यूपीएससी (UPSC) सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों और देश के युवाओं के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सूचना आयोग यानी CIC ने कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) को एक ऐतिहासिक निर्देश दिया है। इसके तहत अब 2018 से 2023 तक के चयनित उम्मीदवारों के पेपर-वाइज़ (Paper-wise) नंबर यानी हर जीएस पेपर, वैकल्पिक विषय और पर्सनैलिटी टेस्ट के अंक सार्वजनिक करने होंगे.मामले की शुरुआत नवंबर 2024 में हुई, जब एक उम्मीदवार, अनिकेत कुमार गुप्ता ने आरटीआई (RTI) के ज़रिए पिछले 10 सालों के चयनित उम्मीदवारों के पेपर-वाइज़ अंकों का ब्योरा मांगा था।

आपको बता दें कि साल 2017 तक सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिक किए जाते थे, लेकिन 2018 से यह व्यवस्था अचानक बंद कर दी गई थी और सिर्फ कुल (Total) अंक ही बताए जाते थे।जब सीआईसी ने इस मामले की सुनवाई की, तो एक चौंकाने वाला सच सामने आया। DoPT और यूपीएससी के पास ऐसा कोई भी लिखित रिकॉर्ड या सरकारी आदेश नहीं मिला, जिससे यह साबित हो सके कि 2017 के बाद पेपरवार अंक देने की व्यवस्था किस आधार पर बंद की गई थी!

सुनवाई के दौरान DoPT ने यह डर जरूर जताया कि पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिश होने से कोचिंग संस्थान ऑप्शनल सब्जेक्ट्स का कमर्शियल इस्तेमाल कर सकते हैं। लेकिन, आयोग ने इस दलील को खारिज कर दिया क्योंकि इस फैसले के समर्थन में कोई आधिकारिक पॉलिसी डॉक्यूमेंट मौजूद नहीं था।सीआईसी ने साफ कहा कि सिविल सेवा परीक्षा में पारदर्शिता बेहद जरूरी है। चूंकि चयनित कैंडिडेट्स के नाम, कैटेगरी और टोटल मार्क्स पहले से ही पब्लिक डोमेन में हैं, इसलिए डिटेल्ड मार्क्स मिलने से चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और मजबूत होगी।

केंद्रीय सूचना आयोग ने आदेश दिया है कि आदेश मिलने के तीन हफ्ते के भीतर साल 2018 से 2023 के बीच चुने गए उम्मीदवारों के विस्तृत अंक आवेदक को उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही, आरटीआई एक्ट की धारा 25(5) के तहत यह सलाह भी दी गई है कि भविष्य के लिए पेपर-वाइज़ नंबर पब्लिश करने की पुरानी व्यवस्था को फिर से बहाल किया जाए।इस फैसले से यूपीएससी परीक्षा प्रणाली में और अधिक पारदर्शिता आने की उम्मीद है।