

शनिवार, 24 अक्टूबर 2026
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गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में मां दुर्गा की विदाई की एक अनोखी परंपरा देखने को मिलती है। जिला मुख्यालय स्थित ऐतिहासिक मां गढ़देवी मंदिर में स्थापित मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन वर्षों पुरानी परंपरा के अनुसार श्रद्धालुओं के कंधों पर उठाकर किया जाता है। दशहरा के अवसर पर होने वाले इस विशेष आयोजन में हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस दौरान पूरा शहर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठता है।नौ दिनों तक मां दुर्गा की विधिवत पूजा-अर्चना और आराधना के बाद दशमी के दिन मां गढ़देवी मंदिर में स्थापित दुर्गा दरबार की प्रतिमा को पारंपरिक तरीके से विदाई दी गई। मां की प्रतिमा को अपने कंधों पर उठाने के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिला और पुरुष श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और भक्तों ने नम आंखों से मां दुर्गा को अंतिम विदाई दी।भक्तों के कंधों पर निकलती है मां की विदाई यात्रामां गढ़देवी मंदिर की विसर्जन परंपरा अन्य स्थानों से इसे अलग पहचान देती है। यहां प्रतिमा को वाहन पर ले जाने के बजाय श्रद्धालु अपने कंधों पर उठाकर विसर्जन स्थल तक ले जाते हैं। मां के प्रति श्रद्धा और समर्पण का यह दृश्य लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। स्थानीय स्तर पर इस विसर्जन में लगभग50हजार शहरवासियों के शामिल होने की बात कही जाती है।रामबांध तालाब में हुआ विसर्जनमां दुर्गा की प्रतिमा को श्रद्धालु सोनपुरवा स्थित रामबांध तालाब तक लेकर पहुंचे,जहां विधि-विधान के साथ विसर्जन किया गया। नौ दिनों की पूजा-अर्चना के बाद मां को विदाई देते समय श्रद्धालु भावुक नजर आए। भक्तों ने मां दुर्गा से परिवार,समाज और पूरे जिले की सुख-समृद्धि,शांति एवं खुशहाली की कामना की।गढ़वा जिले में दशहरा का पर्व धार्मिक आस्था,उत्साह और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। मां गढ़देवी मंदिर की प्रतिमा के विसर्जन के साथ ही जिले के विभिन्न पूजा पंडालों में स्थापित प्रतिमाओं का भी विसर्जन किया गया। इसी के साथ दुर्गापूजा उत्सव का पारंपरिक रूप से समापन हुआ।मां गढ़देवी की प्रतिमा को भक्तों के कंधों पर उठाकर विसर्जित करने की यह परंपरा गढ़वा की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मां की विदाई के इस अनोखे दृश्य में आस्था, भक्ति और वर्षों पुरानी परंपरा का अद्भुत संगम देखने को मिलता है।गढ़वा से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिस की गश्त व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पुलिस विभाग को29नई टाइगर मोबाइल बाइक मिली हैं। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने पुलिस लाइन से हरी झंडी दिखाकर इन बाइकों को जिले के विभिन्न थानों और ओपी के लिए रवाना किया। नई बाइक मिलने से पुलिस की गश्त व्यवस्था को और प्रभावी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।सभी थानों और ओपी में भेजी जाएंगी बाइकझारखंड सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गईं इन29टाइगर मोबाइल बाइकों को जिले के विभिन्न थानों और आउटपोस्ट (ओपी) में भेजा जाएगा। इसका उद्देश्य पुलिस की गश्त को तेज करना और अपराध नियंत्रण की व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।संकरी गलियों तक आसान होगी पुलिस की पहुंचपुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि नई बाइक मिलने से पुलिसकर्मियों को संकरी गलियों और संकीर्ण सड़कों पर गश्त करने में काफी सहूलियत होगी। ऐसे इलाकों में भी पुलिस की पहुंच आसान होगी,जहां बड़े वाहनों से पहुंचने में परेशानी होती है।उन्होंने कहा कि टाइगर मोबाइल के माध्यम से पुलिस की गश्त व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपराध नियंत्रण में मदद मिलेगी।पहले भी पुलिस को उपलब्ध कराए गए हैं वाहनइससे पहले भी झारखंड सरकार की ओर से गढ़वा जिले के विभिन्न थानों और ओपी को बोलेरो समेत अन्य वाहन उपलब्ध कराए जा चुके हैं। अब29नई टाइगर मोबाइल बाइक मिलने से पुलिस की गतिशीलता बढ़ाने और जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के प्रयासों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।गढ़वा से धर्मेंद्र कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले में विदेशी नस्ल के कुत्तों को लेकर विवाद गहरा गया है। शहर की एक हाई-प्रोफाइल सोसाइटी में जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर नस्ल के दो कुत्तों को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मुख्य सचिव तक पहुंच गया है। आरोप है कि कुत्तों के सोसाइटी में घूमने के दौरान कुछ बच्चों को दौड़ाया गया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। नगर परिषद ने कुत्तों के रजिस्ट्रेशन को लेकर डॉक्टर को दो नोटिस जारी किए हैं, लेकिन अब तक जवाब नहीं मिलने की बात कही जा रही है। वहीं, डॉक्टर ने नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मुख्य सचिव से लेकर थाना प्रभारी तक को आवेदन दिया है।विदेशी नस्ल के दो कुत्तों को लेकर विवादगढ़वा शहर के विद्या एन्क्लेव सोसाइटी में विदेशी नस्ल के दो कुत्तों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामला शहर के प्रसिद्ध फिजिशियन डॉ. अशोक कुमार से जुड़ा है, जो इसी सोसाइटी में रहते हैं। बताया जा रहा है कि डॉ. अशोक कुमार अपने जर्मन शेफर्ड और लैब्राडोर नस्ल के दो कुत्तों को लेकर सोसाइटी में घूम रहे थे। इसी दौरान कुत्तों द्वारा सोसाइटी में रहने वाले बच्चों को दौड़ाने का आरोप लगा, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने विरोध जताया।मुख्य सचिव तक पहुंचा कुत्तों का विवादमामला सोसाइटी में ही रहने वाले गढ़वा नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार तक पहुंचा। उन्होंने डॉक्टर से कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के संबंध में जानकारी मांगी। इसके बाद मामला और गरमा गया। डॉक्टर ने इसे अपमानजनक मानते हुए नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के खिलाफ उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी और मुख्य सचिव को आवेदन दिया। आवेदन में उन्होंने जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया है।नगर परिषद को नोटिस का नहीं मिला जवाबइधर, नगर परिषद ने कुत्तों के रजिस्ट्रेशन और उन्हें पालने से जुड़े नियमों के अनुपालन को लेकर डॉक्टर को दो नोटिस जारी किए हैं। नोटिस के जरिए कुत्तों के रजिस्ट्रेशन से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्धारित नियमों के पालन की जानकारी देने को कहा गया है। नगर परिषद का कहना है कि अब तक नोटिस का जवाब नहीं मिला है। ऐसे में जवाब मिलने और मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है।इस मामले पर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में आया था और वह स्वयं इस घटना के प्रत्यक्षदर्शी हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने केवल कुत्तों के रजिस्ट्रेशन के बारे में जानकारी मांगी थी, लेकिन अब तक इसका जवाब नहीं मिला है। जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।गढ़वा से ध्रमेंद्र कुमार की रिपोर्ट
गढ़वा: झारखंड के गढ़वा जिले को सरकार ने अति संवेदनशील जिलों की श्रेणी में रखा है। पर्व-त्योहारों के दौरान अतीत में हुई घटनाओं को देखते हुए इस बार जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। नवरात्रि और दुर्गा पूजा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले के संवेदनशील और अति संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। डीसी पीएन मिश्रा और एसपी आशुतोष शेखर स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं, जबकि कंट्रोल रूम से पूरे जिले की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं, सप्तमी के बाद मां दुर्गा के पट खुलते ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।शहर से लेकर गांव तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजामगढ़वा जिले में दुर्गा पूजा हो या रामनवमी,पर्व-त्योहारों के दौरान अतीत में कई बार तनाव और अशांति की स्थिति उत्पन्न हुई है। पिछले दो वर्षों में भी गढ़वा जिला विभिन्न घटनाओं को लेकर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में रहा है। इन अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की हैं। मॉक ड्रिल से लेकर फ्लैग मार्च तक के जरिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और असामाजिक तत्वों को सख्त संदेश देने की कोशिश की है।डीसी पीएन मिश्रा और एसपी आशुतोष शेखर शहरी क्षेत्रों से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। दोनों अधिकारी संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण कर लोगों से आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील कर रहे हैं।इसी क्रम में उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने गढ़वा सदर,मझिआंव,श्री बंशीधर नगर,रमना और विशुनपुरा प्रखंडों के विभिन्न दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधाओं,सुरक्षा व्यवस्था और पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई तैयारियों की जानकारी ली।कोलकाता की घटना के बाद पूजा समितियों को निर्देशवहीं,कोलकाता की घटना के बाद मुख्यालय के भगलपुर क्षेत्र में देर रात डीसी और एसपी ने कई पूजा पंडालों का निरीक्षण किया। संभावित भीड़ को देखते हुए पूजा समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इस दौरान एक आकर्षक पूजा पंडाल का उद्घाटन भी किया गया। एआई तकनीक की मदद से तैयार पंडाल की सजावट ने अधिकारियों का ध्यान आकर्षित किया।दोनों वरीय अधिकारियों ने श्रद्धालुओं से शांतिपूर्ण माहौल में पूजा-अर्चना करने और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। साथ ही, संबंधित पदाधिकारियों, दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा एवं दशहरा के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। सभी पूजा पंडालों और संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर सकें।
गढ़वाःझारखंड के गढ़वा जिले में अवैध बालू कारोबार के खिलाफ जिला प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। अवैध उत्खनन और बालू के अनधिकृत भंडारण के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत लगातार चौथे दिन छापेमारी की गई। इस दौरान धुरकी थाना क्षेत्र में कनहर नदी के किनारे वन भूमि पर भंडारित करीब500डंपर बालू जब्त किया गया। उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबार में संलिप्त लोगों के बीच हड़कंप मच गया है। वहीं,प्रशासन अब बालू का अवैध भंडारण करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटा है।कनहर नदी किनारे वन भूमि पर मिला बालू का अवैध भंडारमामला गढ़वा जिले के धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत अंबाखोरिया पंचायत का है। यहां कनहर नदी के किनारे कुशमाहा घाट के समीप वन भूमि पर बड़े पैमाने पर बालू का भंडारण किया गया था। सूचना मिलने के बाद जिला प्रशासन की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की और करीब500डंपर बालू जब्त किया।प्रशासन की इस कार्रवाई का उद्देश्य अवैध खनन और खनिजों के अनधिकृत भंडारण पर रोक लगाना है। वन भूमि पर इतनी बड़ी मात्रा में बालू जमा किए जाने के मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।SDOऔर जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में कार्रवाईयह छापेमारी अनुमंडल पदाधिकारी,श्री बंशीधर नगर,प्रभाकर मिर्धा और जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव के नेतृत्व में की गई। अभियान में धुरकी थाना पुलिस ने भी सहयोग किया।उपायुक्त पशुपति नाथ मिश्रा के निर्देश पर गठित विशेष टीम जिले में अवैध उत्खनन,खनिजों के अनधिकृत भंडारण और अवैध कारोबार से जुड़े मामलों पर लगातार कार्रवाई कर रही है। लगातार चौथे दिन हुई छापेमारी को इसी अभियान का हिस्सा बताया गया है।बालू का भंडारण करने वाले की पहचान में जुटा प्रशासनछापेमारी के बाद अब प्रशासन बालू का अवैध भंडारण करने वाले व्यक्ति की पहचान करने में जुटा है। अधिकारियों के मुताबिक,संबंधित व्यक्ति की पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जाएगी।जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में बालू किसने और किन परिस्थितियों में जमा किया था। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।अवैध खनन और परिवहन के खिलाफ जारी रहेगा अभियानजिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अवैध उत्खनन,खनिजों के अनधिकृत परिवहन और अवैध भंडारण के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। प्राकृतिक संसाधनों और सरकारी भूमि की सुरक्षा के लिए नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।कनहर नदी के किनारे वन भूमि से करीब500डंपर बालू की जब्ती के बाद अब सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। यदि जांच में अवैध भंडारण के लिए जिम्मेदार व्यक्ति की पहचान हो जाती है,तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।गढ़वा से धर्मेंद्र की रिपोर्ट
गढ़वा:झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता,पूर्व मुख्यमंत्री एवं पद्म भूषण से सम्मानित दिशोम गुरू शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर मंगलवार को बिरसा मुंडा पार्क में भावपूर्ण श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का आयोजन झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) की जिला कमेटी की ओर से किया गया. जिसमें पूर्व मंत्री सह जेएमएम के केंद्रीय महासचिव मिथलेश ठाकुर,विधायक अनंत प्रताप देव सहित हजारों की संख्या में पार्टी पदाधिकारी,कार्यकर्ता,समर्थक और आम नागरिक शामिल हुए.कार्यक्रम की शुरुआत बिरसा मुंडा पार्क स्थित शिबू सोरेन की लगने वाले आदमकद प्रतिमा स्थल एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई.पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर एवं विधायक अनंत प्रताप देव ने शिबू सोरेन को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उनके संघर्षपूर्ण जीवन और झारखंड के निर्माण में दिए गए योगदान को याद किया. इस दौरान उपस्थित लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी. इसके बाद सर्वधर्म प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया,जिसमें विभिन्न धर्मों के धर्मगुरूओं एवं प्रबुद्धजनों ने अपने-अपने धार्मिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के माध्यम से शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की.वहीं,कार्यक्रम में पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर की पत्नी चंचला ठाकुर सहित बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान किया. कार्यक्रम में झारखण्ड आंदोलनकारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया गया. तत्पश्चात मौजूद लोगों के बीच वस्त्र वितरण के साथ सामूहिक भोज कार्यक्रम रखा गया.इस मौके पर पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने कहा कि शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि झारखंड की पहचान, स्वाभिमान और अधिकारों की लड़ाई के प्रतीक थे. उन्होंने अपना पूरा जीवन जल, जंगल, जमीन और आदिवासी-मूलवासी समाज के हक की लड़ाई में समर्पित किया. उनका संघर्ष, विचार और जनसेवा की भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बनी रहेगी. उन्होंने कहा कि वे झारखण्ड राज्य के निर्माता थे,गरीबों,पिछड़ों, शोषितों को राह दिखाने वाले महानायक थे. उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में इसी स्थान पर बहुत जल्द दिशोम गुरु की प्रतिमा स्थापित मिलेगी. उन्होंने कहा कि मरते दम तक वे खेती, शिक्षा एवं नशा मुक्ति के खिलाफ अभियान चलाया था. देश ही नहीं पूरी दुनिया में भी नाम था इनका उन्हें सरकार ने पद्म भूषण सम्मान से सम्मानित किया है.उन्होंने भारत रत्न देने की मांग की है.
गढ़वा:जिले में एसआईआर का फॉर्म भरने के नाम पर जबरदस्त उगाही हो रही है. बीएलओ का खर्चा पानी मांगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा. मामला रंका प्रखंड के खपरो पंचायत के गोरयाबांध टोला की है. जहां एक बीएलओ जमीला बीबी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. जिसमें एसआईआर फॉर्म देने और भरने के नाम पर 50 रूपये से लेकर 100 रुपये तक की उगाही की जा रही है. जिसके एवज में वह खर्चा पानी मांग रही है.इस मामले की तहकीकात करने के लिए जब कशिश न्यूज के पत्रकार उस स्थल पर पहुंचे तो कई लोगों ने यह शिकायत किया कि बीएलओ द्वारा पैसे की डिमांड की जा रही है. कई ऐसे लोग मिले जो एसआईआर फॉर्म तो भर दिए हैं, लेकिन पैसे की वजह से वह जमा नहीं कर रहे है. वहीं, बीएलओ के घर पर भी एसआईआर फॉर्म भरवाने के लिए भीड़ लगी हुई है.वहीं, इस मामले में जहां एक तरफ ग्रामीणों ने पैसा लेने का आरोप लगा रहे हैं, तो वहीं दूसरे तरफ बीएलओ इसे साजिश करार देकर फंसाने का आरोप लगा रही है. उन्होंने कहा कि अब तक हम 170 फॉर्म भर चुके हैं. कुछ लोग फ़साने का प्रयास कर रहे हैं.
गढ़वा: झारखण्ड के गढ़वा जिले से रिश्ते को तार-तार कर देने वाली खबर सामने आई है. शिक्षा के मंदिर में एक मास्टर साहब की शर्मनाक हरकतें सामने आई है. विद्यालय के प्रधानाध्यापक एक छात्रा के साथ ब्लैकमैलिंग कर छेड़खानी करते हुए पकड़े गए है. पुलिस ने आरोपी प्रधानाध्यापक पर पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है. इधर, शिक्षा विभाग के आला अधिकारी भी मामले की जांच में जुट गए है. वहीं, इस मामले में एसडीपीओ ने कहा कि पीड़ित छात्रा के परिजन के आवेदन पर मामला दर्ज कर मामले की जांच कर रहे हैं.छात्रा को ब्लैकमेल कर विद्यालय के कमरे में की छेड़खानीमामला केतार थाना क्षेत्र के ताली मध्य विद्यालय का है,जहां शिक्षा के मंदिर में एक मास्टर साहब अपनी सारी हदे पार करते हुए इस मंदिर रूपी विद्यालय के माहौल को गन्दा करने का काम किया है. प्रधानाध्यापक एक छात्रा को ब्लैक मैलिंग कर विद्यालय के ही एक कमरे में छात्रा के साथ अश्लील हरकत करते पकड़े गए. किसी ने इस अश्लील हरकत का वीडियो बना लिया. जिसके बाद मामला प्रकाश में आया.परिजनों ने पोस्को एक्ट के तहत कराया मामला दर्ज हालांकि, यह वायरल वीडियो एक सप्ताह पहले की है लेकिन,अब इसे वायरल किया जा रहा है.घटना के बाद पीड़िता के परिजन ने केतार थाना में पोस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. वहीं, घटना के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. विभाग के अधिकारी खुद मामले की सवेंदनशीलता को देखते हुए जांच करने पहुंचे.
गढ़वा:जिला के मेराल प्रखंड में सरकार की महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना और प्रधानमंत्री आवास योजना का उद्देश्य प्रत्येक जरूरतमंद परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराना है,लेकिन जमीनी स्तर पर कई पात्र परिवार आज भी आवास से वंचित हैं. इसका खामियाजा ये हुआ कि आवास को लेकर दंपती में हुए विवाद में पत्नी की जहर खाने से मौत हे गई. इस घटना ने राज्य और केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना अबुआ आवास व प्रधानमंत्री आवास योजना पर सवाल खड़े कर दिए है.आवास के अभाव मेंपारिवारिक विवादबताया जा रहा है कि मेराल प्रखंड क्षेत्र के संगबरिया पंचायत के राजहरा गांव निवासी अनवर अंसारी की पत्नी रबीना खातून ने आवास के अभाव में उपजे पारिवारिक विवाद में जहर खाकर अपनी जान दे दी. इस घटना के बाद सरकारी आवास योजनाओं के क्रियान्वयन और पंचायत स्तर पर उनकी निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं. जानकारी के अनुसार,लंबे समय से पक्का घर नहीं मिलने के कारण दंपती के बीच अक्सर विवाद हुआ करता था. इसी बात को लेकर हुए विवाद के बाद महिला ने आक्रोश और मानसिक तनाव में जहरीला पदार्थ खा लिया.परिजनों द्वारा उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया,जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.सरकारी आवास मिलने पर टल सकती थी घटनाघटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है.ग्रामीणों का कहना है कि यदि जरूरतमंद परिवार को समय पर सरकारी आवास मिल जाता तो संभवतः यह दुखद घटना टल सकती थी. लोगों का आरोप है कि कई पात्र परिवार वर्षों से आवास योजना की सूची में नाम जुड़ने और स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं,जबकि कुछ अपात्र लोगों को लाभ मिलने की शिकायतें भी समय-समय पर सामने आती रही हैं.आवास योजनाओं के चयन और अनुशंसा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांगग्रामीणों ने पंचायत स्तर पर आवास योजनाओं के चयन और अनुशंसा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उनका कहना है कि पात्र लाभुकों का सही चयन नहीं होने और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता की कमी के कारण गरीब परिवार आज भी कच्चे और जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं.
गढ़वा: कांग्रेस पार्टी की ओर से मंगलवार को सर्किट हाउस में एसआईआर को लेकरबीएलओ-2 के प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. सभी प्रखंडों के बीएलओ-2 शामिल हुए. मौके पर मौजूद लोहरदगा विधायक रामेश्वर उरांव ने कार्यकर्ताओं का किए दिशा निर्देश दिए.रामेश्वर उरांव ने अपने बीएलओ-2 से कहा कि सभी को एसआईआर भरने की प्रक्रिया को ठीक से समझना है,ताकि फॉर्म भरते समय किसी भी तरह की दिक्क़त किसी को नहीं हो सके. एक भी मतदाता का नाम नहीं कटना चाहिए. उन्होंने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि मुझे एसआईआर को लेकर पलामू प्रमंडल का प्रभारी बनाया गया है. इसी क्रम में उन्होंने सर्किट हाउस में बैठक कर रहे हैं.विधायक ने सभी बीएलओ को एसआईआर के मद्देनजर नजर बनाकर रखना को कहा गया है. ताकि कोई मतदाता छूटे नहीं. उन्होंने कहा की हमलोग एसआईआर का विरोध नहीं करते है हमलोग इसके काम पर सवाल उठाते हैं, क्योंकि यहां चुनाव तो तीन साल बाद है तो ऐसा नहीं है कि हम यहां एसआईआर नहीं कराएंगे.
गढ़वा : जिले के खरौंधी प्रखंड स्थित कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में शुक्रवार देर शाम विशाक्त भोजन खाने एवं टंकी का गर्म पानी पीने के बाद एक सौ से अधिक छात्राएं बीमार हो गई थी. इसके बाद सभी बीमार बच्चियों को भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल मे भर्ती किया गया था जहां इलाज के बाद सभी अपने-अपने घर चली गई थी. आज पुनः शनिवार को इसी कस्तूरबा विद्यालय की 8 और छात्राएं बीमार हो गई. इससे गुस्साए अभिभावकों ने कस्तूरबा विद्यालय पहुंच कर विद्यालय के ग्रिल को तोड़ते हुए प्रवेश किए और जमकर हंगामा किया और माहौल को तनावपूर्ण बना दिया. इसके बाद पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा. इस बीच मौके की नजाकत को समझते हुए गढ़वा डीसी तत्काल खरौन्धी प्रखंड पहुंच कर मामले की जाँच की. इसमें विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही सामने आने के बाद डीसी ने सख्त कार्रवाई करते हुए कस्तूरबा विद्यालय में एक कर्मी को छोड़ सभी को सेवा मुक्त कर दिया. इसके बाद गढ़वा डीसी भवनाथपुर सामुदायिक अस्पताल पहुंच कर बीमार छात्राओं से मिले एवं उनका कुशल क्षेम पूछा.इस मौके पर मीडिया से बात करते हुए डीसी ने कहा कि शुक्रवार को रात में खरौन्धी कस्तूरबा की छात्राएं अचानक बीमार हो गई थी. तत्काल एसडीएम और अन्य पदाधिकारियों को राहत कार्य के लिए भेजा गया था. सभी छात्राओं का इलाज भवनाथपुर सामुदायिक स्वास्थ केंद्र में किया गया है. आज भी कुछ छात्राएं बीमार हुई थी जिनका इलाज यहीं किया जा रहा है. सभी खतरे से बाहर हैं. मैंने खुद कस्तूरबा विद्यालय का निरीक्षण किया तथा इसमें विद्यालय प्रबंधन की लापरवाही सामने आई है. मैंने तत्काल एक कर्मी को छोड़ कर शेष सभी कर्मियों को कार्यमुक्त कर दिया है और एसडीएम को निर्देश दिया है कि इसकी विस्तृत जाँच कर जाँच प्रतिवेदन दें.विद्यालय में अभी कुछ बच्चियां हैं उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है. उन्होंने सख्त लहजे में कहा है कि चाहे जो भी हो उसे बख्शा नहीं जाएगा. वहीं अभिभावकों के हंगामा के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि स्वभाविक है कि इस तरह की बातें आएगी तो अभिभावक थोड़ा उग्र होंगे लेकिन किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं है.
गढ़वा:झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री सह वर्तमान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पिता दिशोम गुरू शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह पूर्व मंत्री मिथलेश ठाकुर ने खुशीजताई है. मंगलवार को गढ़वा स्थित अपने आवास पर झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण की उपाधी से सम्मानित होना गर्व की बात है. हालांकि, पूर्व मंत्री ने ये भी कहा कि उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए था. मिथलेश ठाकुर का कहना है किउन्होंने कई ऐसे काम किए है जो आज लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत है.वहीं, पद्म भूषण मिलने से पूरे झारखंड राज्य और देश स्तर पर लोग खुशी मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि दिशोम गुरू ने जिस तरह से समाज के लिए कार्य किया है, वह सराहनीय है. हम महामहिम राष्ट्रपति और भारत सरकार से मांग करते हैं कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाए.
गढ़वा:शहर के सुखबाना गांव मे उस समय सनसनी फैल गई जब ग्रामीणों ने एक किशोरी के शव को तालाब में बरामद किया. बताया जा शव के गले में दुपट्टा कसकर लिपटा पाया गया है. आशंका जताई जा रही है कि किशोरी की गला घोंटकर हत्या करने के बाद शव को तालाब में फेंक दिया गया. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. लड़की की पहचान मेराल थाना क्षेत्र के दलेली गांव निवासी खुशबू कुमारी (13 वर्ष) के रूप में हुई है. वह सुखबाना गांव में किराये के मकान में परिवार के साथ रहती थी.पुलिसविभिन्न बिंदुओं पर कर रही जांचघटना की सूचना मिलने पर गढ़वा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए गढ़वा सदर अस्पताल भेज दिया है. पुलिस पूरे मामले की विभिन्न बिंदुओं पर जांच कर रही है. प्रारंभिक तौर पर मामला हत्या का माना जा रहा है. आखिर विद्यालय से लौटने के बाद खुशबू कहां गई और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई, इस संबंध में पुलिस जांच पड़ताल में जुट गई है.शालीग्राम अग्रवाल मध्य विद्यालय की छात्रा थीखुशबूखुशबू कुमारी गढ़वा शहर स्थित शालीग्राम अग्रवाल मध्य विद्यालय की छात्रा थी. उसके पिता ने बताया कि गुरुवार को करीब साढ़े 11 बजे खुशबू विद्यालय से घर लौटी थी. उसने अपना बैग घर में रखा और उसके बाद कहीं चली गई. उस वक्त घर में कोई भी सदस्य मौजूद नहीं था. बाद में जब घरवाले पहुंचे तो बैग देखकर पता चला कि वह विद्यालय से वापस आई थी, लेकिन घर में नहीं थी. शाम तक उसके नहीं लौटने पर काफी खोजबीन की गई, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला. बच्ची की तलाश को लेकर परिवार के लोग काफी परेशान रहे.लापता होने के दो दिन बाद मिला शवशनिवार की सुबह गांव के कुछ लोगों ने तालाब में एक शव को पानी में उतराते हुए देखा. सूचना फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. इसी दौरान खुशबू के परिवारवाले भी वहां पहुंचे और शव की पहचान की. शव को बाहर निकाला गया तो उसके गले में दुपट्टा लिपटा हुआ मिला.
गढ़वा: जिले में दो दिनों में डूबने से दो युवकों की मौत का मामला सामने आया है.दोनों के शव को बड़े मशक्क्त के बाद बाहर निकाला गया. सुखलदारी वाटर फॉल में डूबने के 20 घंटे बाद युवक का शव मिला है.बारिश के मौसम शुरू होने से पहले ही नदी और तालाबों में डूबने का सिलसिला शुरू हो गया है. जिले में 48 घंटे में दो लोगों की मौत हो गई है. पहली घटना धुरकी थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध सुखलदारी वाटर फॉल में नहाने के दौरान डूबने से युवक का शव करीब 18 से 20 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बरामद किया गया.स्थानीय गोताखोरों और पुलिस के संयुक्त प्रयास से चलाए गए खोज अभियान के बाद शव पानी के अंदर से निकाला गया. घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया. पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. प्राप्त जानकारी के अनुसार युवक अपने दोस्तों के साथ सुखलदारी वाटर फॉल घूमने और स्नान करने पहुंचा था. इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते लापता हो गया. दूसरी घटना मेराल थाना क्षेत्र के हासनदाग गांव का है. जहां दर्दनाक हादसे में सधवा तालाब में डूबने से एक 10 वर्षीय नाबालिग की मौत हो गयी. मौत की खबर सुनकर परिजनों का रो-रो कर हुआ बुरा हाल हो गया.जानकारी के अनुसार,हासनदाग के साधवा आहर तालाब में दोपहर बाद जीतन चौधरी के 10 वर्षीय लड़का सुजीत चौधरी अपने टोले के दोस्तों के साथ साधवा तालाब में नहा रहा था. नहाने के क्रम में वह डूब गया था. जब सभी दोस्त घर आने लगे तो देखा कि वह नहीं है तो सभी ने खोजबीन शुरू की और परिजनों की इसकी सूचना दी गई. तभी परिजन एवं गांव घर के लोग वहां पहुंचकर तालाब से उस बच्चे को खोजकर बाहर निकाला.तब तक बच्चा दम तोड़ चुका था.
गढ़वा:जिले के डंडई थाना क्षेत्र के डंडई गांव स्थित सोनेहरा मोड़ के पास मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. राधा-कृष्ण मंदिर के पास स्थित तालाब से नवजात का शव बरामद हुआ है.यह घटना मानवता को झकझोर देने वाली मानी जा रही है. सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है.ग्रामीणों की नजर पड़ीबच्ची के शव परजानकारी के अनुसार पूर्व सरपंच रामा प्रसाद के तालाब में लोगों ने नवजात बच्ची का शव पानी में तैरता हुए देखा. सुबह टहलने गए ग्रामीणों की नजर तालाब के किनारे पड़े शव पर पड़ी,जिसके बाद इसकी सूचना आस-पास के लोगों और पुलिस प्रशासन को दी गई. देखते ही देखते घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई. शव पर अस्पताल में जन्म के दौरान लगाए जाने वाले कीट लगा हुआ है. लोगों का अनुमान है कि बच्ची को बीती रात ही तालाब में फेंका गया होगा. शव देखकर साफ प्रतीत हो रहा है कि नवजात के जन्म का महज कुछ ही दिन हुआ है.सभी पहलुओं पर पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलने पर डंडई थाना प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और सभी पहलुओं पर पुलिस की नजर है. इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चर्चा का माहौल है. लोग दोषियों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
गढ़वा:जिले के नगर उंटारी थाना क्षेत्र के कुंबा गांव स्थित अकेलवा तालाब में डूबने से दो बच्चियों की मौत हो गई है. इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर है. बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह दोनों बच्चियों का शव मिलने पर गांव में शोक की लहर है. घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.पतरिहा कलां गांव के हरिजन टोला की घटनाजानकारी के अनुसार पतरिहा कलां गांव के हरिजन टोला निवासी राजू राम की 8 वर्षीय बेटी प्रियांशु कुमारी और परमेश्वर राम की 10 वर्षीय बेटी रेशमा कुमारी मंगलवार सुबह करीब 9 बजे घर से बहवा पहाड़ की ओर लकड़ी चुनने गई थी. शाम तक जब दोनों बच्चियां घर नहीं लौटीं तो परिजनों ने खोजबीन शुरू की. रातभर ग्रामीणों और परिजनों ने आस-पास के इलाकों में खाफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.तालाब में बच्चों ने देखा शव तैरतेबुधवार सुबह करीब 6 बजे गांव के कुछ बच्चे शौच के लिए जब तालाब किनारे पहुंचे तो अकेलवा तालाब में दो शव तैरते हुए देखा. यह दृश्य देखते ही बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई. ग्रामीणों की मदद से दोनों बच्चियों के शव तालाब से बाहर निकाले गए.
गढ़वा: झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा था जितना भ्रष्टाचार प्रखंडों में है उतना कहीं नहीं है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का यह बात गढ़वा में चरिथार्थ हो रहा है. अंचल कार्यालय में भ्रष्टाचार कूट-कूट कर भरा हुआ है, जिसका उदाहरण जिले के रमना अंचल कार्यालय में देखने को मिल रहा है. यहां का कर्मचारी खुले आम घूस की मांग करता है. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है.गढ़वा जिला के रमना प्रखंड सह अंचल कार्यालय में एक कर्मी दिवाकर सिंह का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. जिसमें घूस के रकम को वापस करते देखा जा रहा है. वहीं, घूस के रुपये खुद मोबाइल बैंकिंग के माध्यम से लिया हुआ है जिसकी पुष्टि खुद पीड़ित कर रहे हैं.अंचल में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ यहां की प्रमुख ने मोर्चा खोल रखा है. दरअसल, अंचल कार्यालय में पदास्थापित एक कर्मी दिवाकर सिंह जमीन रजिस्ट्री और केवाला के नाम पर प्रति केवाला 15,000 साहेब के नाम पर और 5,000 अपने नाम पर लेता है. ऐसा लगभग एक दर्जन केस का खुलासा हुआ है जो पीड़ितों से इस कर्मी ने लिया है. एक केस में कर्मी द्वारा घूस का रुपये वापस देते दिख रहा है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर इनदिनों वायरल हुआ है.पीड़ितों ने बताया की ऐसा कई मामला है जिसमे किसी के जमीन को किसी के नाम पर पंजी 2 में दिखा कर जमीन उसके नाम कर दिया जा रहा है. यहां तक कि कर्मी ने अपने बहनोई के नाम पर भी जमीन रजिस्ट्री करा रखा है.इस मामले को लेकर पीड़ितों ने इसकी शिकायत प्रखंड प्रमुख से की तो प्रमुख ने कर्मी और साहेब के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. प्रमुख ने बताया की ऐसे कई मामले है जिसमें दिवाकर सिंह ने सीधे रूपए अपने खाते में लिए है. एक का वीडियो वायरल भी हुआ है. पीड़ित ने कहा कि इसकी शिकायत डीसी से की जाएगी और ऐसे भ्रष्ट कर्मी पर कार्रवाई की जाएगी.
गढ़वा:झारखण्ड के गढ़वा जिले में भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल है. उत्तर प्रदेश और झारखण्ड को जोड़ने वाली सड़क एनएचआई -39 और छत्तीसगढ़-झारखण्ड एनएच-343 की सड़कों पर सन्नाटा पसरा है .ऐसा लग रहा है मानो आसमान से आग का गोला गिर रहा हो. सोमवार का अधिकतम तापमान 44 डिग्री पार है.पूरे झारखण्ड में इन दिनों गढ़वा और पलामू का पारा सातवें आसामन पर है. लोग घरों मे अहले सुबह से ही पैक हो जा रहे हैं. सुबह के 11 बजे से लेकर शाम छह बजे तक के तापमान में घरों में लगी एसी भी काम नहीं कर रहा है. वहीं, मिट्टी के बर्तन जैसे घड़ा का डिमांड मार्केट में बढ़ गया है. इलेक्ट्रॉनिक दुकानों में ऐसी की बिक्री बढ़ गई है. शहर के रंका मोड़ पर खीरा, तरबूज, दही, सत्तू और गन्ने के जूस की डिमांड खूब बढ़ गई है.वहीं,कृषि विज्ञान केंद्र का मानना है कि ये अलनीनो का प्रभाव है जो 100 वर्षों के बाद प्रभाव में आया है. जिस वजह से तापमान बढ़ा रहेगा और बारिश की संभावना कम रहेगी, तो ऐसे में लोगों को अपने आप को बचना है.पानी का सेवन ज्यादा से ज्यादा करना है. जहां तक तापमान की बात करें तो 44 से 45 डिग्री का तापमान फिलहाल बना रहेगा.
गढ़वा:जिले के भवनाथपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चेरवाडीह गांव में पुलिस ने अवैध हथियार रखने वाले एक युवक को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. इस संबंध में एसडीपीओ सत्येंद्र नारायण सिंहने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की जानकारी दी. एसडीपीओ नेबताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ गांव के ही गुणा कुमार के साथ मारपीट कर रहा है. जांच में पता चला कि 8 हजार रुपये के बकाया विवाद को लेकर मारपीट हो रही थी. सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की.तलाशी के दौरान पुलिस ने एक युवक के पास से देशी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किया है. पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान भिमखांड निवासीअशोक कुमार (32 वर्ष) के रूप में बताई है.