झारखंड में इस वक्त मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया काफी तेजी से चल रही है। राज्यभर में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, हटाने या संशोधन के लिए 30 सितंबर तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जा रही हैं।इस प्रक्रिया में झारखंड के स्थानीय निवासियों के अलावा, देश के दूसरे राज्यों से आकर यहां रह रहे नागरिक भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। वे चुनाव आयोग द्वारा तय किए गए जरूरी दस्तावेज जमा कर रहे हैं ताकि वोटर लिस्ट में उनका नाम शामिल हो सके। लेकिन, इस पूरी प्रक्रिया के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और गंभीर मामला सामने आया है।
जांच के दौरान यह बात सामने आई है कि नाम शामिल कराने के लिए जमा किए गए कई दस्तावेज फर्जी पाए गए हैं! राज्य के अलग-अलग जिलों से ऐसी शिकायतें मिलने के बाद, अब चुनाव आयोग ने दूसरे राज्यों से जुड़े दस्तावेजों के सत्यापन पर अपनी पैनी नजरें गड़ा दी हैं।मसलन, उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद स्थित प्रयाग महिला विद्यापीठ द्वारा जारी किए गए कई प्रमाण पत्र अवैध पाए गए हैं, क्योंकि इस संस्थान के पास वैध मान्यता नहीं है। इस खुलासे के बाद, झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) कार्यालय ने अन्य राज्यों के CEO और संबंधित संस्थानों से अपील की है कि वे दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान पूरी सतर्कता और सख्ती बरतें।
जिन मामलों में दस्तावेजों पर संदेह है, वहां इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर (ERO) की तरफ से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। अपनी पात्रता साबित करने के लिए लोगों को निश्चित दस्तावेज, जैसे कि पिछले SIR में मौजूदगी का प्रमाण, अनिवार्य रूप से जमा करना होगा।
डेटा अपलोड: इन सभी अतिरिक्त दस्तावेजों को ERO की जांच के लिए BLO ऐप के जरिए तुरंत अपलोड किया जा रहा है।
समय सीमा: जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEO) को निर्देश दिए गए हैं कि वे ECINET पर मिलने वाले ऐसे दस्तावेजों का सत्यापन 5 दिनों के भीतर पूरा करें।
इंटर-स्टेट वेरिफिकेशन: यदि कोई दस्तावेज किसी दूसरे राज्य या अलग जिले का है, तो DEO उसे ECINET पोर्टल के माध्यम से संबंधित जिले या राज्य के CEO को भेजकर तत्काल वेरीफाई करवा रहे हैं।
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि नोटिस मुख्य रूप से उन लोगों को भेजे जा रहे हैं:
जिनका नाम पिछले SIR में शामिल नहीं था।
जिनके पते (Address) में बदलाव हुआ है।
जिनके नाम मतदाता सूची में एक से ज्यादा बार दर्ज हैं।
जिनके बैकग्राउंड या दस्तावेज अधूरे पाए गए हैं।
यदि आपके पास भी ऐसा कोई नोटिस आया है, तो समय पर अपने वैध पहचान पत्र और नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों के साथ संबंधित अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत हों। जरा सी लापरवाही आपका नाम वोटर लिस्ट से कटवा सकती है।
