मुजफ्फरपुरकी पुलिस ने एक बड़ा खुलासा किया है। चोरी की गई मोबाइल का IMEI बदलने का भंडाफोड़ हुआ है। यह गिरफ्तारी मोतीझील से की गई है। जहां पर युक्रेन के एक सोफ्टवेयर के जरिए मोटी रकम लेकर बदल दी जा रही थी। मोबाइल चोरी शिकायत वाले मामले का पुलिस बरामद नहीं कर पा रही थी। एक IMEI नम्बर से दो दो लोग मोबाइल इस्तेमाल कर रहे थे। इस बीच पुलिस को चोरी का मोबाइल के साथ एक आरोपी को पकड़ा उससे गहन पूछताछ हुई जिसके बाद पुलिस ने छापेमारी की जहां से पुलिस ने एक लैपटॉप, कई मोबाइल फोन कंप्यूटर और अन्य पेन ड्राइव के की अन्य समान को बरामद किया है। इसके साथ मोबाइल दुकानदार को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

मोबाइल चोरी कर IMEI बदल देते थे, पढ़िये पुलिस के शिकंजे में कैसे आया गिरोह

बताया जा रहा है मोतीझील में IMEI बदलने का खेल चल रहा था। इसकी भनक पुलिस को नहीं थी। चोरी की मोबाइल लेकर आने के बाद 2000 हजार से 4000 रूपया लेकर IMEI नम्बर बदल दी जा रही थी। उस बीच एक आरोपी चोरी के मोबाइल के साथ पकड़ा गया। उसके IMEI नम्बर की जांच हुई। एक ही आईइमआई नम्बर के दो दो जगह फोन चल रहा था। जिसके बाद उससे पुछताछ हुई। फिर खुलासा हुआ।

सिटी एसपी अवधेश दीक्षित ने बताया की यह बेहद ही गंभीर मामला है।और इस मामले में अब पुलिस अलर्ट मोड पर काम कर रही है और इस जानकारी को जेठानी में लगी है।और इस प्रकार के सॉफ्टवेयर का प्रयोग और कौन-कौन लोग कर रहे हैं और कितना कर रहे हैं इसके साथ ही।इसमें रांची के जिस व्यक्ति से या सॉफ्टवेयर खरीदा गया था उसकी जानकारी भी जुटाए जा रही है।मोबाइल फोन की टेंपरिंग IMEI के साथ में किए गए छेड़छाड़ सहित कई बिंदुओ पर जांच किया जा रहा है।इसके साथ ही और किन किन लोगो को यह बेचा है।इस मामले में जांच किया जा रहा है।