दिल्ली:लोकसभा और राज्यसभा से‘वंदे मातरम बिल’को मंजूरी मिलने के बाद मंगलवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस विधेयक को मंजूरी दे दी है. इससे अब यह कानून बन गया है.
अब इस कानून के लागू होने से राष्ट्रीय गीत‘वंदे मातरम’को जानबूझकर गाने से रोकना या उसमें बाधा देना अपराध माना जाएगा. इस बिल से इसे वही कानूनी सुरक्षा मिलेगी जो अभी राष्ट्रीय गान को मिलती है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मंजूरी के साथ ही,‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) बिल,2026’अब कानून बन गया है. यह कानून‘वंदे मातरम को राष्ट्रीय गान‘जन गण मन’के बराबर का दर्जा देता है.
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया है कि 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से‘वंदे मातरम’गाया जाएगा.
इससे पहले,‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम’के तहत राष्ट्रीय गान (जन गण मन) को जानबूझकर गाने से रोकने या उसे गाते समय किसी सभा में बाधा देने पर रोक थी. वहीं राष्ट्रीय गीत के लिए ऐसा कोई कानून नहीं था.
राष्ट्रीय गान का अपमान करने पर 3 साल तक की जेल,जुर्माना या दोनों हो सकते थे. वहीं दूसरी बार और उसके बाद हर बार दोषी पाए जाने पर कम से कम 1 साल की जेल का प्रावधान था.

