मुजफ्फरपुर:बिहार के मुजफ्फरपुर से मां और एक साल के बच्चे के लापता होने का मामला अब गुजरात के सूरत में मासूम की मौत के बाद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। तुर्की थाना क्षेत्र के खखरा गांव निवासी सिविल कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश प्रसाद सिंह के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनकी बहू भव्य कुमारी और एक वर्षीय पोते दिव्यम के लापता होने के मामले में अब बच्चे की मौत की खबर सामने आई है। परिजनों ने गांव के ही दीपक समेत कई लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
1 अक्टूबर से लापता थे मां और बेटा
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के तुर्की थाना क्षेत्र के खखरा गांव निवासी भव्य कुमारी और उनका एक वर्षीय पुत्र दिव्यम बीते 1 अक्टूबर से लापता थे। इस मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश प्रसाद सिंह ने गांव के ही दीपक समेत कई लोगों पर अपहरण का आरोप लगाते हुए पुलिस से शिकायत की थी।
परिवार लगातार मां और बच्चे की तलाश कर रहा था। इसी बीच गुजरात के सूरत से आई एक खबर ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
सूरत में सड़क हादसे में मासूम की मौत
परिजनों के आरोप के मुताबिक, दीपक ने मासूम दिव्यम को सड़क पर छोड़ दिया था। इसी दौरान तेज रफ्तार वाहन की चपेट में आने से बच्चे की मौत हो गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें एक वाहन बच्चे को टक्कर मारते हुए आगे निकलता दिखाई दे रहा है।
हालांकि, बच्चे को सड़क पर छोड़े जाने और घटना में अन्य लोगों की भूमिका को लेकर लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आना अभी बाकी है।
परिवार ने जताई साजिश की आशंका
मासूम की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है। परिजन इस घटना को महज सड़क हादसा मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने इसे साजिश के तहत की गई हत्या बताते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं।
वरिष्ठ अधिवक्ता उमेश प्रसाद सिंह का आरोप है कि यदि पुलिस ने उनकी शिकायत पर समय रहते प्राथमिकी दर्ज कर उचित कार्रवाई की होती, तो शायद आज उनके परिवार को इस दर्दनाक स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता।
पुलिस जांच पर टिकी निगाहें
मामले के सामने आने के बाद अब कई अहम सवाल खड़े हो रहे हैं। मां और बच्चा मुजफ्फरपुर से सूरत कैसे पहुंचे? बच्चे को सड़क पर किन परिस्थितियों में छोड़ा गया? हादसे के पीछे किसी की भूमिका थी या यह दुर्घटना थी? इन सभी सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की जरूरत है। अब सबकी नजर पुलिस की जांच और कार्रवाई पर टिकी है।
मुजफ्फरपुर से रविरंजन कुमार की रिपोर्ट

