

सोमवार, 21 सितंबर 2026
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पटना: बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ ने पंचायती राज विभाग से छठे वित्त आयोग की 1830 करोड़ रुपये की राशि का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की है। शनिवार को पटना में पंचायत प्रतिनिधियों और प्रखंड अध्यक्षों की बैठक में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए। महासंघ ने आरोप लगाया कि पंचायती राज विभाग के कुछ अधिकारियों के रवैये से पंचायतों में योजनाओं के क्रियान्वयन में बाधा आ रही है।बैठक में महासंघ के सदस्यों ने कहा कि पंचायतों से जुड़ी राशि के उपयोग में पारदर्शिता जरूरी है। राशि का पूरा हिसाब सार्वजनिक नहीं होने और पंचायत प्रतिनिधियों की समस्याओं का समाधान नहीं किए जाने पर संगठन आंदोलन करेगा। इसके तहत ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ कार्यक्रम आयोजित करने की चेतावनी दी गई है।महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय, पंच-सरपंच संघ अध्यक्ष अमोद कुमार निराला और प्रमुख संघ की कार्यकारी अध्यक्ष जयमाला कुमारी पासवान ने पंचायतों से जुड़े विभिन्न मुद्दे उठाए। इनमें खराब सोलर लाइट, पंचायत सरकार भवनों की स्थिति, कन्या विवाह योजना, पंचायत सचिवों के स्थानांतरण और जिला परिषद से जुड़े वित्तीय मामले शामिल हैं।महासंघ अध्यक्ष मिथिलेश कुमार राय ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधि सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान को सफल बनाने में सहयोग करेंगे, लेकिन पंचायतों के अधिकार और वित्तीय पारदर्शिता से समझौता नहीं किया जाएगा।बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल को सफल बनाने के लिए पंचायतों को विभागीय सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मिमिक्री को लेकर बिहार में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बीजेपी नेताओं ने कार्यक्रम को लेकर राहुल गांधी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, जदयू नेताओं की ओर से भी इस मामले पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं।जेडीयू विधायक दल के नेता श्रवण कुमार ने कहा कि यह लोकतंत्र है और लोकतंत्र में अलग-अलग विचार रखने वाले लोग होते हैं। उन्होंने कहा कि किसको कौन रोक सकता है, हर व्यक्ति अपनी इच्छा के अनुसार काम करता है।वहीं,जेडीयू नेता श्याम रजक ने व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत लांछन नहीं होना चाहिए और लड़ाई नीतिगत मुद्दों पर होनी चाहिए। उनके अनुसार नीतिगत बातों पर कुछ भी कहना राजनीतिक बहस का हिस्सा हो सकता है, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणी उचित नहीं है।श्याम रजक ने इसे घिनौना कृत्य बताते राहुल गांधी को राजनीतिक प्रशिक्षण की सलाह दी।कहा कि प्रधानमंत्री देश के 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री और उनके परिवार को लेकर व्यक्तिगत टिप्पणी को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसे शब्दों की जितनी निंदा की जाए, कम है। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को राजनीतिक प्रशिक्षण लेने की सलाह दी।विवाद की शुरुआत राहुल गांधी के कार्यक्रम के एक वीडियो को लेकर हुई। बीजेपी की ओर से आरोप लगाया गया कि कार्यक्रम में प्रधानमंत्री मोदी और उनकी दिवंगत मां से जुड़ी बातचीत का मजाक उड़ाया गया। बीजेपी और कांग्रेस की ओर से साझा किए गए वीडियो में राहुल गांधी को मंच पर मौजूद कॉमेडियन की बातों के दौरान हंसते हुए देखा जा सकता है।इस पूरे मामले पर अलग-अलग राजनीतिक दलों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जिससे बिहार में भी विवाद को लेकर सियासी चर्चा तेज हो गई है।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना: बिहार में बाढ़ और सुखाड़ की स्थिति को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बिहार का एक हिस्सा बाढ़ से प्रभावित है,जबकि दूसरे हिस्सों में बारिश की कमी के कारण किसान परेशान हैं। तेजस्वी ने दावा किया कि बाढ़ से 45 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं।तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जब लोग बाढ़ की परेशानी झेल रहे हैं और किसान संकट में हैं, तब सरकार ने दीये जलाने जैसे आयोजन पर सैकड़ों करोड़ रुपये खर्च किए। तेजस्वी ने कार्यक्रम पर 100 करोड़ रुपये खर्च होने का दावा किया। उन्होंने कहा कि सरकार को इस राशि का इस्तेमाल बाढ़ पीड़ितों और किसानों की मदद में करना चाहिए था।बाढ़ को लेकर तेजस्वी पहले भी केंद्र से बिहार को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष आर्थिक पैकेज देने की मांग कर चुके हैं। उन्होंने ‘डबल इंजन’ सरकार पर भी राजनीतिक हमला किया।तेजस्वी ने स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने एक तस्वीर साझा करते हुए दावा किया कि एक गर्भवती महिला का ऑपरेशन टार्च की रोशनी में किया गया। उन्होंने इसे राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा।वहीं, पटना में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के दौरान कथित मारपीट के शिकार 12 वर्षीय प्रिंस कुमार से मुलाकात का भी तेजस्वी ने जिक्र किया। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रिंस ने बताया कि वह कार्यक्रम का वीडियो बना रहा था, इसी दौरान उसके साथ कथित तौर पर मारपीट हुई।तेजस्वी ने एक अलग सोशल मीडिया पोस्ट में बीजेपी पर विपक्षी दलों के नाम, चुनाव चिह्न और बैंक खातों पर कब्जे की कोशिश का आरोप भी लगाया।
पटना: राजधानी के बापू सभागार में आयोजित लव-कुश सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास के लिए सभी वर्गों से एकजुट होकर काम करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बिहार को आगे बढ़ाने के लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है।मुख्यमंत्री ने लव-कुश की कथा का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समाज न्याय और सम्मान की परंपरा से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि लव-कुश समाज 1994 में भी एकजुट था और 2026 में भी एकजुट है। समाज किसी के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास को आगे बढ़ाने के लिए काम कर रहा है।सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास की चर्चा करते हुए कहा कि 2005 के बाद राज्य की अर्थव्यवस्था और आधारभूत संरचना में बदलाव आया। उन्होंने बताया कि बिहार का बजट वर्ष 2024 में बढ़कर 3.17 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।शिक्षा के क्षेत्र में बदलाव का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 211 डिग्री कॉलेजों में एक साथ पढ़ाई शुरू कराई गई। मॉडल स्कूलों में करीब साढ़े तीन लाख बच्चे पढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्कूल स्तर से ही मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी की सुविधा दी जा रही है।मुख्यमंत्री ने बिहार की सांस्कृतिक और पर्यटन विरासत को विकसित करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाल्मीकिनगर से जुड़ी लव-कुश विरासत को विकसित करने के लिए 60 करोड़ रुपये की लागत से भव्य लव-कुश पार्क बनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि माता सीता से जुड़ी विरासत के विकास पर भी काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ने एकता का उदाहरण देते हुए कहा कि पांचों उंगलियां बराबर नहीं होतीं, लेकिन मिलकर मुट्ठी बनाती हैं। इसी तरह सभी को मिलकर बिहार के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
पटना:बिहार की राजनीति में स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार इन दिनों अपनी कार्यशैली को लेकर चर्चा में हैं। सार्वजनिक कार्यक्रमों से लेकर अस्पतालों के निरीक्षण तक उनकी मौजूदगी का एक अलग अंदाज देखने को मिल रहा है। खास तौर पर मरीजों से सीधे संवाद करना और मौके पर सामने आई समस्याओं पर अधिकारियों को निर्देश देना उनकी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।अस्पतालों के निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्रीनिशांत कुमार कई बार वार्डों में जाकर मरीजों से उनकी परेशानी पूछते नजर आए हैं। पटना के एलएनजेपी अस्पताल के निरीक्षण में उन्होंने मरीजों से दवाओं, जांच और इलाज से जुड़ी शिकायतें सुनीं और अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। सीतामढ़ी में भी औचक निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और सामने आई कमियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।उनकी कार्यशैली में संवाद और मौके पर जाकर स्थिति समझने पर जोर दिखाई देता है। यही वजह है कि समर्थक उनके इस अंदाज को सक्रिय राजनीति से जोड़कर देखते हैं, जबकि उनके राजनीतिक सफर का मूल्यांकन अभी जारी प्रक्रिया है।हाल के दिनों में निशांत कुमार की जदयू की गतिविधियों में भी सक्रियता बढ़ी है। 18 सितंबर को उन्होंने पार्टी के कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं और विधानमंडल सदस्यों के बीच अपनी बात रखी। उन्होंने नीतीश कुमार की राजनीतिक सोच और शासन मॉडल को आगे बढ़ाने की बात कही।बापू सभागार के महिला आयोग के कार्यक्रम में उनके नाम पर लगे नारों ने भी उनकी सार्वजनिक मौजूदगी को चर्चा में ला दिया। हालांकि इन नारों को राजनीतिक समर्थन का निश्चित पैमाना मानने के बजाय कार्यक्रम में मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया के रूप में देखना अधिक उचित होगा।निशांत कुमार की पहचान फिलहाल एक ऐसे युवा चेहरे के तौर पर बन रही है, जो राजनीति में अपनी जगह संवाद, सक्रियता और कामकाज के जरिए बनाने की कोशिश कर रहे हैं। आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका किस दिशा में आगे बढ़ती है, यह उनकी निरंतर सार्वजनिक और संगठनात्मक सक्रियता से स्पष्ट होगा।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना :बिहार प्रदेश शिक्षा सेवक/शिक्षा सेवक (तालिमी मरकज) संघ प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार से उनके 7,सर्कुलर रोड स्थित आवास पर मुलाकात की. प्रतिनिधिमंडल ने अपनी चार सूत्री मांगों को लागू करने को लेकर मांग पत्र सौंपा.प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पिछले 18 साल से राज्य की स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता के क्षेत्र में शिक्षा सेवक/शिक्षा सेवक (तालिमी मरकज) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. संघ के अनुसार इसका लाभ समाज के अंतिम पायदान तक पहुंच रहा है.प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बिहार में एक प्रतिशत से भी कम बच्चे स्कूली शिक्षा से बाहर रह गए हैं और राज्य की साक्षरता दर कई राज्यों की तुलना में बेहतर है. शिक्षा सेवक सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में भी अपनी भूमिका निभा रहे हैं.नीतीश कुमार को सौंपे गए चार सूत्री मांग पत्र में ग्रेड पे लागू करने,अनुकंपा का लाभ देने, उम्र सीमा 60 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष करने और राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग शामिल है.प्रतिनिधिमंडल ने नीतीश कुमार से मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आग्रह किया. संघ के मुताबिक, नीतीश कुमार ने मांगों को गंभीरता से सुना और खासकर बच्चों की शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षा सेवक/तालिमी मरकज के कार्यों की सराहना की.इस दौरान बिहार विधान परिषद में सत्तारूढ़ दल के उपनेता ललन कुमार सर्फ भी मौजूद रहे.
पटना: बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए हिन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (सेक्युलर) ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये की सहयोग राशि दी है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री डॉ.संतोष कुमार सुमन के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को लोक सेवक आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और सहयोग राशि का चेक सौंपा।पार्टी की ओर से बताया गया कि HAM के सभी सांसद,विधायक और विधान पार्षद भी मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक-एक माह का वेतन देंगे। यह राशि बिहार में आई बाढ़ से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए दी गई है।चेक सौंपे जाने के दौरान पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री को सहयोग से संबंधित पत्र भी दिया गया। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने HAM के इस सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आपदा और कठिन परिस्थितियों के समय यह राशि जरूरतमंद लोगों की सहायता में उपयोगी साबित होगी।सरकार की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं सहायता कार्य जारी हैं। मुख्यमंत्री राहत कोष में विभिन्न स्तरों से मिलने वाली सहयोग राशि का इस्तेमाल प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जाएगा।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:जन सुराज पार्टी ने बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर पांच उम्मीदवारों के नामों की घोषणा कर दी है। रविवार को पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्ता के दौरान जन सुराज के सूत्रधार और बांकीपुर से विधायक प्रशांत किशोर ने प्रत्याशियों के नामों का ऐलान किया।पार्टी की ओर से पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से दिव्या ज्योति, सारण शिक्षक क्षेत्र से आफाक अहमद, दरभंगा शिक्षक क्षेत्र से एसपी राय, कोसी स्नातक क्षेत्र से रजनीश रंजन और दरभंगा स्नातक क्षेत्र से रवींद्र यादव को उम्मीदवार बनाया गया है। पार्टी ने बताया कि तिरहुत शिक्षक, तिरहुत स्नातक और पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों के नाम अगले तीन-चार दिनों में घोषित किए जाएंगे।प्रशांत किशोर ने शिक्षकों को लेकर तीन प्रमुख मांगें सामने रखीं। इनमें 7वां वेतनमान लागू कराना,वित्त रहित एवं वित्त पोषित शिक्षकों को शिक्षक श्रेणी में समायोजित करना और गैर-शैक्षणिक कार्यों में शिक्षकों की तैनाती के लिए मानक तय करना शामिल है।उन्होंने कहा कि इन मांगों को जन सुराज अपनी मांग मानेगा और अगले दो-तीन वर्षों तक शिक्षक समुदाय के साथ मिलकर काम करेगा। उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव से पहले सरकार से इन मांगों को मनवाने की कोशिश की जाएगी।स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों को लेकर भी प्रशांत किशोर ने घोषणा की। उन्होंने कहा कि जन सुराज समर्थित प्रत्याशी जीतकर विधान परिषद पहुंचते हैं तो प्रत्येक स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 10 हजार बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी जन सुराज, निर्वाचित प्रत्याशी और उनकी होगी। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती समेत कई वरिष्ठ नेता प्रेस वार्ता में मौजूद रहे।बिहार से वरिष्ठ संवाददाता संजय कुमार की रिपोर्ट
पटना:बिहार पर्यटन विभाग की ओर से आयोजित फैम टूर ऑफ लोटस ट्रायंगल—ट्रैवल टू लैंड ऑफ एनलाइटनमेंट के अंतर्गत बिहार भ्रमण के लिए थाईलैंड से 28 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल आए है. रविवार को बोधगया स्थित विश्वप्रसिद्ध महाबोधि मंदिर का दर्शन किया. पवित्र बौद्ध परिपथ की यात्रा पर आए प्रतिनिधिमंडल ने महाबोधि मंदिर में प्रार्थना कर भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली का आध्यात्मिक अनुभव प्राप्त किया.युनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल महाबोधि मंदिर बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए विश्व का प्रमुख तीर्थस्थल और आध्यात्मिक केंद्र है. प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने पवित्र स्थल पर पहुंचकर श्रद्धा व्यक्त की,जहां भगवान बुद्ध ने बोधि वृक्ष के नीचे ज्ञान प्राप्त किया था. सदियों से चली आ रही श्रद्धा,शांति और करुणा की अनुभूति ने थाई अतिथियों को गहराई से प्रभावित किया.उदयन मिश्रा,विशेष सचिव सह पर्यटन निदेशक ने बताया कि राज्य में बौद्ध परिपथ से जुड़े स्थलों के विकास,प्रचार-प्रसार और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है. थाईलैंड से आए प्रतिनिधिमंडल का यह दौरा बिहार की बौद्ध विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रचारित करने और भारत-थाईलैंड के पर्यटन एवं सांस्कृतिक संबंधों को नई गति देने में सहायक होगा.इस अवसर पर थाई प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि बोधगया की यात्रा उनके लिए अविस्मरणीय अनुभव है. भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली पर उपस्थित होना उनके लिए आध्यात्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण और भावनात्मक क्षण रहा. महाबोधि मंदिर परिसर की शांति और आध्यात्मिक वातावरण ने उन्हें विशेष रूप से आकर्षित किया.प्रतिनिधिमंडल ने बोधगया में डूंगरेश्वरी पहाड़ी, सुजाता मंदिर और सुजाता स्तूप का भी भ्रमण किया. इसके अतिरिक्त प्रतिनिधिमंडल ने थाई मंदिर, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण संग्रहालय तथा 80 फीट ऊंची बुद्ध प्रतिमा का अवलोकन किया। बिहार पर्यटन विभाग द्वारा तैयार कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के बौद्ध, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों से अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को परिचित कराना है. यात्रा के दौरान प्रतिनिधिमंडल को बिहार की समृद्ध विरासत,स्थानीय संस्कृति और आतिथ्य से भी अवगत कराया गया.थाई प्रतिनिधिमंडल की यह यात्रा भारत और थाईलैंड के बीच साझा बौद्ध विरासत और सदियों पुराने आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. बोधगया से प्रारंभ हुई यह यात्रा राजगीर, नालंदा, वैशाली और पटना के प्रमुख पर्यटन एवं विरासत स्थलों तक जारी रहेगी.प्रतिनिधिमंडल द्वारा बोधगया के बाद 21 सितम्बर को गेहलौर में दशरथ मांझी स्मारक, राजगीर नेचर सफारी और ग्लास ब्रिज का भ्रमण किया जाएगा. इसके उपरांत नालंदा में विश्व धरोहर स्थल प्राचीन नालंदा महाविहार और राजगीर में विश्व शांति स्तूप, वेणुवन और अन्य प्रमुख स्थलों का अवलोकन प्रस्तावित है. इसके बाद प्रतिनिधिमंडल वैशाली में relic stupa, विश्व शांति स्तूप और कोल्हुआ स्थित अशोक स्तंभ का भ्रमण करेगा. यात्रा के अंतिम चरण में पटना में स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी.
पटना: बिहार में जमाबंदी सुधार एवं उत्तराधिकार नामांतरण विशेष अभियान की निगरानी अब मुख्यालय स्तर से भी की जा रही है. शनिवार को मुख्यालय से 16 अधिकारियों को राज्य के 16 जिलों के 32 अंचलों में औचक निरीक्षण के लिए भेजा गया. अधिकारियों ने अंचल कार्यालयों में पहुंचकर अभियान की जमीनी प्रगति की पड़ताल की.निरीक्षण के दौरान जमाबंदी में दर्ज त्रुटियों के सुधार,रिक्त प्रविष्टियों को भरने और लंबित उत्तराधिकार नामांतरण मामलों के निष्पादन की स्थिति की समीक्षा की गई. इसके साथ ही अंचल कार्यालयों में संचालित ऑनलाइन सेवाओं और अभिलेखागार में रिकॉर्ड के रखरखाव एवं संधारण की व्यवस्था का भी जायजा लिया गया.राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने कहा कि विभाग का स्पष्ट उद्देश्य है कि विशेष अभियान केवल कागजों पर नहीं,बल्कि धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू हो. अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में अभियान से जुड़े कार्यों को पूरा करने का निर्देश दिया गया है.बिहार में यह 45 दिवसीय विशेष अभियान 15 सितंबर से 31 अक्टूबर तक चल रहा है. इसके तहत जमाबंदी अभिलेखों को दुरुस्त करने और उत्तराधिकार नामांतरण के लंबित मामलों का निष्पादन करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है.औचक निरीक्षण के दौरान नवंबर में वासविहीन परिवारों को पर्चा निर्गत करने की तैयारियों की भी समीक्षा की गई. मुख्यालय स्तर से यह देखा जा रहा है कि अंचलों में अभियान की वास्तविक प्रगति क्या है और निर्धारित लक्ष्य पूरा करने के लिए कहां तेजी की जरूरत है.राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि 31 अक्टूबर तक जमाबंदी की त्रुटियों का सुधार लक्ष्य है. अधिकारियों को गंभीरता और जवाबदेही के साथ काम करने का निर्देश दिया गया है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
Patna : पटना हाईकोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि अधिकारी भाषा की मर्यादा न भूलें', डीएम की व्यक्तिगत टिप्पणी हटाई.नाली विवाद में पूर्व कुलपति को मिली बड़ी राहत देते हुए हाईकोर्ट ने कहा प्रतिष्ठा इंसान का सबसे बड़ा धन है. हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकारियों को कड़ा संदेश देते हुए स्पष्ट किया है कि अर्द्ध-न्यायिक मामलों की सुनवाई के दौरान अधिकारियों को भाषा की मर्यादा बनाए रखनी होगी.बिना किसी ठोस आधार के किसी नागरिक के चरित्र, नैतिकता या मानसिकता पर टिप्पणी करना शक्तियों का दुरुपयोग है. हाईकोर्ट के जस्टिस आलोक कुमार की एकल पीठ ने सीतामढ़ी के पूर्व डीएम द्वारा संस्कृत विद्वान एवं विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. देव नारायण झा के खिलाफ दिए गए व्यक्तिगत बयानों और टिप्पणियों को आदेश पत्र से हटाने का निर्देश दिया है. रीगा प्रखंड (सीतामढ़ी) निवासी डॉ. देव नारायण झा ने लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकारी योजना से बनी नाली के रिसाव से उनके खेत में पानी भर रहा है. इससे खेती का नुकसान हो रहा है. ये मामला जब द्वितीय अपीलीय प्राधिकरण,यानी सीतामढ़ी के तत्कालीन जिलाधिकारी के पास पहुंचा, तो25फरवरी,2023को डीएम ने याचिका खारिज करने के साथ ही याचिकाकर्ता पर टिप्पणी कर दी. आदेश में लिखा गया कि याचिकाकर्ता की मानसिकता पड़ोसी एससी/एसटी समुदाय के लोगों को प्रताड़ित करने की है. याचिकाकर्ता की ओर से वरीय अधिवक्ता अभिनव श्रीवास्तव ने कोर्ट को बताया कि डॉ. झा संस्कृत के जाने-माने विद्वान और पूर्व कुलपति रह चुके हैं. बिना किसी साक्ष्य के इस प्रकार की आधारहीन टिप्पणी से समाज में उनकी प्रतिष्ठा को गहरा आघात पहुंचा है. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने इंसान की सामाजिक प्रतिष्ठा और नाम के महत्व को रेखांकित करते हुए प्रसिद्ध नाटककार विलियम शेक्सपियर के नाटक ओथेलो के संवादों को उद्धृत किया. "अच्छा नाम ही स्त्री और पुरुष की आत्मा का सबसे अनमोल गहना है... जो मेरी तिजोरी चुराता है, वह केवल कूड़ा चुराता है; लेकिन जो मेरा अच्छा नाम छीन लेता है, वह मुझसे वो छीन लेता है जो उसे समृद्ध नहीं बनाता, लेकिन मुझे सचमुच कंगाल कर देता है."हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि यद्यपि भौतिक निरीक्षण और जांच रिपोर्ट के आधार पर जलजमाव की शिकायत में हस्तक्षेप की गुंजाइश नहीं है, लेकिन डीएम द्वारा याचिकाकर्ता पर की गई अवांछित टिप्पणी को हटाया जाता है. कोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय के'ए.एम. माथुर बनाम प्रमोद कुमार गुप्ता' मामले का जिक्र करते हुए कहा कि जैसे सेना में अनुशासन जरूरी है, वैसे ही न्याय प्रशासन में संयम आवश्यक है. अर्द्ध-न्यायिक अधिकारियों का काम केवल मामले के कानूनी तथ्यों का निपटारा करना है, न कि किसी पक्षकार के व्यक्तिगत चरित्र पर आक्षेप लगाना.पटना से आनंद वर्मा की रिपोर्ट-
पटना: बिहार के लोक सेवक आवास स्थित मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बॉलीवुड फिल्म‘The Vvaan’ की टीम ने आत्मीय मुलाकात की. फिल्म के अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा, अभिनेत्री तमन्ना भाटिया, प्रसिद्ध निर्माता एकता कपूर समेत फिल्म की कास्ट मुख्यमंत्री से मिलने पहुंची.इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फिल्म की टीम के साथ बिहार की लोककथा और उससे जुड़े विषयों पर चर्चा की.‘The Vvaan’ को बिहार की लोककथा पर आधारित बॉलीवुड फिल्म के रूप में बताया गया है. फिल्म के जरिए बिहार की लोक संस्कृति और लोककथाओं से जुड़े विषयों को बड़े पर्दे पर प्रस्तुत करने की पहल की जा रही है.मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान अभिनेता सिद्धार्थ मल्होत्रा, अभिनेत्री तमन्ना भाटिया और निर्माता एकता कपूर समेत फिल्म से जुड़े अन्य कलाकार मौजूद रहे. मुख्यमंत्री ने फिल्म की पूरी टीम का स्वागत किया और भारतीय सिनेमा में बिहार की लोक परंपराओं और कथाओं को स्थान मिलने को महत्वपूर्ण बताया.फिल्म की टीम ने भी मुख्यमंत्री के साथ अपनी मुलाकात को लेकर खुशी जताई. इस दौरान बिहार की संस्कृति, लोककथाओं और फिल्म निर्माण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर बातचीत हुई.बिहार की लोककथाएं और सांस्कृतिक परंपराएं लंबे समय से देश की समृद्ध लोक विरासत का हिस्सा रही हैं. ऐसे में बड़े बॉलीवुड कलाकारों और निर्माता से जुड़ी फिल्म में बिहार की लोककथा को विषय बनाए जाने से राज्य की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना : मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को सम्राट अशोक कन्वेंशन केंद्र स्थित बापू सभागार में बिहार राज्य महिला आयोग के25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया. इस अवसर पर बिहार राज्य महिला आयोग की25वर्षों की यात्रा पर आधारित लघु फिल्म प्रदर्शित की गयी. रजत जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री ने डाक विभाग के सहयोग से बिहार राज्य महिला आयोग पर विशेष डाक टिकट जारी किया तथा आयोग की स्मारिका का विमोचन किया.इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में महिलाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं और उनकी बढ़ती आर्थिक,सामाजिक एवं राजनीतिक भागीदारी राज्य के बदलते स्वरूप की महत्वपूर्ण तस्वीर है. पंचायती राज संस्थाओं एवं नगर निकायों में महिलाओं को50प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से उनकी भागीदारी को नई मजबूती मिली है. उन्होंने कहा कि जीविका ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता,प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना सहित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से महिलाएं सिलाई,मुर्गी पालन,बकरी पालन तथा अन्य गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. सरकार का लक्ष्य एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ना है. पोशाक योजना के तहत विद्यार्थियों को राशि देने के स्थान पर जीविका दीदियों द्वारा तैयार किये गये पोशाक उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है,जिससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में छात्राओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए मैट्रिक,इंटर एवं स्नातक स्तर पर प्रोत्साहन योजनाएं संचालित हैं. प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को भी सहायता दी जा रही है. बालिका पी०एच०डी० फेलोशिप के माध्यम से प्रत्येक वर्ष1,000छात्राओं को10हजार रूपये प्रतिमाह उच्च शिक्षा एवं शोध के लिए सहायता देने का लक्ष्य रखा गया है. महिलाओं की उच्च शिक्षा को और व्यापक बनाने के लिए महिलाओं के लिए समर्पित विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है. महिला सुरक्षा के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में'पुलिस दीदी'की व्यवस्था की गई है. स्कूल-कॉलेज एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों के आसपास छात्राओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है,ऐसा करनेवाला बिहार पहला राज्य है.मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राज्य महिला आयोग केवल शिकायतों के समाधान तक सीमित न रहे,बल्कि महिलाओं की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए सरकार को नियमित रूप से सुझाव भी दे. उन्होंने महिला जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय तथा महिलाओं को सामाजिक,आर्थिक एवं राजनीतिक रूप से सशक्त बनाने में आयोग की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण बिहार की समृद्धि का महत्वपूर्ण आधार है. मुख्यमंत्री ने बिहार राज्य महिला आयोग के25वें स्थापना दिवस पर आयोग से जुड़ी सभी महिलाओं को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं तथा विश्वास व्यक्त किया कि आयोग अपनी स्वर्ण जयंती तक महिलाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने और उनके अधिकार एवं सम्मान की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा.समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी एवं बिहार राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने भी संबोधित किया.इस अवसर पर राज्य सरकार के मंत्रीगण,जनप्रतिनिधिगण,वरीय अधिकारी,भारतीय डाक विभाग के पदाधिकारी,बिहार राज्य महिला आयोग से जुड़ी महिलाएं एवं विभिन्न जिलों से आई बड़ी संख्या में महिलाएं तथा आमजन उपस्थित थे.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में जेडीयू में अंदरूनी मतभेद की चर्चाओं के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने शनिवार को बड़ा बयान दिया. पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने पार्टी में किसी भी स्तर पर मतभेद से इनकार किया. ललन सिंह ने कहा कि जेडीयू में सबकुछ ठीक है और पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र के साथ नेताओं के बीच बेहतर समन्वय है.ललन सिंह ने शुक्रवार को पटना में आयोजित जेडीयू विधानमंडल दल के सदस्यों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए थे. उनकी अनुपस्थिति को लेकर सवाल पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि वह पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत गुजरात में थे और उन्हें कार्यक्रम की जानकारी नहीं थी. उन्होंने कहा कि कुछ विधायकों ने फोन कर कार्यक्रम में नहीं आने का कारण पूछा था.ललन सिंह के मुताबिक,शुक्रवार रात उनकी स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार से भी बातचीत हुई. वहीं,पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार ने उन्हें बताया कि विधायकों के लिए आयोजित कार्यक्रम सामान्य प्रकृति का था.विधान परिषद चुनाव को लेकर मोकामा विधायक अनंत सिंह के बयान पर भी ललन सिंह से सवाल किया गया. अनंत सिंह ने पटना स्नातक क्षेत्र से जेडीयू उम्मीदवार नीरज कुमार को हराने की बात कही है. इस पर ललन सिंह ने सीधे टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि इसका जवाब वही लोग देंगे,जिन्होंने यह बयान दिया है.ललन सिंह ने यह भी कहा कि वह स्थापना काल से जेडीयू से जुड़े हैं और पार्टी पहले की तरह एकजुट है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से24सितंबर को पटना के वेटनरी ग्राउंड में‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा. कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बिहार के युवाओं, खासकरGen-Z, से सीधे संवाद करेंगे.पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने शनिवार को प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कार्यक्रम की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि‘Youth BOLE TO’ का उद्देश्य युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने के लिए मंच उपलब्ध कराना है. कार्यक्रम में युवा शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और तकनीक से जुड़े मुद्दों पर अपने सवाल और सुझाव रख सकेंगे.इसके अलावा डिजिटल युग की चुनौतियों और भविष्य से जुड़े विषयों पर भी चिराग पासवान के साथ सीधा संवाद होगा. पार्टी का कहना है कि युवाओं की बदलती आकांक्षाओं और चुनौतियों को समझने के लिए यह पहल की जा रही है.प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक ने कहा कि युवा केवल भविष्य की शक्ति नहीं, बल्कि वर्तमान में भी देश और समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. उनकी सोच और सुझावों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना जरूरी है.कार्यक्रम के आयोजन और समन्वय की जिम्मेदारी पार्टी के युवा प्रकोष्ठ को सौंपी गई है. युवा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष कार्यक्रम संयोजक की भूमिका निभाएंगे. पार्टी पदाधिकारियों, युवा कार्यकर्ताओं और समर्थकों से अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील की गई है.पार्टी के मीडिया प्रभारी निशांत मिश्रा ने इसे युवाओं की बात सुनने और उनकी आकांक्षाओं को समझने की पहल बताया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना:मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को पटना तारामंडल में‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत‘Seva First Innovation Challenge (East Zone)’ का शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय इनोवेशन चैलेंज पोर्टल का लोकार्पण किया और 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. उन्होंने इनोवेशन प्रदर्शनी का अवलोकन कर युवा उद्यमियों से उनके स्टार्टअप और उत्पादों की जानकारी ली.कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार की विकास यात्रा में सेवा, नवाचार, तकनीक और उद्यमिता की महत्वपूर्ण भूमिका है. युवाओं की ऊर्जा और तकनीकी क्षमता को विकास की ताकत बनाकर बिहार को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नवाचार और विकास की सोच सभी को प्रेरित करती है.मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में करीब एक हजार उद्योगों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है और अगले पांच वर्षों में 10 हजार उद्योग स्थापित करने का लक्ष्य है. उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर देने के लिए उद्योग और स्टार्टअप को प्रोत्साहित किया जा रहा है.शिक्षा के क्षेत्र में सरकार की पहल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि‘विद्यार्थी साथी’ ऐप के जरिए लाइव क्लास, NEET-JEE तैयारी और 24×7 ऑनलाइन ट्यूटर की सुविधा उपलब्ध है. उनके अनुसार, रात एक बजे भी 1.42 लाख बच्चे ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे हैं और 75 हजार शिक्षक इनरॉल्ड हैं.मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तिकरण पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि एक करोड़ महिलाओं को‘लखपति दीदी’ बनाने का लक्ष्य है. साथ ही बाढ़ प्रभावित परिवारों कोDBT से सहायता देने की जानकारी दी.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री राहत कोष में अपने एक माह का वेतन2लाख70हजार रूपये का चेक प्रदान किया. मुख्यमंत्री ने शनिवार को लोक सेवक आवास स्थित'संकल्प' में अपने एक माह के वेतन का चेक मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह को सौंपा है.मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों, समाज के समृद्ध एवं समर्थ लोगों से अपील की है कि वे मुख्यमंत्री राहत कोष में अधिक से अधिक राशि दान करें ताकि आपदा की स्थिति में प्रभावित लोगों की अधिक से अधिक मदद की जा सके.मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री राहत कोष जरूरतमंद लोगों की सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. समाज के सक्षम लोगों की सहभागिता से राहत एवं सहायता के कार्यों को और प्रभावी बनाया जा सकता है.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-
पटना: बिहार में विधान परिषद चुनाव से पहले जेडीयू के भीतर अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच विवाद एक बार फिर खुलकर सामने आ गया है. मोकामा से जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने कहा है कि उनका विरोध पार्टी से नहीं,बल्कि जेडीयू के मुख्य प्रवक्ता और एमएलसी नीरज कुमार से है.अनंत सिंह ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से नीरज कुमार को हराने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और अपने समर्थकों से एकजुट होने की अपील की है. उन्होंने डॉ. अनुज सिंह के समर्थन की बात कही है. अनुज सिंह के पटना स्नातक सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है. अनंत सिंह ने दावा किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तीन जिलों और 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक मौजूद हैं.दोनों नेताओं के बीच विवाद पहले भी सामने आ चुका है. विवाद सुलझाने के लिए 7 सितंबर को जेडीयू कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा की मौजूदगी में दोनों नेताओं के बीच करीब 35 मिनट तक बैठक हुई थी. बैठक के बाद मतभेद खत्म होने के संकेत दिए गए थे,लेकिन अब अनंत सिंह ने फिर नीरज कुमार के खिलाफ खुला रुख अपना लिया है.अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर पुराने चुनावों में विरोध करने का आरोप भी लगाया है. इसके अलावा उन्होंने एक मामले में गंभीर आरोप लगाते हुए नीरज कुमार के नार्को टेस्ट की मांग की थी. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.नीरज कुमार ने आरोपों के जवाब में कहा है कि यदि उनके खिलाफ कोई साक्ष्य है तो अनंत सिंह अदालत में पेश करें. पटना स्नातक सीट से नीरज कुमार लगातार तीन बार निर्वाचित हो चुके हैं.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट--
पटना: जेडीयू विधायक अनंत सिंह और पार्टी के वरिष्ठ नेता नीरज कुमार के बीच जुबानी जंग लगातार तेज होती जा रही है. शनिवार को नीरज कुमार ने अनंत सिंह के आरोपों पर तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि अनंत सिंह अलग-अलग लोगों पर उन्हें फंसाने के आरोप लगाते रहे हैं. कभी आरसीपी सिंह,कभी ललन सिंह,कभी लिपि सिंह और कभी बिहार सरकार पर आरोप लगाए जाते हैं.नीरज कुमार ने कहा कि अगर उनके खिलाफ कोई अपराध या आरोप है तो अनंत सिंह कोर्ट में उसके साक्ष्य पेश करें. उन्होंने कहा कि केवल आरोप लगाने के बजाय कानूनी प्रक्रिया के तहत प्रमाण देना चाहिए. नीरज कुमार ने यह भी कहा कि ऐसा नहीं किया गया तो राजनीति में अनंत सिंह के दावों पर सवाल उठेंगे.अनंत सिंह के इस दावे पर कि उन्होंने नीरज कुमार को नेता बनाया और चुनाव जिताया,नीरज कुमार ने पलटवार किया. उन्होंने सवाल उठाया कि समता पार्टी में अनंत सिंह का राजनीतिक जन्म कब हुआ. साथ ही उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले व्यक्ति को पार्टी ने उम्मीदवार बनाया था.निशांत कुमार के विरोध से जुड़े सवाल पर नीरज कुमार ने कहा कि अनंत सिंह की राजनीति के पीछे निशांत के विरोध की मंशा है. उन्होंने कहा कि निशांत के पार्टी नेता बनने के बाद निशांत और सम्राट चौधरी की जोड़ी को कौन हिला सकता है.नीरज कुमार ने अनंत सिंह की शैक्षणिक योग्यता पर भी सवाल उठाए और कहा कि वह उनका समर्थन क्यों लेंगे. उन्होंने 2019 के चुनाव परिणाम का भी हवाला दिया.पटना से संजय कुमार की रिपोर्ट-