पटना: बिहार विधान परिषद की आठ सीटों के लिए23अक्टूबर को मतदान होगा. चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में होने वाले इस चुनाव में कुल150उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है. चुनाव में5लाख32हजार मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे. मतगणना27अक्टूबर को होगी.

पटना स्नातक सीट पर सबकी नजर

इस चुनाव में पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सबसे चर्चित सीट बनकर उभरी है. यहां एनडीए, महागठबंधन और प्रशांत किशोर की जन सुराज के बीच मुकाबला दिलचस्प माना जा रहा है. एनडीए अपनी एकजुटता के दम पर जीत का दावा कर रहा है, जबकि विपक्षी दल भी अपनी सफलता को लेकर आश्वस्त हैं.

एनडीए ने झोंकी पूरी ताकत

एनडीए ने अपने उम्मीदवारों के समर्थन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री, मंत्रियों, सांसदों और विधायकों सहित कई प्रमुख नेताओं को प्रचार में उतारा. उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने दावा किया कि चुनाव प्रचार के दौरान मिले समर्थन के आधार पर एनडीए सभी आठ सीटों पर जीत दर्ज करेगा.

राजद-कांग्रेस के बीच भी मुकाबला

राजद सात सीटों पर चुनाव लड़ रही है. वहीं, कई निर्वाचन क्षेत्रों में राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार आमने-सामने हैं. इससे महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल उठ रहे हैं. राजद प्रवक्ता एजाज अहमद ने एनडीए के भीतर खींचतान का आरोप लगाते हुए विपक्ष की जीत का भरोसा जताया. कांग्रेस ने भी अपनी स्थिति पहले से बेहतर होने का दावा किया है.

जन सुराज भी मैदान में

प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी उम्मीदवार उतारकर मुकाबले को रोचक बना दिया है. पार्टी का कहना है कि उसके उम्मीदवारों की जीत से सरकार पर बेहतर काम करने का दबाव बनेगा और मतदाताओं को नया विकल्प मिलेगा.

27अक्टूबर को आएगा परिणाम

अब सभी की निगाहें मतदान पर टिकी हैं. आठ सीटों के परिणाम तय करेंगे कि स्नातक और शिक्षक मतदाताओं ने किस राजनीतिक दल और उम्मीदवार पर भरोसा जताया है. एनडीए की जीत के दावे, विपक्ष की रणनीति और जन सुराज के प्रदर्शन की असली तस्वीर मतगणना के दिन सामने आएगी.

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-