BIHAR NEWS: इस साल NEET परीक्षा में कथित धांधली मामले में गिरफ्तार डॉ.रविशंकर को लेकर जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आर्थिक अपराध इकाई यानी EOU की पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी ने अगले साल होने वाली NEET परीक्षा में भी कथित गड़बड़ी की तैयारी शुरू कर दी थी।
केंद्र सरकार की ओर से 2027 से NEET परीक्षा को कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी CBT मोड में कराने की योजना है। इसी को ध्यान में रखते हुए डॉ. रविशंकर ने पटना के एक ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में निवेश किया था। जांच एजेंसी के अनुसार, उसने परीक्षा में कथित गड़बड़ी की तैयारी के लिए इनोवेशन ऑनलाइन एग्जाम सेंटर में निवेश और एकरारनामा किया था।
EOU की जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. रविशंकर वर्ष 2022 के बाद से NEET समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में अभ्यर्थियों की कथित सेटिंग कर उन्हें पास कराने का काम करता था। अब जांच एजेंसी उसके पूरे नेटवर्क और परीक्षा में गड़बड़ी से जुड़े संभावित संपर्कों को खंगाल रही है।
जांच में डॉ. रविशंकर की शैक्षणिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है। बताया गया है कि उसने वर्ष 2012 में 12वीं की परीक्षा पास की थी। इसके करीब दस साल बाद 2022 में उसने NEET परीक्षा पास की और पावापुरी स्थित महावीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में दाखिला लिया।
EOU इस पूरे मामले में उसके शैक्षणिक रिकॉर्ड, ऑनलाइन परीक्षा केंद्र में निवेश और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े संपर्कों की भी जांच कर रही है। NEET धांधली मामले में डॉ. उज्ज्वल समेत अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच जारी है।

