मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान नए खुलासे सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक, फायरिंग के तीनों आरोपी11 अक्टूबर को भी जुहू स्थित उसी फुटबॉल मैदान में पहुंचे थे, जहां अभिनेता फुटबॉल खेलने आते हैं। सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी उस दिन भी हमले की योजना से वहां पहुंचे थे।

11अक्टूबर को भी मैदान पहुंचे थे आरोपी

जांच के अनुसार, तीनों आरोपी11 अक्टूबर को फुटबॉल मैदान के पास कुछ समय तक रुके थे। हालांकि, उस दिन टाइगर श्रॉफ मैदान में फुटबॉल खेलने नहीं पहुंचे, जिसके बाद आरोपी बिना किसी वारदात को अंजाम दिए लौट गए।

पुलिस को संदेह है कि आरोपियों ने इसी दौरान अभिनेता की गतिविधियों पर नजर रखी होगी। इसके करीब एक सप्ताह बाद रविवार को तीनों आरोपी कथित तौर पर फिर मैदान के पास पहुंचे और टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग की। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल रिकॉर्ड के जरिए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

अमेरिका से गैंग चलाने वाले अनिल पंडित की भूमिका की जांच

इस मामले में अमेरिका से गैंग संचालित करने के संदिग्ध अनिल पंडित का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी संभावित भूमिका की जांच कर रही है। उसे हरियाणा और दिल्ली में जबरन वसूली तथा हमले से जुड़े एक दर्जन से अधिक मामलों से जोड़कर देखा जा रहा है।

इसके अलावा, दिल्ली में दर्ज कई अन्य मामलों में भी उसकी कथित भूमिका की पड़ताल की जा रही है। इनमें एक चर्चित पंजाबी गायक के जिम के बाहर हुई फायरिंग का मामला भी शामिल बताया जा रहा है।

पुलिस खंगाल रही है हमले की पूरी साजिश

टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में पुलिस आरोपियों की गतिविधियों, उनके संपर्कों और संभावित साजिश की जांच कर रही है।11 अक्टूबर को फुटबॉल मैदान के पास उनकी मौजूदगी और उसके एक सप्ताह बाद हुई फायरिंग के बीच संबंध का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

फिलहाल, जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हमले की योजना कब बनाई गई थी और इसके पीछे किन लोगों की भूमिका थी।