पटना : बिहार में रेल मार्ग के जरिए वन्यजीवों की तस्करी का सनसनीखेज मामला सामने आया है. हावड़ा-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन में तलाशी के दौरान राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) ने 36 कछुए बरामद किए हैं. इनमें पांच कछुए मृत पाए गए. तस्करों ने कछुओं को थैले में भरकर ट्रेन की सामान्य बोगी में शौचालय के पास छिपा रखा था. पुलिस की कार्रवाई के दौरान संदिग्ध तस्कर मौके से फरार हो गए.

जानकारी के अनुसार, नेऊरा स्टेशन के पास ट्रेन की जांच कर रही जीआरपी टीम को एक लावारिस थैले पर संदेह हुआ. तलाशी लेने पर उसके अंदर बड़ी संख्या में कछुए मिले. ट्रेन के दानापुर रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद सभी कछुओं को जीआरपी कार्यालय लाया गया. इसके बाद वन विभाग को पूरे मामले की सूचना दी गई.

वन विभाग के स्पेशल पीपी रामाकांत तिवारी के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी सामने आया है कि इन कछुओं को उत्तर प्रदेश के अमेठी-सुल्तानपुर क्षेत्र से पकड़कर बंगाल के रास्ते चीन भेजने की तैयारी थी. वहां इनका इस्तेमाल कथित तौर पर औषधीय उत्पादों के निर्माण और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में किए जाने की जानकारी मिली है.

बरामद कछुओं का कुल वजन लगभग 20 से 25 किलोग्राम बताया गया है. वन्यजीवों की तस्करी कानूनन अपराध है. इस मामले में वन विभाग और जीआरपी आगे की कानूनी प्रक्रिया में जुटे हैं.

सभी जीवित कछुओं को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) के समक्ष प्रस्तुत करने के बाद सुरक्षित प्राकृतिक आवास में छोड़ने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.

वहीं, जीआरपी फरार तस्करों की पहचान करने और इस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं और रेल मार्ग का इस्तेमाल कब से किया जा रहा था.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-