बापू टावर,बिहार विधान मंडल और सचिवालय समेत पांच भवनों को किया गया रोशन,समावेशी शिक्षा और बच्चों को समान अवसर देने का संदेश

पटना:डिस्लेक्सिया के प्रति जागरूकता बढ़ाने और इससे जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के उद्देश्य से बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग ने रविवार शाम पटना के प्रमुख सरकारी भवनों को लाल रोशनी से रोशन किया। इस पहल के तहत बापू टावर,बिहार विधान मंडल,पुराना सचिवालय,विकास भवन और विश्वेश्वरैया भवन को शाम7बजे से8बजे तक लाल रोशनी से जगमगाया गया।

भवन निर्माण विभाग के सचिव प्रणव कुमार ने बताया कि डिस्लेक्सिया जागरूकता माह के अवसर पर यह पहल की गई है। इसका उद्देश्य डिस्लेक्सिया और अन्य विशिष्ट अधिगम अक्षमताओं (SLD)के प्रति लोगों में समझ विकसित करना,गलत धारणाओं को दूर करना और समावेशी समाज के निर्माण को बढ़ावा देना है।

डिस्लेक्सिया का बुद्धिमत्ता से नहीं है संबंध

डिस्लेक्सिया एक विशिष्ट अधिगम अक्षमता है,जिसमें व्यक्ति को पढ़ने,लिखने या वर्तनी समझने में कठिनाई हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि संबंधित व्यक्ति में बुद्धिमत्ता,प्रतिभा या क्षमता की कमी है। समय पर पहचान,उचित शैक्षणिक सहयोग और अनुकूल वातावरण मिलने पर डिस्लेक्सिया से प्रभावित बच्चे अपनी क्षमताओं का बेहतर विकास कर सकते हैं।

हर बच्चे को मिले आगे बढ़ने का समान अवसर

भवन निर्माण विभाग की इस पहल के माध्यम से समाज को यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि सीखने के अलग-अलग तरीकों को समझना और स्वीकार करना जरूरी है। बच्चों को उनकी सीखने की कठिनाइयों के आधार पर किसी तरह का नकारात्मक लेबल नहीं दिया जाना चाहिए।

विभाग का मानना है कि जागरूकता और सहयोग के जरिए ऐसा वातावरण बनाया जा सकता है,जहां हर बच्चे को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें।

पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट