26 साल के झारखंड के इतिहास में क्या आपको लगता है कि यहां के युवाओं को उनका हक मिला है? हर परीक्षा में धांधली और बिकती डिग्रियां—यही सवाल लेकर इन दिनों झारखंड के कोने-कोने में गूंज रही है एक ही आवाज़: '24 जिला, 24 संकल्प, एक आवाज!' इसी कड़ी में, जेएलकेएम (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अपनी 'भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा' के तहत रविवार को साहिबगंज कॉलेज पहुंचे, जहां छात्रों ने उनका ऐतिहासिक स्वागत किया।साहिबगंज की पावन और वीर भूमि पर कदम रखते ही देवेंद्र नाथ महतो ने इसे अपना सौभाग्य बताया। उन्होंने साहिबगंज कॉलेज के छात्र-छात्राओं के साथ परिसर का भ्रमण किया, उनकी समस्याएं सुनीं और उन्हें परीक्षा व्यवस्था में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ जागरूक किया।
सभा को संबोधित करते हुए देवेंद्र नाथ महतो ने सरकारों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दो टूक कहा—
"चाहे सरकार किसी की भी रही हो, पिछले 26 सालों में झारखंड की हर परीक्षा में धांधली हुई है। आज हालात यह हैं कि पढ़ाई-लिखाई से ज्यादा नौकरियों के रेट तय हो रहे हैं।"
उन्होंने जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि पेपर लीक और भ्रष्टाचार ने राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य को अंधकार में धकेल दिया है।युवाओं के हक की यह हुंकार 24 अगस्त 2026 को रामगढ़ के नेमरा गांव से शुरू हुई थी। इसका मुख्य उद्देश्य है: पेपर लीक पर रोक, पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और भ्रष्टाचार का खात्मा।यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों से गुजरते हुए आगे बढ़ रही है और इसका महा-समापन रांची में एक विशाल जनसभा के साथ होगा।
