पटना : संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार,नई दिल्ली के तत्वावधान में आगामी 12 अक्टूबर 2026 को अयोध्या में आयोजित होने वाली भव्य प्रदर्शनी“राम और रामायण: देश से परदेश तक”के लिए बिहार के मिथिला चित्रकला संस्थान,सौराठ (मधुबनी) के 8 छात्र-छात्राओं की कलाकृतियों का चयन किया गया है. इसके साथ ही संस्थान के 9 छात्र-छात्राओं द्वारा सामूहिक रूप से तैयार की गई रामचरितमानस विषयक विशेष कलाकृति को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाने हेतु चयनित किया गया है.
इस अवसर पर कला एवं संस्कृति मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने संस्थान एवं चयनित सभी कलाकारों को बधाई देते हुए कहा कि“मिथिला चित्रकला की प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर पर चयन बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का गौरव है. अयोध्या जैसे पवित्र एवं ऐतिहासिक स्थल पर इन कलाकारों की कृतियों का प्रदर्शन हमारी लोककला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान प्रदान करेगा.”
उन्होंने कहा कि“मिथिला चित्रकला हमारी सांस्कृतिक अस्मिता की महत्वपूर्ण पहचान है. राज्य सरकार प्रतिभाशाली कलाकारों एवं विद्यार्थियों को निरंतर प्रोत्साहित कर रही है,ताकि बिहार की समृद्ध कला एवं संस्कृति देश-दुनिया के मंच पर और अधिक मजबूती से स्थापित हो.”
इस राष्ट्रीय प्रदर्शनी का उद्घाटन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा प्रस्तावित है. प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य देश और विश्व में रामायण की विभिन्न परंपराओं एवं इसके विविध संस्करणों को प्रदर्शित करना है.
संस्कृति मंत्रालय,भारत सरकार एवं राष्ट्रीय अभिलेखागार के निर्णायक सदस्यों द्वारा देशभर के कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं से व्यक्तिगत रूप से अपनी कलाकृतियां भेजने हेतु आमंत्रित किया गया था. राष्ट्रीय स्तर पर मात्र 15 कलाकृतियों का चयन किया जाना था,जिसमें 8 कलाकृतियों का चयन अकेले मिथिला चित्रकला संस्थान,सौराठ (मधुबनी) के छात्र-छात्राओं की कृतियों का हुआ है. शेष 7 कलाकृतियां देश के अन्य कॉलेज एवं विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों की हैं.
चयनित 8 कलाकारों में निशा चौरसिया (सत्र 2025-28),दुर्गेश कुमार मंडल (सत्र 2021-24),शुभम प्रिया (सत्र 2022-25),रिया कुमारी (सत्र 2025-28),चंदा कुमारी (सत्र 2024-27),मुस्कान कुमारी (सत्र 2025-28),पूर्णिमा (सत्र 2021-24) एवं पिंटू कुमार (सत्र 2021-24) शामिल हैं.
इसके अतिरिक्त संस्थान के त्रि-वर्षीय डिग्री कोर्स सत्र 2024-27 के कुल 9 छात्र-छात्राओं द्वारा रामचरितमानस विषय पर तैयार की गई विशेष एवं भव्य सामूहिक कलाकृति को भी प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए जाने हेतु चयनित किया गया है. यह संस्थान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है.
प्रदर्शनी में चयनित कलाकारों को अपनी कला का प्रदर्शन करने,मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य अतिथियों से संवाद करने के साथ-साथ प्रशंसा पत्र,यात्रा भत्ता एवं मानदेय भी प्रदान किया जाएगा.
बिहार की समृद्ध लोक-संस्कृति एवं कलाओं को राष्ट्रीय फलक पर नई ऊंचाइयां प्रदान करने की दिशा में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है. मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार,सचिव प्रणव कुमार एवं निदेशक,सांस्कृतिक कार्य निदेशालय,रूबी के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में संस्थान द्वारा कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं.
संस्थान के निदेशक चंद्रशेखर प्रसाद सिंह,उप निदेशक नीतीश कुमार,लेखा पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद यादव एवं सभी आचार्यों ने इस अभूतपूर्व सफलता पर चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए इसे मिथिला चित्रकला की समृद्ध लोक-संस्कृति के लिए गौरव का क्षण बताया है.
पटना से राजीव रंजन की रिपोर्ट--
