बिहार के नरकटियागंज से पुलिस ने एक ऐसी गिरफ्तारी की है जिसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। दरअसल साल 2006 के डकैती कांड का आरोपी सुरेंद्र ठाकुर करीब दो दशक से पुलिस की पकड़ से दूर था। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने अपना हुलिया तक बदल लिया। दाढ़ी-बाल बढ़ाए, साधु का भेष धारण किया और नेपाल के अलग-अलग इलाकों में ठिकाना बनाकर रहने लगा। लेकिन आखिरकार पुलिस की एक गुप्त सूचना ने उसकी पूरी कहानी का अंत कर दिया।

नरकटियागंज पुलिस ने बताया कि डकैती के मामले में फरार होने के बाद सुरेंद्र ठाकुर नेपाल चला गया था। वहां उसने पुलिस से बचने के लिए साधु का रूप अपना लिया और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा। लंबे समय तक वह इसी पहचान के सहारे पुलिस की नजरों से बचता रहा। इसी बीच शिकारपुर पुलिस को आरोपी के बारे में गुप्त सूचना मिली। शिकारपुर थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह ने एसआई राजेश कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की। टीम ने चमुआ चौक पर घेराबंदी की और मौके पर सुरेंद्र ठाकुर को दबोच लिया।

गिरफ्तार सुरेंद्र ठाकुर लंगड़ा-दिउलिया गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ बलथर थाना में वर्ष 2006 में डकैती का मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, अदालत से उसके खिलाफ स्थायी वारंट भी जारी था और वह लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी ने वर्ष 2001 से डकैतों के साथ रहने और कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने की बात बताई है। हालांकि, इन दावों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होगी। करीब दो दशक तक पहचान छिपाकर पुलिस से बचता रहा आरोपी आखिरकार शिकारपुर पुलिस की घेराबंदी में फंस गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

नरकटियागंज से अजय पाण्डेय की रिपोर्ट