जमशेदपुर: शहर के साकची स्थित सब्जी मार्केट में दो आवारा सांडों के बीच अचानक भीषण लड़ाई शुरू हो गई। दोनों सांडों की भिड़ंत से पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। बाजार में मौजूद दुकानदार, खरीदार, महिलाएं और बच्चे अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कई दुकानों की सब्जियां बिखर गईं और दुकानदारों को नुकसान उठाना पड़ा। जानकारी के अनुसार, साकची सब्जी मार्केट में सुबह से ही किसानों, सब्जी विक्रेताओं और खरीदारों की भीड़ लगी रहती है। इसी दौरान अचानक दो सांड बाजार के बीचों-बीच आमने-सामने आ गए। शुरुआत में दोनों एक-दूसरे को घूरते रहे, लेकिन कुछ ही देर में उनके बीच जोरदार लड़ाई शुरू हो गई।

दोनों सांड एक-दूसरे पर सींगों से हमला करते हुए बाजार में इधर-उधर दौड़ने लगे। उनकी भिड़ंत इतनी तेज थी कि सब्जियों की टोकरियां पलट गईं। टमाटर, आलू, प्याज और हरी सब्जियां सड़क पर बिखर गईं। दुकानदारों ने अपने सामान को बचाने की कोशिश की, लेकिन सांडों के आक्रामक व्यवहार को देखते हुए उन्हें पीछे हटना पड़ा।

सांडों की लड़ाई से बाजार में मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों सांडों के बीच लड़ाई शुरू होते ही बाजार में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। महिलाएं और बच्चे डरकर भागने लगे, जबकि कुछ दुकानदारों ने दुकानों के अंदर छिपकर अपनी जान बचाई। लोगों ने लाठी-डंडों के सहारे दोनों सांडों को अलग करने की कोशिश की, लेकिन उनके आक्रामक तेवर के कारण कोई भी करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। काफी मशक्कत के बाद दोनों सांडों को अलग-अलग रास्तों से बाजार से बाहर खदेड़ा गया। इसके बाद बाजार में स्थिति सामान्य हुई।

आवारा पशुओं की समस्या से परेशान हैं दुकानदार और आम लोग

साकची इलाके में आवारा पशुओं का सड़कों और बाजारों में घूमना आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। भीड़भाड़ वाले बाजार में इस तरह की घटनाएं कभी भी बड़े हादसे का रूप ले सकती हैं। आवारा पशुओं के कारण दुकानदारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है, वहीं राहगीरों और खरीदारों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े होते हैं। अब देखना होगा कि इस घटना के बाद जमशेदपुर प्रशासन और संबंधित विभाग आवारा पशुओं की समस्या से निपटने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

जमशेदपुर से विनोद केशरी की रिपोर्ट