दिल्ली मेंINDIAगठबंधन की ‘वोट बचाओ,देश बचाओ’ महारैली आज, CMहेमंत सोरेन समेत झारखंड के कई नेता पहुंचे दिल्ली
रांची/नई दिल्ली: दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार को INDIA गठबंधन की ओर से ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली का आयोजन किया जाएगा। इस महारैली में गठबंधन के सभी घटक दलों के नेता और कार्यकर्ता शामिल होंगे। कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी अपनी पत्नी एवं गांडेय विधायक कल्पना सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार के साथ शुक्रवार को दिल्ली पहुंच चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के मंत्री, विधायक और पार्टी के कई वरिष्ठ नेता भी दिल्ली में मौजूद हैं।
महारैली को लेकर झारखंड में सियासी बयानबाजी तेज
INDIA गठबंधन की इस महारैली को लेकर झारखंड में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। बीजेपी ने मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के दिल्ली दौरे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि जब राज्य के मुखिया और सरकार के कई मंत्री-विधायक दिल्ली में मौजूद हैं, तो झारखंड का कामकाज कैसे चलेगा? बीजेपी का आरोप है कि राज्य की सरकार को जनता के कामकाज पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सत्ता पक्ष के नेता राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचे हैं।
कांग्रेस बोली- यह सिर्फ प्रोटेस्ट नहीं,लोकतंत्र बचाने की लड़ाई
दूसरी ओर, कांग्रेस ने बीजेपी के सवालों पर पलटवार किया है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी के लिए यह कार्यक्रम महज एक विरोध प्रदर्शन हो सकता है, लेकिन INDIA गठबंधन के लिए इसका उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा करना है। कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली केवल राजनीतिक विरोध का मंच नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और मताधिकार की रक्षा के लिए आयोजित कार्यक्रम है।
एमएमडीआर एक्ट संशोधन पर भी होगी चर्चा
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली प्रवास के दौरान एक और महत्वपूर्ण मुद्दे पर INDIA गठबंधन के नेताओं के साथ चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री एमएमडीआर एक्ट (खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम) में संशोधन के मुद्दे पर झारखंड सरकार का पक्ष गठबंधन के नेताओं के सामने रखेंगे। इस दौरान इस विषय पर गठबंधन के अन्य नेताओं से भी विचार-विमर्श किया जाएगा। झारखंड के खनिज संसाधनों और राज्य के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर सरकार अपना रुख स्पष्ट करेगी।
फिलहाल दिल्ली में होने वाली इस महारैली को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म है। एक ओर INDIA गठबंधन इसे लोकतंत्र और वोट के अधिकार की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, तो दूसरी ओर बीजेपी ने सरकार के कामकाज और मुख्यमंत्री समेत अन्य नेताओं के दिल्ली दौरे को लेकर सवाल खड़े किए हैं। अब सबकी नजरें रामलीला मैदान में होने वाली इस महारैली और उसमें दिए जाने वाले राजनीतिक संदेश पर टिकी हैं।
रांची से संदीप यादव की रिपोर्ट

