हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में खेलप्रेमियों ने पोस्टर-बैनर लगाकर मनाया जश्न, 15साल की कड़ी मेहनत और संघर्ष के बाद मंगल ने हासिल किया मुकाम
गयाजीः बिहार क्रिकेट के लिए गौरव की खबर सामने आई है। गयाजी शहर के रहने वाले युवा क्रिकेटर मंगल महरौर को बिहार रणजी टीम का कप्तान बनाया गया है। उनकी इस उपलब्धि से गया जिले में खुशी की लहर है। परिवार, रिश्तेदारों, समर्थकों और खेल जगत से जुड़े लोगों की ओर से उन्हें लगातार बधाइयां दी जा रही हैं। इसी खुशी में गयाजी के हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में खेल जगत से जुड़े लोगों ने मंगल महरौर के पोस्टर और बैनर लगाकर जश्न मनाया। हालांकि, इस मौके पर मंगल गयाजी में मौजूद नहीं थे। वह क्रिकेट खेलने के सिलसिले में गोवा गए हुए हैं।

छोटी जगह से निकलकर रणजी टीम की कप्तानी तक पहुंचे मंगल
मगध रोटरी क्लब के अध्यक्ष अशोक सिंह ने कहा कि मंगल महरौर ने गयाजी का नाम रोशन किया है। गयाजी का एक बच्चा आज बिहार रणजी टीम का कप्तान बना है, यह पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उनकी इस सफलता से न केवल परिवार बल्कि पूरे गयाजी का मान-सम्मान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि मंगल इसी हरिहर सुब्रमण्यम स्टेडियम में अभ्यास किया करते थे। सीमित सुविधाओं के बावजूद उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रतिभा के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। अशोक सिंह ने कहा कि अगर राज्य सरकार खेल और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराए तो बिहार से कई और प्रतिभाएं निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकती हैं।

15साल तक संघर्ष और मेहनत से हासिल किया मुकाम
स्थानीय निवासी संतोष कुमार उर्फ छोटे ने बताया कि करीब 15 साल पहले से मंगल इसी स्टेडियम में दिन-रात क्रिकेट का अभ्यास करते थे। उस समय स्टेडियम में पर्याप्त सुविधाएं नहीं थीं। इसके बावजूद मंगल खुद पिच तैयार करते और नियमित अभ्यास करते थे। उन्होंने कहा कि लगभग 15 वर्षों की कठिन मेहनत और संघर्ष के बाद मंगल ने बिहार रणजी टीम की कप्तानी तक का सफर तय किया है। यह हम सभी के लिए बेहद गर्व और खुशी का क्षण है।

सीमित संसाधनों के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला
संतोष कुमार ने बताया कि मंगल के पिता रेलवे में कर्मचारी हैं। पहले उनका परिवार रेलवे क्वार्टर में रहता था, लेकिन क्वार्टर टूटने के बाद परिवार किराये के मकान में रहने लगा। सीमित आर्थिक संसाधनों और सुविधाओं की कमी के बावजूद मंगल ने क्रिकेट के प्रति अपना जुनून और मेहनत जारी रखी। उन्होंने मंगल के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी सफलता गयाजी के दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनेगी। मंगल महरौर की इस उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा और मेहनत के दम पर सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी मंजिल हासिल की जा सकती है। गयाजी के खेलप्रेमियों को अब उनसे रणजी ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।

गयाजी से प्रदीप कुमार सिंह की रिपोर्ट