पटना : मोकामा के विधायक अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्याकांड में सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. शीर्ष अदालत ने उन्हें 1 दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है. इस घटनाक्रम के बाद मोकामा की राजनीति में हलचल तेज हो गई है. इसी बीच अनंत सिंह के बेटे अभिषेक सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट चर्चा का विषय बन गई है.
अभिषेक सिंह ने सोशल मीडिया पर न्याय के तराजू की तस्वीर साझा करते हुए एक पोस्ट लिखी. इसमें उन्होंने कहा, 'सत्ता के साथ रहिए तो सम्मान, सवाल उठाइए तो कानून का ज्ञान.' उनकी इस टिप्पणी को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है. हालांकि, उन्होंने अपनी पोस्ट में किसी नेता या राजनीतिक दल का नाम लेकर सीधे तौर पर कोई आरोप नहीं लगाया है.
सुप्रीम कोर्ट ने क्या दिया आदेश?
दुलारचंद यादव हत्याकांड में 30 अक्टूबर को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अनंत सिंह को 1 दिसंबर 2026 तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया. अदालत ने बिहार पुलिस को मामले की जांच चार महीने के भीतर पूरी करने को भी कहा. यह सुनवाई पटना हाईकोर्ट से अनंत सिंह को मिली जमानत को चुनौती देने वाली याचिका पर हुई थी.
जेडीयू से छह साल के लिए निष्कासन
इससे पहले जनता दल यूनाइटेड ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में छह साल के लिए निष्कासित कर दिया था. विधान परिषद चुनाव के दौरान पार्टी उम्मीदवार के खिलाफ गतिविधियों को इस कार्रवाई की वजह बताया गया था.
इसके बाद अनंत सिंह ने पार्टी नेतृत्व के प्रति नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने नीतीश कुमार के प्रति सम्मान जताते हुए कहा था कि यदि पार्टी की कमान उनके हाथों में होती तो शायद उन्हें निष्कासित नहीं किया जाता.
अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश और बेटे अभिषेक सिंह की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद मोकामा की राजनीतिक गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में है.
पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
