पटना: स्नातक विधान परिषद सीट के चुनाव को लेकर जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच मतभेद चर्चा में हैं। चुनाव की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन दोनों नेताओं के बयानों के कारण राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है।

जेडीयू की ओर से नीरज कुमार को पटना स्नातक सीट से फिर उम्मीदवार बनाए जाने की तैयारी की खबरें सामने आई हैं। नीरज कुमार इस सीट से लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं। उनका मौजूदा कार्यकाल 16 नवंबर को समाप्त हो रहा है।

दूसरी ओर,मोकामा विधायक अनंत सिंह ने सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ रुख जाहिर किया है। उन्होंने अनुज सिंह के समर्थन की बात कही है। अनंत सिंह ने नीरज कुमार को सार्वजनिक बहस की चुनौती भी दी है और कहा है कि बहस में हारने पर वह चुनाव में उनका समर्थन करेंगे।

इस विवाद के बीच जेडीयू ने संगठनात्मक स्तर पर बैठकें की हैं। एक बैठक में अनंत सिंह की मौजूदगी भी हुई थी। नीरज कुमार ने उस समय अनंत सिंह को पार्टी की पूंजी बताते हुए उनके समर्थन की बात कही थी। वहीं, बाद में अनंत सिंह के अलग-अलग सार्वजनिक बयानों से उनका रुख फिर चर्चा में आया।

जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने पार्टी में व्यापक मतभेद या गुटबाजी से इनकार किया है। ऐसे में अब नजर इस बात पर है कि चुनाव की औपचारिक प्रक्रिया शुरू होने के बाद पार्टी का संगठन और दोनों नेताओं की भूमिका किस रूप में सामने आती है।

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में पटना, नालंदा और नवादा जिले शामिल हैं। चुनावी समीकरण उम्मीदवारों, दलों के समर्थन और स्थानीय स्तर के राजनीतिक नेटवर्क से प्रभावित होंगे।