूप छोटे-छोटे खनन ब्लॉक विकसित करने की योजना है।

रोजगार और विकास को मिलेगी रफ्तार
जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में पत्थर खनन दोबारा शुरू करने को लेकर सरकार गंभीर है। सरकार की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार खनन प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और जिले की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

2012से बंद था पत्थर खनन
गौरतलब है कि रोहतास जिले में वर्ष 2012 के बाद से पत्थर खनन बंद है। इसके कारण खनन से जुड़े रोजगार और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ा है। अब प्रशासन की पहल और सरकार की मंजूरी के बाद जिले में खनन गतिविधियां दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है। फिलहाल करवंदिया और गिजवाही-2 क्षेत्र में निरीक्षण के बाद निविदा प्रक्रिया को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि खनन कार्य कब तक शुरू होता है और इससे स्थानीय लोगों को रोजगार का लाभ कब मिल पाता है।

रोहतास से दयानंद तिवारी की रिपोर्ट