पटना: “बापू टावर वर्ल्ड-क्लास म्यूजियम है,जिसे बेहद शानदार तरीके से तैयार किया गया है. यहां के डियोरामा,इमर्सिव सिनेमा,ऑडिटोरियम,अलग-अलग हॉल और बेहद दिलचस्प एवं प्रभावशाली आर्काइव सामग्री मुझे बहुत पसंद आई. यहां कोई भी पूरा दिन बिता सकता है. मैंने यहां अभी केवल कुछ घंटे बिताए हैं,लेकिन इतना जरूर कह सकता हूं कि यहां ऐसा बहुत कुछ है,जो महात्मा गांधी के जीवन और उनकी शिक्षाओं के साथ-साथ स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में रुचि रखने वाले हर व्यक्ति को पसंद आएगा. मैं कहूंगा कि यह एक बेहतरीन म्यूजियम है. मुझे उम्मीद है कि देशभर से लोग यहां आएंगे और इसे देखेंगे.”यह कहना है प्रसिद्ध लेखक एवं सांसद शशि थरूर का,जिन्होंने बापू टावर का भ्रमण करने के बाद इसकी खूबियों की सराहना की.
भारत के महान और प्रभावशाली आध्यात्मिक एवं राजनीतिक नेता तथा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सत्याग्रह और जन-आंदोलन की प्रभावी शुरुआत बिहार के चंपारण से की थी. महात्मा गांधी के जीवन,विचारों और बिहार से उनके जुड़ाव को लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से भवन निर्माण विभाग द्वारा पटना के गर्दनीबाग में महात्मा गांधी को समर्पित बापू टावर का निर्माण किया गया है.
बापू टावर में गांधीजी की विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से बेहद प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया गया है. यहां ऑडियो-विजुअल्स,म्यूरल,मूर्तियों एवं लघु फिल्मों के माध्यम से गांधीजी के जीवन और उनके विचारों को सजीव रूप में दर्शाया गया है. महात्मा गांधी की जीवन यात्रा,उनके सिद्धांतों और बिहार से उनके जुड़ाव को संग्रहालय में आधुनिक तकनीक के जरिए जीवंत रूप से प्रदर्शित किया गया है.
बापू टावर सिर्फ पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नहीं है,बल्कि युवाओं और छात्रों के लिए शिक्षा एवं प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र भी बन चुका है. यहां आने वाले लोग महात्मा गांधी के जीवन और उनके विचारों को करीब से जान और समझ सकते हैं. इस तरह यह संग्रहालय बिहार में पर्यटन को नई ऊंचाई देने के साथ-साथ राज्य की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को भी लोगों के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर रहा है.
बिहार की सांस्कृतिक धरोहर के नए प्रतीक के रूप में बापू टावर का सभागार वर्तमान समय में राजनीतिक,सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का गवाह भी बन रहा है. आधुनिक प्रस्तुति,ऐतिहासिक सामग्री और गांधीजी के जीवन से जुड़े महत्वपूर्ण प्रसंगों के माध्यम से बापू टावर आज लोगों को इतिहास से जोड़ने और गांधीजी के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहा है.
लोगों ने बताया शानदार अनुभव
महात्मा गांधी के जीवन,विचारों और उनके संदेश को लोगों तक पहुंचाने के लिए बापू टावर में लगातार विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इसी क्रम में 9 से 11 सितंबर,2026 तक यहां“गांधी फिल्म फेस्टिवल”का आयोजन किया गया. इस दौरान महात्मा गांधी के जीवन,संघर्ष और विचारों पर आधारित चुनिंदा फिल्मों का प्रदर्शन किया गया. फिल्म फेस्टिवल में पहुंचे लोगों ने फिल्मों के माध्यम से गांधीजी के जीवन और विचारों को जानने का अनुभव साझा किया. उन्होंने बापू टावर में आयोजित इस पहल की सराहना करते हुए इसे आज की पीढ़ी को महात्मा गांधी के विचारों से जोड़ने का प्रभावी माध्यम बताया.
“फिल्में देखीं,गांधीजी को जाना और कई अनुभव साथ लेकर जा रही हूं. फिल्म काफी अच्छी है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन-मूल्यों,आदर्शों और विचारों को सहेजने की यह एक बेहतरीन कोशिश है. पटना स्थित बापू टावर गांधीजी के विचारों को जानने और समझने का शानदार माध्यम है.”
प्रियंका कुमारी,शिक्षिका
“आज के समय में गांधीजी के नाम पर फिल्म फेस्टिवल का आयोजन अपने आप में एक अनूठी पहल है. अलग-अलग क्षेत्रों की कई बड़ी हस्तियों ने गांधीजी के बारे में अपने विचार साझा किए. यह अनुभव काफी अच्छा लगा. आज की पीढ़ी को गांधीजी के जीवन और विचारों से रूबरू कराने की यह बहुत अच्छी पहल है.”
मनोज श्रीवास्तव
“महात्मा गांधीजी विश्व के हर कोने में हमेशा प्रासंगिक रहेंगे. आज आवश्यकता है कि हम बापू के विचारों को‘पंक्ति के आखिरी व्यक्ति’तक पहुंचाएं. भवन निर्माण विभाग ने‘बापू टावर’के माध्यम से इस महत्वपूर्ण कार्य का बीड़ा उठाया है.”
बिपुल कुमार सौरभ
