सारण: जिले के मांझी स्थित ऐतिहासिक रामघाट अब नए स्वरूप में अटल घाट के नाम से जाना जाएगा। आगामी 12 नवंबर को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नवनिर्मित अटल घाट और अटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। इसे लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। शनिवार को महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने घाट और संग्रहालय पहुंचकर निर्माण कार्यों एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

रामघाट को मिला अटल घाट का नया स्वरूप
सारण जिले के मांझी का ऐतिहासिक रामघाट लंबे समय से छठ महापर्व के लिए प्रसिद्ध रहा है। अब इस घाट को पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियों से जोड़ते हुए आधुनिक सुविधाओं से युक्त अटल घाट के रूप में विकसित किया गया है। यहां अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ा संग्रहालय, उनकी प्रतिमा और उनकी स्मृतियों को संरक्षित करने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के लिए पूजा-पाठ और अन्य आवश्यक सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।

सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने लिया तैयारियों का जायजा
12 नवंबर को प्रस्तावित लोकार्पण समारोह को लेकर महाराजगंज के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सक्रिय हैं। शनिवार को उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों पर चर्चा की। बैठक के बाद सांसद ने मौके पर पहुंचकर अटल घाट और अटल संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों और कार्यक्रम से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

धार्मिक स्थल के साथ पर्यटन केंद्र बनेगा अटल घाट
आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अटल घाट के निर्माण से स्थानीय लोगों में उत्साह है। लोगों को उम्मीद है कि आने वाले समय में यह स्थल धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ पर्यटन के नए केंद्र के रूप में भी विकसित होगा। मांझी के इस घाट पर नौका दौड़ सहित विभिन्न जलक्रीड़ाओं के आयोजन की संभावनाएं भी देखी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

12नवंबर को होगा लोकार्पण समारोह
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 12 नवंबर को नवनिर्मित अटल घाट और अटल संग्रहालय का लोकार्पण करेंगे। कार्यक्रम को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना से मांझी को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सारण से मनोकंजन पाठक की रिपोर्ट