

सोमवार, 21 सितंबर 2026
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भोजपुर: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कोईलवर में स्वास्थ्य विभाग के दावे की पोल खुल गई है.बिजली गुल होने के बाद स्वास्थ्य व्यवस्था की बदहाली सामने आई है. इमरजेंसी में पहुंचे मरीज का इलाज स्वास्थ्यकर्मियों ने मोबाइल टॉर्च की रोशनी में किया. इतना ही नहीं अस्पताल में भर्ती दो मरीजों को भी अंधेरे में ही आरएल पानी चढ़ाया जा रहा था. बिजली कटने के बावजूद जेनरेटर बंद रहने से मरीज और उनके परिजन परेशान रहे.कोईलवर निवासी युवक मोनू ने बताया कि दोस्त के अंगूठे के पास चाकू से कट गया था. जख्मी हालत में वह इलाज के लिए देर रात सीएचसी कोईलवर पहुंचा. उस समय अस्पताल की बिजली कटी हुई थी. जेनरेटर भी चालू नहीं किया गया. इसके बाद अस्पताल के गार्ड ने मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी जलाया उसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने उसी लाइट में उसके दोस्त के जख्म पर टांका लगाया. अंधेरे में इलाज होने से मरीज और परिजनों में व्यवस्था को लेकर नाराजगी जतायी. वहीं, महिला मरीज के परिजन अजय सिंह ने बताया कि शाम करीब पांच बजे से ही बिजली कटी हुई थी. जेनरेटर बंद रहने के कारण अंधेरे में ही इलाज कराना पड़ा. अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी.अस्पताल में बिजली व्यवस्था की स्थिति काफी खराब है और 1 घण्टे तक बिजली नहीं आने के बाद भी जेनरेटर नहीं चालू किया गया. इसके बाद जेनरेटर में तेल डलवाया गया और उसे चालू कराया गया. अस्पताल के एक गार्ड ने बताया कि जेनरेटर का तेल खत्म हो गया था, जिसके कारण वह चालू नहीं हो सका. हालांकि,इस संबंध में अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी कुछ भी बोलने से परहेज करते नजर आए. जेनरेटर के रख रखाव और समय पर संचालन को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.कोईलवर निवासी राकेश शर्मा ने बताया कि वह अपने मित्र के साथ उनके रिश्तेदार का इलाज कराने के लिए सीएचसी कोईलवर आए थे. यहां करीब आधे घंटे से बिजली कटी हुई थी. इसी दौरान उन्होंने देखा कि मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में बच्ची को टांका लगाया जा रहा था. उन्होंने कहा कि अस्पताल में इस तरह की अनियमितता कोई नई बात नहीं है. आए दिन ऐसी स्थिति देखने को मिलती है. उन्होंने बताया कि अस्पताल के मैनेजर और प्रभारी को कई बार फोन कर चुके हैं. कई बार फोन करने के बावजूद कोई रिस्पॉन्स नहीं मिलता है. उन्होंने बताया कि बिजली कटने के बाद जानकारी मिली है कि जेनरेटर में तेल खत्म है.सीएचसी कोईलवर में मोबाइल की रोशनी में मरीजों के इलाज का यह कोई पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी बिजली कटने के दौरान जेनरेटर समय पर चालू नहीं किए जाने की शिकायतें सामने आती रही हैं. अस्पताल आने वाले मरीजों के परिजनों का आरोप है कि बिजली गुल होने के बावजूद जेनरेटर नहीं चलाया जाता, जिसके कारण इमरजेंसी सेवाएं तक प्रभावित होती हैं और मरीजों को मोबाइल की रोशनी में इलाज कराने को मजबूर होना पड़ता है. अस्पताल आए एक मरीज के रिश्तेदार ने नाम नहीं छापने की शर्त पर आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन और जेनरेटर कर्मी की मिलीभगत के कारण बिजली कटने के बाद भी जेनरेटर समय पर नहीं चलाया जाता. उनका आरोप है कि जेनरेटर नहीं चलने के बावजूद रजिस्टर में उसका पूरा रिकॉर्ड मेंटेन किया जाता है. हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से हम पुष्टि नहीं करते हैं.इमरजेंसी जैसी महत्वपूर्ण सेवा में पर्याप्त रोशनी के अभाव में मरीजों का इलाज होना अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से बिजली कटने की स्थिति में तत्काल जेनरेटर चालू कराने और व्यवस्था में सुधार की मांग की है. वहीं,जब इस संबंध में भोजपुर सिविल सर्जन से दूरभाष पर बात करने की कोशिश की गई तो उन्होंने फोन उठाना मुनासिब नहीं समझा.आरा से संवाददाता विवेक कुमार की रिपोर्ट
आरा:भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर के लगभग तीन महीने बाद भोजपुर जिले के डीएम और एसपी अचानक बिलौटी पहुंच गए.दोनों अधिकारियों ने भारत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की और एनकाउंटर मामले को लेकर बातचीत की. मुलाकात के दौरान अधिकारियों ने परिवार से घटना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी ली. परिवार की ओर से मामले को लेकर अपनी बातें और चिंताएं अधिकारियों के सामने रखी गईं. दोनों अधिकारी अचानक वहां पहुंचे थे.भरत तिवारी से जुड़े एनकाउंटर मामले की जांच फिलहाल न्यायिक आयोग द्वारा की जा रही है. न्यायिक जांच के तहत घटना से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है.डीएम और एसपी के भरत तिवारी के घर पहुंचने के मामले को संवेदनशीलता के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. अधिकारियों ने परिवार से बातचीत कर मामले से संबंधित जानकारी हासिल की.बताया जा रहा है कि एनकाउंटर मामले को लेकर अलग-अलग स्तर पर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया जारी है. न्यायिक आयोग की जांच में घटना से जुड़े तथ्यों की समीक्षा की जा रही है.फिलहाल डीएम-एसपी की परिजनों से मुलाकात के बाद मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है. न्यायिक आयोग की जांच पूरी होने के बाद ही एनकाउंटर से जुड़े तमाम पहलुओं पर स्थिति और स्पष्ट होगी. प्रशासन की ओर से मामले में निष्पक्ष जांच की प्रक्रिया जारी रहने की बात सामने आई है.
आरा : शहर के पटेल बस स्टैंड से शिवगंज तक सड़क निर्माण समेत विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा-माले के नेतृत्व में मंगलवार की सुबह आरा-पटना हाईवे पर चक्का जाम किया गया.सांसद सुदामा प्रसाद के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने सुबह आठ बजे से पटेल बस स्टैंड के समीप सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया.चक्का जाम के कारण आरा-पटना हाईवे पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो गई और सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई. रोड जाम में फंसकर लोग परेशान रहे.प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बस स्टैंड से शिवगंज तक सड़क का निर्माण,श्रीटोला-बहीरो नहर पर पुल का निर्माण तथा पटेल बस स्टैंड में सफाई,पेयजल समेत यात्रियों के लिए अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना शामिल रहा.प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बस स्टैंड शहर का प्रमुख यात्री केंद्र है,लेकिन यहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है. यात्रियों को साफ-सफाई और पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है.वहीं,बस स्टैंड से शिवगंज तक सड़क की स्थिति सुधारने और श्रीटोला-बहीरो नहर पर पुल निर्माण को जरूरी बताते हुए कहा गया कि इससे लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी. प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने लाल झंडे लेकर मांगों के समर्थन में नारेबाजी की.आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
भोजपुर: पानी पृथ्वी पर जीवन का आधार है और मानव जीवन के हर क्षेत्र से सीधे जुड़ा हुआ है. शारीरिक स्वास्थ्य से लेकर सामाजिक और आर्थिक विकास तक, पानी के बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती. ऐसे में बदलते समय के साथ जल संरक्षण की जरूरत पहले से कहीं अधिक बढ़ गई है.भूजल स्तर में लगातार गिरावट और बढ़ते जल संकट के बीच अब पानी की हर बूंद को बचाने और उसके बेहतर उपयोग पर जोर दिया जा रहा है. इसी दिशा में गंदे पानी, जिसे अपशिष्ट जल या वेस्ट वाटर कहा जाता है, को साफ कर दोबारा उपयोग में लाने की पहल महत्वपूर्ण साबित हो रही है. आधुनिक तकनीक के माध्यम से अपशिष्ट जल का शोधन कर उसे विभिन्न कार्यों के लिए दोबारा उपयोग योग्य बनाया जा रहा है. इस प्रक्रिया को जल पुनर्चक्रण (वाटर रीसाइक्लिंग) या सीवेज ट्रीटमेंट कहा जाता है. जल संकट से निपटने और भविष्य के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने में यह व्यवस्था एक प्रभावी कदम के रूप में उभर रही है.इसी कड़ी में भोजपुर जिले के बिहिया प्रखंड स्थित फिंगी गांव में घरेलू गंदे पानी के वैज्ञानिक प्रबंधन की एक अनूठी पहल की गई है. कभी घरों से निकलने वाला गंदा पानी गांवों में जलजमाव और गंदगी की बड़ी समस्या बनता था, लेकिन अब यही पानी शोधन के बाद खेती के काम आ रहा है.गांव मेंABR-AF (Anaerobic Baffled Reactor and Anaerobic Filter) आधारित ग्रे वाटर मैनेजमेंट सिस्टम के जरिए घरों से निकलने वाले गंदे पानी का वैज्ञानिक तरीके से शोधन किया जा रहा है. शोधन के बाद प्राप्त उपचारित पानी का उपयोग कृषि कार्यों में किया जा रहा है. इससे जल संरक्षण को बढ़ावा मिलने के साथ किसानों को भी लाभ हो रहा है.पूरी प्रक्रिया जानिएग्रामीणों के मुताबिक घरों से निकलने वाला गंदा पानी100फीट लंबे ड्रेनेज के जरिएABR सिस्टम तक पहुंचाया जाता है. इसके बाद41फीट लंबे और16फीट चौड़े ढांचे में पानी को विभिन्न चरणों में फिल्टर किया जाता है. इस पहल से गांव के करीब200घरों को लाभ मिल रहा है. पहले घरेलू गंदे पानी का निस्तारण एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन अब उसी पानी का उपचार कर उसे खेती के लिए उपयोगी बनाया जा रहा है.रौशन कुमार, जिला सलाहकार, CB & IES, भोजपुर, बिहार बताते हैं कि, “घरेलू जल प्रबंधन के लिएABR तकनीक का उपयोग करते हुए एक संरचना का निर्माण किया गया है. इसके लिए100मीटर लंबी आरसीसी नाली बनाई गई है. मुख्य संरचना में छह फिल्टर लगाए गए हैं. इसके अलावा दो चैंबर बनाए गए हैं, जिनमें एक इनलेट और दूसरा आउटलेट चैंबर है. आउटलेट चैंबर में ग्रेवल की परत दी गई है, जिससे पानी छनकर बाहर निकलता है. इस तरह साफ किए गए पानी का उपयोग कृषि कार्यों के लिए किया जाता है.” करीब14लाख57हजार की लागत से इस परियोजना का निर्माण किया गया है.स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और माइनिंग विभाग के सहयोग से संचालित यह पहल स्वच्छता, बेहतर जल प्रबंधन और सतत विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो रही है. फिंगी गांव का यह मॉडल दिखाता है कि वैज्ञानिक तकनीक और बेहतर प्रबंधन के जरिए अपशिष्ट जल को भी एक उपयोगी संसाधन में बदला जा सकता है. वाकई बदलते बिहार की तस्वीर गांवों से देखने को मिल रही है.
भोजपुर: जिले के आरा शहर के धनुपरा स्थित एक रिसॉर्ट में जेडीयू की ओर से कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा एवं प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा समेत कई बड़े नेता शामिल हुए. इस आयोजन को लेकर जहां एक तरफ जेडीयू कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल है,वहीं दूसरी तरफ भोजपुर जिले के कद्दावर नेता के तौर पर जाने जाने वाले लोक जनशक्ति पार्टी पारस गुट के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष कृष्ण बिहारी सिंह उर्फ तेज नारायण यादव अपने हजारों समर्थकों के साथ जनता दल यूनाइटेड का दामन थाम लिए हैं.सैकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ जेडीयू में शामिल होने पहुंचे कृष्ण बिहारी सिंह ने बताया कि उनकी नीतीश कुमार के प्रति बहुत पहले से गहरी आस्था है एवं वह उन्हें देश के सर्वोच्च नेता मानते हैं. मुलाकात के दौरान उनके द्वारा दल में शामिल होकर पार्टी के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने की अपील की गई थी. जिसके बाद उन्होंने उनसे प्रभावित होकर के जेडीयू के एक सिपाही यानी कार्यकर्ता के तौर पर पार्टी में शामिल होकर नीतीश कुमार के किए गए कार्यों को आगे बढ़ने का फैसला लिया और जेडीयू में शामिल होने का मन बनाया. सदस्यता ग्रहण करने के बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी पालन करने का संकल्प लिया. नीतीश कुमार द्वारा किए गए कार्यों को जन-जन तक पहुंचाने का काम करेंगे.आरा से संवाददाता विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
आरा : भोजपुर जिले के नवादा थाना क्षेत्र स्थित होटल में कथित रूप से चल रहे देह व्यापार के मामले का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने अचानक छापेमारी कर होटल से7युवक और8युवतियों को हिरासत में लिया है.पुलिस के अनुसार, होटल में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिलने के बाद छापेमारी की गई. कार्रवाई के दौरान कई युवक-युवतियों को होटल से पकड़ा गया. मामले में होटल संचालक को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है.पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि होटल में कथित गतिविधियां कब से चल रही थीं तथा इसमें और कौन-कौन लोग शामिल हैं.पुलिस की अचानक हुई कार्रवाई के बाद इलाके के अन्य होटल संचालकों में भी हड़कंप मचा हुआ है. मामले में पुलिस की जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
भोजपुर:गोपालगंज में अपनी सख्त पुलिसिंग,कुशल नेतृत्व और प्रभावी कार्यशैली से अलग पहचान बनाने वाले पूर्व पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित अब भोजपुर जिले की कमान संभाल रहे हैं. अपने कार्यकाल के दौरान अपराध नियंत्रण,कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही को लेकर उन्होंने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. अब भोजपुर में नई जिम्मेदारी के साथ उनके सामने कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की चुनौती होगी.गोपालगंज की पुलिसिंग में एक ऐसा नाम,जिसकी कार्यशैली ने लोगों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई—अवधेश दीक्षितपूर्व पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित अब भोजपुर जिले के नए पुलिस अधीक्षक की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं.गोपालगंज में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अपराध नियंत्रण को प्राथमिकता देते हुए पुलिस अधिकारियों और जवानों को लगातार सक्रिय रहने का निर्देश दिया. गंभीर मामलों में त्वरित कार्रवाई और अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उनकी पुलिसिंग की प्रमुख पहचान रही.अपराध पर लगाम लगाने के साथ-साथ पुलिस और आम लोगों के बीच बेहतर संवाद पर भी जोर दिया गया. जन शिकायतों को गंभीरता से सुनना,मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश देना और पुलिसिंग में जवाबदेही तय करना उनकी कार्यशैली का अहम हिस्सा रहा.थाना स्तर पर लंबित मामलों की समीक्षा से लेकर कानून-व्यवस्था की स्थिति पर लगातार नजर रखने तक,एसपी अवधेश दीक्षित की सक्रियता पुलिस महकमे में चर्चा का विषय रही.गोपालगंज में अपराधियों के खिलाफ अभियान को धार देने के लिए पुलिस टीमों को विशेष रूप से सक्रिय किया गया. चोरी,लूट,हत्या,शराब तस्करी और मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में कार्रवाई को लेकर पुलिस की टीमों ने लगातार अभियान चलाया.वहीं,फरार आरोपियों की गिरफ्तारी,अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई और संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया गया.अवधेश दीक्षित की पुलिसिंग में एक खास बात यह रही कि वे सिर्फ कार्यालय तक सीमित रहने के बजाय फील्ड में पुलिसिंग की स्थिति का जायजा लेने पर जोर देते रहे.थानों की कार्यप्रणाली,पुलिस अधिकारियों की सक्रियता और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा को लेकर उनकी सक्रिय भूमिका देखने को मिली. इसका असर पुलिस महकमे की कार्यशैली पर भी दिखाई दिया.अब जिम्मेदारी बदल गई है. गोपालगंज के बाद अवधेश दीक्षित भोजपुर जिले की कमान संभाल रहे हैं. भोजपुर पुलिस के सामने भी अपराध नियंत्रण,कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना और आम लोगों के बीच पुलिस के प्रति विश्वास को और मजबूत करना बड़ी चुनौती है.ऐसे में गोपालगंज में अपनाई गई उनकी सख्त और सक्रिय पुलिसिंग की कार्यशैली पर अब भोजपुर की भी नजर होगी.गोपालगंज में अपने कार्यकाल की छाप छोड़ने के बाद अवधेश दीक्षित के सामने अब भोजपुर में नई पारी की शुरुआत है. नई जिम्मेदारी,नई चुनौती और नई उम्मीदों के बीच उनसे बेहतर पुलिसिंग और अपराध नियंत्रण को लेकर बड़ी अपेक्षाएं हैं.गोपालगंज में सख्त पुलिसिंग से पहचान बनाने वाले अवधेश दीक्षित अब भोजपुर में कानून-व्यवस्था की कमान संभाल रहे हैं.गोपालगंज से भोजपुर तक... जिम्मेदारी बदली है,लेकिन सख्त पुलिसिंग और बेहतर कानून-व्यवस्था की चुनौती वही है. अब देखना होगा कि अवधेश दीक्षित की नई पारी भोजपुर की पुलिसिंग में कितना बदलाव लेकर आती है.आरा से विवेक कुमार की रिपोर्ट—
आरा: परमपूज्य त्रिकालदर्शी परमसिद्ध विदेह संतश्रीदेवराहाशिवनाथ दासजी ने बिहिया चौरास्ता स्थित दोघरा में श्री कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त करने को लेकर बड़ा बयान दिया है. संत श्री देवराहाशिवनाथ दासजी महाराज ने कहा कि मैं अंतरराष्ट्रीय महायोगी ब्रम्हलीन श्रीदेवराहा बाबाजी महाराज का शिष्य होने के नाते मैं सभी हिन्दू संगठन के लोग विश्व हिन्दू परिषद, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, बजरंग दल, शिवसेना,कार सेवक,श्री रामनवमी शोभायात्रा ट्रस्ट सहित तमाम लोगों से अपील करता हूं कि श्रावण माह के बाद सभी लोग मथुरा चलें और तब तक स्थिर ना बैठें,जब तक कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्त ना हो जाए.उन्होंने बताया कि 7 सितंबर 2024 को अयोध्या में और 9 सितंबर 2024 को श्रीदेवराहा धाम सिअरुआ में कहा था कि अयोध्या की तरह ही मथुरा और काशी भी मुक्त होगा। भगवान अपने गर्भ गृह में विराजमान होंगे।अब वह समय आ रहा है कि हम सभी सनातनी एकजुट हों।संतश्री ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ,विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल,कार सेवक ,शिव सेना और सभी हिन्दू संगठन हमारी आत्मा है और सबों पर मेरा आशीर्वाद है। इसके लिए हमलोग बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश में बैठक करेंगे.उन्होंने सभी हिन्दू संगठन से आवाहन किया है कि अयोध्या की तरह मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और काशी को भी मुक्त कराएं. सभी सनातनी माताएं बहनें और भाईयों से यह अपील करता हूं कि आप सभी इस पुनीत कार्य में बढ़ चढ़कर भाग लें और श्री कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराकर भगवान श्री कृष्ण को गर्भ गृह में विराजमान करायें. वहीं, कार सेवक बनकर कांवड़ यात्रा के समापन के बाद अपने सद्गुरु संत श्री देवराहाशिवनाथ दासजी महाराज का आशीर्वाद लेकर और सभी सनातनी माताएं- बहनें और भाईयों के साथ श्री कृष्ण जन्मभूमि जायेंगे.
आरा (भोजपुर) : बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी कथित एनकाउंटर मामले में भोजपुर पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी एसटीएफ (STF) जवान अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद मृतक भरत तिवारी की मां आशा देवी और परिजनों की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है.परिजनों ने बयान दिया कि आरोपी एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी हमारे संघर्ष और न्याय की मांग की पहली जीत है. जब तक इस पूरे फर्जी एनकाउंटर की साजिश में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती,हमारी लड़ाई जारी रहेगी.भरत तिवारी की मां आशा देवी आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार,तत्कालीन डीएसपी और थानाध्यक्ष की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ी हुई थी. परिजनों का कहना है कि जब तक सभी दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती और परिवार को पूर्ण सुरक्षा नहीं मिलती,वे शांत नहीं बैठेंगे.परिवार के सदस्यों ने दोहराया कि भरत ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया था. इसके बावजूद उस पर अंधाधुंध गोलियां चलाई गईं. इस मामले में निष्पक्ष न्यायिक जांच और दोषियों को सख्त सजा मिलना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में किसी निर्दोष के साथ ऐसा न हो.भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में 17 जून को पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई के दौरान भरत तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई थी. पुलिस ने दावा किया था कि भरत ने टीम पर गोलियां चलाई थीं,जिसके जवाब में कार्रवाई की गई. हालांकि,घटना से ठीक पहले के फेसबुक लाइव (Facebook Live)वीडियो में भरत तिवारी पिस्टल दूर फेंककर सरेंडर करता दिख रहा था. इसके बाद स्थानीय लोगों और परिजनों ने पुलिस पर'फर्जी एनकाउंटर'और हत्या का आरोप लगाते हुए भारी विरोध प्रदर्शन किया था.भरत तिवारी मामले में शामिल आरोपी पुलिसकर्मी (एसटीएफ जवान) अक्षय को गिरफ्तार कर लिया गया है. मामले में विधि सम्मत कानूनी कार्रवाई और निष्पक्ष जांच जारी है." मामले की शुरुआती जांच के बाद शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष राजेश मालाकार समेत 6 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद मामले की न्यायिक जांच के साथ-साथ हथियारों कीFSL (फॉरेंसिक) जांच कराई जा रही है.आरा से विवेक कुमार सिंह का रिपोर्ट--
भोजपुर:जिले के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में जांच के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। पहली गोली चलाने के आरोपी एसटीएफ जवान अक्षय कुमार को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गुरुवार देर रात तकनीकी अनुसंधान और मोबाइल सर्विलांस की मदद से उसे पकड़ा गया। बताया जा रहा है कि वह लंबे समय से जांच में सहयोग नहीं कर रहा था और लगातार गैरहाजिर चल रहा था।भोजपुर एसपी राज ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी जवान एसटीएफ की एसओजी टीम में तैनात था। एनकाउंटर मामले में उसकी सरकारी पिस्टल पहले ही जब्त की जा चुकी थी और उसे निलंबित भी किया जा चुका था। गिरफ्तारी पटना एसटीएफ के सहयोग से की गई है।यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब कुछ दिन पहले भरत तिवारी के परिजनों ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री ने परिवार को न्याय का भरोसा दिया था। परिजनों ने आरोपी की गिरफ्तारी को जांच की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।मृतक की मां आशा देवी के बयान पर 22 जून को शाहपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें तत्कालीन जगदीशपुर एसडीपीओ, शाहपुर के तत्कालीन थानाध्यक्ष समेत कई पुलिसकर्मियों को आरोपी बनाया गया है। मामला हत्या, आर्म्स एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में दर्ज है।एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि 17 जून को भरत भूषण तिवारी को पुलिस बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में ले गई थी। परिजनों का दावा है कि फेसबुक लाइव के दौरान उन्होंने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने उन पर गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल भरत की बाद में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।मामले की जांच न्यायिक आयोग की निगरानी में जारी है। आरोपी एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी के बाद जांच में तेजी आने और अन्य आरोपों की भी गहन पड़ताल होने की उम्मीद जताई जा रही है।
भोजपुर:जिले के आरा सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में इलाज में कथित लापरवाही का मामला सामने आया है. छत से गिरकर घायल हुए 67 वर्षीय बच्चा सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए हंगामा किया. परिजनों का कहना है कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाएं,इंजेक्शन और नियमित इलाज समय पर नहीं किया गया,जिसके कारण उनकी मौत हो गई.सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में थे भर्तीमृतक बच्चा सिंह सहार थाना क्षेत्र के बरुना गांव के रहने वाले थे. बताया जा रहा है कि वह पिछले करीब 15 वर्षों से जगदीशपुर थाना क्षेत्र के सियरूआ गांव स्थित अपनी बहन के घर पर रहकर नौकरी करते थे.परिजनों के अनुसार, बारिश के दौरान वह घर की छत पर फिसलकर गिर गए थे,जिससे उनकी हड्डी टूट गई थी. पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया,फिर उन्हें रेफर कर आरा सदर अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया.ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों पर वार्ड में नहीं पहुंचने का आरोपमृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर ने मरीज के लिए जांच,दवा और नियमित इलाज का निर्देश दिया था,लेकिन दो दिनों तक न तो लिखी गई दवाएं दी गई और ना ही जरूरी उपचार किया गया. उन्होंने कहा कि कई बार डॉक्टरों से मरीज को देखने की गुहार लगाई गई,लेकिन ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर वार्ड में नहीं पहुंचे.यहां तक कि नर्स द्वारा बुलाने के बावजूद डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आए.समय पर इलाज नहीं करने का आरोपपरिजनों का आरोप है कि उन्हें कई दवाएं और इंजेक्शन बाहर से खरीदकर लाने पड़े. जब मरीज की हालत अत्यंत गंभीर हो गई, तब भी समय पर इलाज नहीं मिला. उनका कहना है कि बाद में डॉक्टर औपचारिकताएं पूरी करने के लिए ईसीजी सहित अन्य जांच कराने की बात कहने लगे.मामले की निष्पक्ष जांच की मांगमृतक के परिजन विक्की सिंह ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल के CCTV फुटेज की मांग की है. उनका आरोप है कि अस्पताल कर्मियों की लापरवाही के कारण ही बुजुर्ग की जान गई.घटना के बाद अस्पताल परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बना रहा. हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है.
आरा: भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की न्यायिक जांच में शनिवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. न्यायिक जांच आयोग के समक्ष भरत तिवारी के माता-पिता ने अपना पक्ष रखा,जबकि भाई और भाभी ने गवाही के लिए अतिरिक्त समय मांगा है.भरत तिवारी कथित एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे न्यायिक जांच आयोग के अध्यक्ष,सेवानिवृत्त न्यायाधीश विनोद कुमार सिन्हा के समक्ष शनिवार को भरत तिवारी की मां आशा देवी और पिता काशीनाथ तिवारी उपस्थित होकर अपना बयान दर्ज करा रहे हैं.वहीं,आयोग से समन मिलने के बावजूद भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी और भाभी सुमन देवी आयोग के समक्ष उपस्थित नहीं हुए.दोनों ने आयोग से गवाही के लिए अतिरिक्त समय देने का अनुरोध किया है.इस बहुचर्चित मामले की न्यायिक जांच पर सभी की निगाहें टिकी हैं.अब यह देखना होगा कि गवाहों के बयान और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आयोग किस निष्कर्ष पर पहुंचता है.संजय कुमार की रिपोर्ट--
आरा:बड़ी खबर भोजपुर से है जहां जिले के चरपोखरी थाना की पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए हथियार और कारतूस के साथ 2 शातिर बदमाशों को पकड़ा है. पकड़े गए अपराधियों के पास से अवैध लोडेड पिस्तौल,दो मैगजीन,11 जिंदा कारतूस,दो मोबाइल फोन एवं बिना नंबर की एक यामाहा आर15 बाइक बरामद किया गया है.मामले में पीरो एसडीपीओ स्नेह सेतू ने प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत 7 जुलाई को चरपोखरी पुलिस द्वारा सघन वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था. इसी दौरान बिना रजिस्ट्रेशन की काले रंग की यामाहा आर15 बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को रोकने का प्रयास किया गया.पुलिस को देखते ही दोनों युवक बाइक मोड़कर भागने लगे,लेकिन पहले से सतर्क पुलिस बल ने घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया. तलाशी लेने पर उनके पास से एक लोडेड पिस्तौल,दो मैगजीन,11 जिंदा कारतूस,दो मोबाइल फोन और बिना नंबर की बाइक बरामद हुई.गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उदवंतनगर थाना क्षेत्र के बेलाउर गांव निवासी रमेश चौधरी के पुत्र विकास चौधरी उर्फ गोलू चौधरी तथा नारायणपुर थाना क्षेत्र के चासी गांव निवासी संतोष पांडेय के पुत्र विशाल कुमार के रूप में हुई है. वर्तमान में विशाल कुमार चरपोखरी थाना क्षेत्र के कोयल गांव में रह रहा था.एसडीपीओ ने बताया कि विकास चौधरी उर्फ गोलू चौधरी का आपराधिक इतिहास रहा है. उसके खिलाफ उदवंतनगर थाना में आर्म्स एक्ट के दो मामले पहले से दर्ज हैं. पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि उसने यह पिस्तौल दानापुर से 1 लाख 60 हजार रुपये में खरीदी थी.प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया है कि दोनों आरोपी किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में थे. फिलहाल दोनों के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है. पुलिस मामले की गहन जांच में जुटी है.आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट
पटना:भोजपुर के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार सरकार को फिलहाल राहत मिली है। बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग (बीएचआरसी) ने सरकार को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए दो सप्ताह की अतिरिक्त मोहलत दे दी है। आयोग ने सरकार के अनुरोध को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त तय की है।आयोग ने परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने का दिया निर्देशआयोग ने सुनवाई के दौरान एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया। बीएचआरसी ने राज्य सरकार से भरत तिवारी के परिजनों को अंतरिम राहत के तौर पर मुआवजा देने को कहा है। हालांकि, मुआवजे की राशि कितनी होगी, इसका फैसला राज्य सरकार अपने स्तर पर करेगी।कथित पुलिस एनकाउंटर में हुई थीभरत तिवारी की मौतगौरतलब है कि 17 जून को भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित पुलिस एनकाउंटर में भरत तिवारी की मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों ने एनकाउंटर पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी। मामला सुर्खियों में आने के बाद बिहार राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया था।मुख्य सचिव,डीजीपी औरएसपी कोजांच रिपोर्ट दाखिल के लिए मिला था नोटिस22 जून को आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और भोजपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया था। लेकिन तय समय सीमा में रिपोर्ट तैयार नहीं हो सकी। इसके बाद राज्य सरकार ने आयोग से अतिरिक्त समय की मांग की, जिसे स्वीकार कर लिया गया।एनकाउंटर की निष्पक्षता और पुलिस कार्रवाई पर उठते रहे सवालअब 3 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई में सरकार से पूरी जांच रिपोर्ट पेश करने की उम्मीद है। रिपोर्ट के आधार पर आयोग आगे की कार्रवाई और आवश्यक निर्देश तय करेगा। इस मामले पर पूरे बिहार की नजर बनी हुई है, क्योंकि एनकाउंटर की निष्पक्षता और पुलिस कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। वहीं, आयोग द्वारा परिजनों को अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश पीड़ित परिवार के लिए एक अहम राहत माना जा रहा है।
छपरा: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राज्यसभा सांसद नीतीश कुमार ने बुधवार को मांझी विधानसभा क्षेत्र के जलालपुर बाजार स्थित महेंद्र चौक पहुंचकर भोजपुरी लोकगीत एवं पूर्वी धुनों के अमर रचनाकार,स्वतंत्रता सेनानी पंडित महेंद्र मिश्र की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की. पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला. इस मौके पर जेडीयू कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और नारों के साथ उनका जोरदार स्वागत किया. नीतीश कुमार जिंदाबाद के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंजता रहा.नीतीश कुमार कार्यकर्ताओं से मुलाकात के बाद हुए रवानाइस अवसर पर जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल और मांझी विधायक रणधीर सिंह सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया. कार्यक्रम के बाद नीतीश कुमार ने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और इसके उपरांत पटना के लिए रवाना हो गए.क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिएनीतीश कुमार का जताया आभारवहीं, इस मौके पर विधायक रणधीर सिंह ने कहा कि मांझी क्षेत्र के लिए यह गर्व का विषय है कि बिहार के विकास पुरुष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विशेष आशीर्वाद इस क्षेत्र को प्राप्त है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराने के लिए ही पूर्व मुख्यमंत्री का यह दौरा महत्वपूर्ण रहा है. जिससे कार्यकर्ताओं में नया उत्साह और ऊर्जा का संचार हुआ है. वहीं,पूर्व सांसद प्रभनाथ सिंह के समर्थकों ने कार्यक्रम के दौरान उनके समर्थन में जमकर नारेबाजी की. हालांकि, इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.
आरा: बड़ी खबर भोजपुर से है जहां जिले के गड़हनी बाजार स्थित शृंगार मार्केट में ज्वेलरी दुकान से करीब 3.50 लाख रुपये मूल्य के जेवर चोरी होने का मामला सामने आया है. यह घटना चरपोखरी थाना क्षेत्र के ॐ ज्वेलर्स की है,जहां चार महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में पहुंची और दुकानदार को बातों में उलझाकर लाखों के गहने लेकर फरार हो गई. पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है.जानकारी के अनुसार,चारों महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में पहुंची और दुकानदार से विभिन्न प्रकार के गहने दिखाने को कहा. दुकानदार जब एक-एक कर आभूषण दिखाने में व्यस्त था,तभी उनमें से एक महिला ने चालाकी से कुछ जेवर अपने झोले में रख लिए. इसके बाद सभी महिलाएं बिना किसी संदेह के दुकान से निकल गई.कुछ देर बाद दुकानदार ने जब गहनों का मिलान किया तो कई जेवर गायब मिले. शक होने पर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई. फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक महिला गहने देखने के दौरान उन्हें अपने झोले में रख रही है और बाद में अन्य महिलाओं के साथ आराम से दुकान से निकल जाती है.पीड़ित दुकानदार जितेंद्र बाबू,निवासी गड़हनी थाना क्षेत्र,ने इस मामले में चरपोखरी थाना में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है. आवेदन में उन्होंने बताया है कि घटना रविवार दोपहर करीब 2:30 बजे हुई और चोरी हुए जेवरों की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख 50 हजार रुपये है.दुकानदार ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्ध महिलाओं की पहचान कर शीघ्र गिरफ्तारी,चोरी गए जेवरों की बरामदगी तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है.फिलहाल पुलिस ने आवेदन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है. सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी महिलाओं की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.आरा से विवेक कुमार सिंह की रिपोर्ट--
आरा: भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में कथित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में रविवार को बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अशोक चौधरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने भरत तिवारी के पिता काशीनाथ तिवारी, मां आशा देवी और अन्य परिजनों से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली और हरसंभव न्याय दिलाने का भरोसा दिया। इस दौरान उन्होंने भरत तिवारी के बड़े और छोटे भाई को अपना पहचान पत्र (आई-कार्ड) देते हुए जरूरत पड़ने पर सीधे कार्यालय में आकर मिलने को कहा.भरत तिवारी की मां ने मंत्री से कीनिष्पक्ष जांच की मांगमुलाकात के दौरान भरत तिवारी की मां आशा देवी ने मंत्री से आरोप लगाया है कि जगदीशपुर के अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजीत कुमार की भूमिका संदिग्ध है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे की हत्या उनके सामने कराई गई. मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है.तेरहवीं संपन्न होने के बादपरिजनों से मिलने पहुंचे मंत्रीपत्रकारों से बातचीत में मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि वह पहले भी परिवार से मिलना चाहते थे,लेकिन ब्राह्मण परिवार में असामयिक मृत्यु के बाद होने वाले धार्मिक कर्मकांड और तेरहवीं को देखते हुए उन्होंने इंतजार किया. तेरहवीं संपन्न होने के बाद वह परिजनों से मिलने पहुंचे हैं.मंत्री ने कहा कि परिवार से बातचीत के दौरान कई ऐसी जानकारियां मिली है,जिनकी उन्हें पहले जानकारी नहीं थी। इन सभी तथ्यों से वह मुख्यमंत्री को अवगत कराएंगे और मामले की गंभीरता से समीक्षा कराएंगे।मंत्री अशोक चौधरी ने परिजनों को न्याय का दिलाया भरोसामंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि प्रथम दृष्टया पुलिस की ओर से 'ओवरएक्ट' किया गया है, जिसकी आवश्यकता नहीं थी। उन्होंने कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भरत तिवारी के परिजनों को न्याय मिले और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो।कथित मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसडीएम भूमिका पर उठे सवालअशोक चौधरी ने कहा कि परिजनों ने उन्हें बताया कि विस्थापित परिवारों के लिए आए करोड़ों रुपये और उससे जुड़े मामलों को लेकर भरत तिवारी आवाज उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि अब यह जानना जरूरी है कि कथित मुठभेड़ के दौरान तत्कालीन एसडीएम वहां क्या कर रहे थे और उनकी भूमिका क्या थी।मंत्री का सवाल-एसडीएम वहां क्यों मौजूद थे?उन्होंने कहा, "जब एनकाउंटर हो रहा था तो एसडीएम वहां क्यों मौजूद थे? उनकी क्या भूमिका थी? इन सभी पहलुओं की जानकारी ली जाएगी और जांच एजेंसियों से भी इस संबंध में बात की जाएगी।"'डीएसपी को हटानासरकार का सही कदम'मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ माध्यमों में यह प्रचारित किया जा रहा है कि संबंधित डीएसपी का प्रमोशन कर दिया गया है, जबकि ऐसा नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार ने उन्हें वहां से हटाया है ताकि वे जांच को प्रभावित ना कर सके। उनके अनुसार यह सरकार का सही कदम था।'गिरफ्तारी और कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगीअशोक चौधरी ने कहा कि यह लोकतांत्रिक व्यवस्था है और किसी भी मामले में कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी और कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले में निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
भोजपुर: जिले में रविवार सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ है. इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से जख्मी हो गया है. जिसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है. घायल शख्स की गंभीर हालत को देखते हुए सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया है.घटना के बारे में बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार गाड़ी की सीधी ट्रेलर से जोरदार टक्कर हो गई. इस घटना में मौके पर ही तीन लोगों की दर्दनाक मौत है. घटना बिहिया थाना क्षेत्र के बिहिया चौरस्ता फोरलेन पर घटी है. टक्कर इतनी जोरदार थी कि गाड़ी के परखच्चे उड़ गए. बाद में स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह घायल व्यक्ति को गाड़ी से बाहर निकाल कर अस्पताल भेजा.बताया जा रहा है कि गाड़ी बक्सर से आरा की तरफ आ रही थी, तभी ओवर स्पीड के कारण वह अनियंत्रित होकर टकरा गई. वहीं, घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने बिहिया थाना पुलिस को दी. सभी मृतक झारखंड के देवघर के रहनेवाले बताए जा रहे हैं. सभी लोग स्कॉर्पियो पर सवार होकर नोएडा से देवघर जा रहे थे. मृतकों में दो पुरुष एक महिला शामिल है. जो कि मनाली से घूमकर वापस देवघर जा रहे थे.
आरा :केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान शुक्रवार को भोजपुर जिले के बेलौटी गांव पहुंचे,जहां उन्होंने कथित एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मुलाकात की. परिवार के लोगों से बातचीत के बाद चिराग पासवान ने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद गंभीर प्रतीत होता है. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ पुलिस अधिकारियों ने अपने स्वार्थ में भरत तिवारी की हत्या की है.चिराग पासवान ने कहा कि बिहार सरकार इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे जिस प्रकार की जांच की मांग करेंगे,सरकार उसी अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगी.केंद्रीय मंत्री ने बताया कि इस मामले को लेकर उनकी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से भी बातचीत हुई है. उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा स्पष्ट है—सच्चाई सामने आए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो. चिराग पासवान ने दोहराया कि यदि किसी पुलिस अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई जाती है तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी को भी कानून से ऊपर नहीं माना जाएगा.संजय कुमार की रिपोर्ट--