कोलकाता मे ट्रेनी महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या से पूरे देश के डाक्टरों में उबाल है.हर जगह डॉक्टरों का प्रदर्शन हो रहा है. पुरजोर तरीके से विरोध करने के साथ साथ कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. गढ़वा सदर अस्पताल परिसर में भी इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के लोगों ने धरना प्रदर्शन किया.

गढ़वा सदर अस्पताल में ओपीडी सेवा ठप, IMA का धरना प्रदर्शन

प्रदर्शन कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि एक बेटी को लोगों की सेवा के लिये चिकित्सा सेवा चुनी. वो प्रशिक्षण लेने के दरम्यान भी काफ़ी तेज़ी से अनुभव हासिल कर रही थी. वो अक्सर कहती थी कि प्रशिक्षण हासिल कर वो ग्रामीण सरकारी अस्पताल में काम करना पसंद करेगी. ताकि वैसे लोगों को स्वास्थ्य सुविधा दे सके, जिन्हे वक्त पर इलाज मयस्सर नहीं हो पाती है. लेकिन उसका सपना उसके साथ दुनिया से चला गया. वहशी दरिंदों ने उसकी निर्मम तरीके से हत्या कर दी.

डॉक्टरों ने कहा की 15 अगस्त को हम आजादी के 78वां दिवस मनाये हैं. लेकिन ये कैसी आजादी है. रात के अंधेरे में कौन कहे, दिन के उजाले में भी सेवा करने वाले डॉक्टर महफूज नहीं हैं. साथ ही आक्रोशित डॉक्टरों ने सरकार को चेतावनी दी और कहा कि इतना होने के बाद कार्रवाई नहीं हो और डॉक्टरों को सुरक्षा नहीं दी जाये, तो आज ओपीडी बंद किये हैं. कल और बड़ा कदम उठाने पर बाध्य होंगे