36 वर्षों से प्रतियोगी अंग्रेजी शिक्षा के क्षेत्र में दे रहे योगदान, 'A Mirror of Common Errors' को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
पटना: बिहार की राजधानी पटना के प्रख्यात प्रतियोगी अंग्रेजी शिक्षक एवं लेखक डॉ. अशोक कुमार सिंह ने शिक्षा जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। उनकी चर्चित पुस्तक A Mirror of Common Errors को अमेरिका के Book of World Records में शामिल किया गया है। इस उपलब्धि के लिए उन्हें Lifetime Membership Card भी प्रदान किया गया है।

डॉ. अशोक कुमार सिंह पिछले करीब 36 वर्षों से प्रतियोगी अंग्रेजी शिक्षा के क्षेत्र में सक्रिय हैं। अपने लंबे शैक्षणिक सफर के दौरान उन्होंने हजारों विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के बीच उनकी पुस्तकों की विशेष पहचान रही है।

17पुस्तकों के जरिए विद्यार्थियों का कर रहे मार्गदर्शन
डॉ. सिंह अब तक प्रतियोगी परीक्षाओं एवं अकादमिक शिक्षा से संबंधित कुल 17 पुस्तकों की रचना कर चुके हैं। उनकी पुस्तकें बिहार, झारखंड समेत देश के विभिन्न हिस्सों में विद्यार्थियों के बीच लोकप्रिय हैं। अंग्रेजी व्याकरण और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को सरल बनाने में उनके लेखन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।

कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए नामांकन
शिक्षा के क्षेत्र में उनके लंबे योगदान और उपलब्धियों को देखते हुए इस वर्ष उन्हें कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पुरस्कारों के लिए भी नामित किया गया है। अमेरिका के Book of World Records में उनकी पुस्तक का शामिल होना उनके शैक्षणिक सफर की एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

परिवार और सहयोगियों का जताया आभार
इस सफलता में डॉ. सिंह के परिवार और सहयोगियों की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने अपने शैक्षणिक सफर में धर्मपत्नी श्रीमती रंजना सिंह, पुत्री निशा सिंह तथा सहयोगी शिक्षकों शशि कुमार सिंह और सुजीत कुमार सिंह के योगदान को महत्वपूर्ण बताया है। डॉ. अशोक कुमार सिंह की यह उपलब्धि बिहार के शिक्षा जगत के लिए गौरव का विषय है। उनकी सफलता से शिक्षा और लेखन के क्षेत्र में कार्य कर रहे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी।

पटना से अंकित कुमार की रिपोर्ट