खरपोका गांव में रात होते ही घुस रहा हाथियों का झुंड,जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंतित किसान;मुआवजे की मांग
कोडरमा: झारखंड के कोडरमा जिले के जयनगर प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक एक बार फिर बढ़ गया है। खरपोका गांव में दो दर्जन से अधिक हाथियों के झुंड ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। हाथियों का झुंड रात होते ही गांव और आसपास के खेतों में पहुंचकर धान समेत सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
रातभर जागकर पहरेदारी कर रहे ग्रामीण
ग्रामीणों के अनुसार,हाथियों का झुंड रात के समय गांव में घुसता है और खेतों में लगी फसलों को रौंदकर बर्बाद कर देता है। लगातार हो रहे नुकसान से किसान परेशान हैं। हाथियों के डर से ग्रामीणों को रातभर जागकर पहरेदारी करनी पड़ रही है।
किसानों का कहना है कि धान और सब्जियों की फसल उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। ऐसे में फसलों के बर्बाद होने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का झुंड आबादी वाले इलाके में पहुंचने से जान-माल का खतरा भी बढ़ सकता है।
पिछले एक साल में एक दर्जन से अधिक मौतों का दावा
ग्रामीणों के मुताबिक,पिछले एक साल के दौरान हाथियों के हमलों में इस क्षेत्र में एक दर्जन से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद हाथियों के आतंक से निपटने के लिए स्थायी समाधान नहीं निकलने पर लोगों में नाराजगी है।
ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों को आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने की मुआवजे की मांग
मामले को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष प्रकाश रजक ने वन विभाग से तत्काल कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने हाथियों के झुंड को सुरक्षित तरीके से जंगल की ओर खदेड़ने और फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई है।
निगरानी में जुटी वन विभाग की टीम
फिलहाल वन विभाग की टीम हाथियों के झुंड पर नजर बनाए हुए है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि विभाग जल्द प्रभावी कदम उठाएगा,जिससे फसलों को और नुकसान होने से रोका जा सके और गांव के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।
लगातार बढ़ती हाथियों की आवाजाही ने किसानों के सामने आजीविका और सुरक्षा,दोनों का संकट खड़ा कर दिया है। ऐसे में ग्रामीण हाथियों के आतंक से स्थायी राहत मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

